Home Trending असली में कौन है 3 इडियट्स फिल्म वाला फुंसुक वांगड़ू?

असली में कौन है 3 इडियट्स फिल्म वाला फुंसुक वांगड़ू?

by Gwriter

फिल्म 3 इडियट्स के बड़े पर्दे पर आने के बाद लोगों ने फुंसुक वांगड़ू को ढूंढना शुरू कर दिया. फिल्म में दिखाए गए एक स्कूल और उसके अद्भुत आविष्कार के चलते लोगों ने स्कूल के फाउंडर सोनम वांगचुक को फुंसुक वांगड़ू के नाम से जानना शुरू कर दिया. लेकिन सोनम वांगचुक और फुंसुक वांगड़ू के बीच कितने गहरे संबंध है? या संबंध नहीं है? किसको पता था. सोनम वांगचुक जहां कहीं भी जाते लोग उन्हें फुंसुक वांगड़ू के नाम से बुलाते. सोनम वांगचुक से युवाओं और पत्रकारों का यही सवाल रहता है कि फुंसुक वांगड़ू कौन है? इसको लेकर सोनम वांगचुक ने एक शो में खुलासा करते हुए कहा कि ‘मैं फुंसुक वांगड़ू नहीं हूं. ना ही मेरा उस किरदार से कुछ लेना देना है’.

2009 में आई फिल्म 3 इडियट्स के किरदार फुंसुक वांगड़ू और सोनम वांगचुक के बीच के धागे जितने पतले रिश्ते को एक शो में वांगचुक ने क्लियर कर दिया. सोनम ने अपनी जिंदगी से जुड़ा किस्सा सुनाते हुए आमिर खान और उनकी मुलाकात का जिक्र किया. साथ ही सियाचिन ग्लेशियर पर भारत-पाक सीमा पर खर्च होने वाले पैसों को शिक्षा पर इस्तेमाल करने के लिए फिल्म बनाने का भी आइडिया दिया. दरअसल उनके काम को देखते हुए सीएनएन आईबीएन ने उन्हें सम्मानित करने के लिए मुंबई बुलाया था. जहां पर उनके काम को लेकर डॉक्यूमेंटरी भी दिखाई गई थी. उसी सम्मान समारोह में वांगचुक ने भारत- पाक सीमा पर हर दिन खर्च हो रहे पांच करोड़ रुपए को बचाने के लिए किसी फिल्म को बनाने का प्रस्ताव दिया. फिर 2008 में फिल्म 3 इडियट्स की कहानी लिखी गई. फिल्म शूट हुई और 2009 में रिलीज हुई.

इस दौरान सोनम वांगचुक आर्किटेक्चर के किसी फॉम को सीखने के लिए फ्रांस गए हुए थे. 2009 में फिल्म रिलीज के बाद सोनम वांगचुक को मेल, मैसेज और कॉल आनी शुरू हो गई. उनके स्कूल को लेकर लोगों ने उनकी तारीफ करनी शुरू कर दी. साथ ही सोनम वांगचुक को फुंसुक वांगड़ू के नाम से जाना जाने लगा. जब फिल्म में दिखाए गए स्कूल के बारे में सोनम को पता चला तो उन्होंने अपने स्कूल में फोन लगाकर फिल्म की शूटिंग की बात जानी. उन्हें पता चला कि फिल्म उनके स्कूल में नहीं बल्कि पास के किसी स्कूल में शूट हुई है. वांगचुक ने यह बताते हुए क्लियर कर दिया कि उस फिल्म से उनका कितना संबंध है. साथ ही फुंसुक वांगड़ू नाम के केरेक्टर को वह कितना जानते हैं.

दरअसल, फुंसुक वांगड़ू नाम का कोई आदमी है ही नहीं. वांगडू तो चेतन भगत और अभिजीत जोशी के दिमाग की उपज है. जो सोनम वांगचुक के काम से प्रेरित है. फिल्म के किरदार वांगडू और वांगचुक में काम को छोड़ कर कोई भी चीज एक जैसी नहीं है. वांगचुक ने फिल्म के किरदार को लेकर रिलीज के 2 साल बाद प्रोड्यूसर और एक्टर को पत्र भी लिखा. जिसका जवाब नहीं आया. वांगचुक यह सभी जानकारी देने के बाद कहते हैं कि देश में फिल्म और क्रिकेट को अत्याधिक प्यार मिलता है. जबकि असली प्यार तो शिक्षा और आविष्कार से करना चाहिए. तभी देश का नाम दुनिया में रोशन कर पाएंगे.

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