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यहां आप अच्छे से जान जाएंगे कि अखिलेश यादव और सीएम योगी की सरकार में क्या है अंतर !

यहां आप अच्छे से जान जाएंगे कि अखिलेश यादव और सीएम योगी की सरकार में क्या है अंतर !
उत्तर प्रदेश की जनता ने साल 2017 के विधानसभा चुनावों में प्रदेश में बीजेपी को पूर्ण बहुमत दिया. भारतीय जनता पार्टी की सरकार के आने के बाद यूपी में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया है. इससे पहले अखिलेश यादव सूबे के सीएम थे. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और योगी आदित्नाथ में काफी अंतर भी है. आइए जानते हैं कि अखिलेश यादव और सीएम योगी की सरकार में क्या-क्या अंतर देखने को मिला... अफसरों की तैनाती योगी सरकार ने यूपी की सत्ता संभालने के ढाई महीने में ही दो तिहाई मंडलों के कमिश्नर और 80 फीसदी से ज्यादा जिलों में कलेक्टर बदल दिए. इससे साफ है कि योगी प्रशासनिक मशीनरी में मॉनिटरिंग से जुड़ी अहम भूमिका वाले मंडलायुक्त के पदों पर डायरेक्ट आईएएस अधिकारियों को तो जिलाधिकारी के पदों पर प्रमोटी अफसरों को तवज्जो देना चाहते हैं. वहीं अखिलेश सरकार में जिलों में डायरेक्ट तो मंडलों में प्रमोटी अफसरों की भागीदारी ज्यादा दिखती थी. 100 दिन योगी राज में अपराध पर लगाम लगाने की बात की जा रही है. 19 मार्च से 26 जून 2017 तक योगी सरकार के शुरुआती 100 दिन में कुल 22,298 अपराध रजिस्टर हुए. हालांकि माना यह जा रहा है कि योगी सरकार में पुलिस न के बराबर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर रही है. वहीं 9 दिसंबर 2016 से 18 मार्च 2017 तक अखिलेश सरकार के आखिरी 100 दिन में पूरे यूपी में 27,067 आपराधिक मामले दर्ज हुए. ‘कौन बनेगा करोड़पति’ शो के ये राज आम जनता को नहीं मालूम…! छवि जहां योगी की छवि कट्टर हिंदूवादी इंसान की रही है और है तो वहीं अखिलेश यादव की छवि सर्वजन नेता की है. अखिलेश यादव ने कभी खुद को किसी जातिगत ढांचे में नहीं ढाला. उन्होंने हिन्दुओं के अलावा हर धर्म, हर जाति और हर संप्रदाय के लोगों का सम्मान किया. जबकि योगी आदित्यनाथ के साथ आरएसएस का पूरा संगठन है. इतिहास में आरएसएस को एक हिंदूवादी संगठन माना जाता है. महिला की सुरक्षा महिलाओं की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण करने में अखिलेश यादव ने डायल 1090 और डायल 100 जारी किया था. जिसके कारण कुछ हद तक अपराधों पर लगाम भी लगी. लेकिन योगी सरकार कुछ नया नहीं कर पाई और डायल 100 को ही रोमियो स्क्वाड बना दिया. जिसके बाद कई बार तो यागी सरकार में ऐसा हुआ कि सड़क पर चलते हुए सगे भाई बहन को भी पुलिस वालों ने लैला मजनू समझ कर जलील किया. दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर बताएं कि योगी आदित्यनाथ किस राजनीतिक पार्टी से जुड़े हुए हैं.