इनकम टैक्स भरने वालों को होगा फायदा, एक बड़ी झंझट हुई खत्म

देश में लोगों के जरिए अलग-अलग तरह के टैक्स भरे जाते हैं. इन टैक्स में एक इनकम टैक्स भी होता है. लोगों की आमदनी पर लगने वाले टैक्स को इनकम टैक्स या आयकर कहते हैं. हर साल इनकम टैक्स भरने वाले लोगों को टैक्स दाखिल करते वक्त कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इनकम टैक्स दाखिल करते वक्त ढ़ेर सारे फॉर्म को लेकर भी लोग परेशान हो जाते हैं. वहीं जब इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया जाता है लोग फॉर्म देखकर और ज्यादा कंन्फ्यूज हो जाते हैं. लेकिन अब इनटैक्स भरने वालों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है.

दरअसल, जल्द ही आपको इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म को पूरा भरने के झंझट से मुक्ति मिल सकती है. टैक्स पेयर्स को सुविधा देने के लिए इनकम टैक्स विभाग पहले से भरे हुए रिटर्न फॉर्म की योजना बना रहा है. इसके तहत फॉर्म में आपकी आय के स्रोत, निजी जानकारी और आय की जानकारी इनकम टैक्स विभाग पहले से ही भर देगा. टैक्स भरने वाले को इस फॉर्म को चेक करना होगा. इससे आपका समय बचेगा. साथ ही इनकम टैक्स विभाग को भी रिटर्न प्रोसेस करने में कम समय लगेगा. इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने के लिए अब सिर्फ एक दस्तख्त करने की जरूरत पड़ सकती है. बाकी का काम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट खुद करेगा. डिपार्टमेंट आपका इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म भर कर खुद आपको भेज देगा, जिसे आप सीधे जमा कर सकते हैं. आपको सिर्फ फॉर्म पर एक साइन करना होगा. अगर कुछ संशोधन करना होगा तो उसे भी कर सकते हैं. इस नई प्रक्रिया से आईटीआई फाइलिंग का काम आसान हो जाएगा.

इस प्रक्रिया में प्री-फाइल्ड यानि पहले से भरे हुए आईटीआर फॉर्म एम्प्लॉयर और बैंक से डाटा इकट्ठा करके आपके लिए तैयार इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में मदद करेंगे. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि आईटीआर तेजी से भरने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है. प्री-फाइल्ड इनकम टैक्स रिटर्न सीधे दाखिल किया जा सकता है. बस सिर्फ दस्तख्त करना होगा. या फिर कोई संशोधन करना चाहते हैं तो इसका भी विकल्प होगा.

करदाता साल 2017-18 के साल के लिए मार्च 2019 तक फाइन के साथ रिटर्न फाइल कर सकते हैं. अगर इसे भरने में 31 अगस्त से ज्यादा देर हो जाती है और दिसंबर के पहले भर देते हैं तो 5000 रुपए फाइन लगेगा. अगर दिसंबर के बाद भरते हैं तो फाइन दोगुना लगेगा. वहीं इनकम टैक्स रिटर्न भरने की ये आसान प्रक्रिया उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो कठिन टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया के कारण अपना इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरते हैं. ये नई प्रक्रिया इनकम टैक्स विभाग की टैक्सपेयर्स फ्रेंडली माहौल बनाने की कोशिशों के तहत लाई गई है.

इसके अलावा असेसी के लिए प्रक्रिया में बदलाव पर भी विचार हो रहा है. सिर्फ 7 दिन में रिटर्न को प्रोसेस करने की योजना बनाई जा रही है. सरल रिटर्न फॉर्म में 50 लाख तक की आय वालों के लिए 1 पेज का फॉर्म होगा. इसको भरने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. ऐसे में अगर आने वाले दिनों में अगर इनकम टैक्स रिटर्न को लेकर ये सुविधा अमल में लाई जाती है तो करदाताओं को इससे सीधा फायदा मिलेगा. साथ ही जो लोग लंबे चौड़े फॉर्म के कारण टैक्स भरने में आनाकानी करते थे उनको भी इस से सहूलियत मिलेगी. जिससे देश का राजस्व बढ़ेगा.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं जीएसटी का पूरा नाम क्या है?

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