क्या वाकई इस देश में मौजूद है समुद्र मंथन के अंत में निकला 'अमृत कलश' ?

क्या वाकई इस देश में मौजूद है समुद्र मंथन के अंत में निकला 'अमृत कलश' ?
दुर्वासा ऋषि ने अपना अपमान होने के कारण देवराज इन्द्र को ‘श्री’ (लक्ष्मी) से हीन हो जाने का श्राप दे दिया था. भगवान विष्णु ने इंद्र को श्राप मुक्ति के लिए असुरों के साथ 'समुद्र मंथन' के लिए कहा और दैत्यों को अमृत का लालच दिया. इस तरह से समुद्र मंथन शुरू हुआ. यह समुद्र था क्षीर सागर, जिसे आज हिन्द महासागर कहते हैं. जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन आरंभ किया, तब भगवान विष्णु ने कच्छप बनकर मंथन में भाग लिया. वे समुद्र के बीचोबीच में स्थिर रहे और उनके ऊपर रखा गया मदरांचल पर्वत. फिर वासुकी नाग को रस्सी बनाकर एक ओर से देवता और दूसरी ओर से दैत्यों ने समुद्र का मंथन करना शुरू कर दिया. इस समुद्र मंथन के अंत में अमृत का कलश निकला था. लेकिन उस अमृत कलश का क्या हुआ, यह कोई नहीं जानता. हालांकि अब मुस्लिम देश इंडोनेशिया में एक ऐसा मंदिर है जहां अमृत कलश होना का दावा किया जाता है. कंडी सुकुह नाम के इस प्राचीन मंदिर में ऐसा कलश मौजूद है जिसमें एक द्रव्य न जाने कितने हजारों सालों से मौजूद है. माना जाता है कि ये अमृत है जो हजारों साल से नहीं सूखा. ऐसी भी मान्यता है कि ये वही कलश है जो समुद्र मंथन के दौरान निकला था, जिसमें एक शिवलिंग भी है. …तो इस वजह से सावन के महीने में नई शादीशुदा औरतें चली जाती हैं मायके ! मंदिर में एक दीवार पर महाभारत का आदिपर्व अंकित किया हुआ है. सन 2016 की शुरुआत में यहां का पुरातत्व विभाग मरम्मत का कार्य करवा रहा था, तभी इसी दीवार की नींव से एक्सपर्ट्स की टीम को जो मिला उसे इस मंदिर के बारे में उनकी राय हमेशा के लिए बदल गई. एक्सपर्ट्स की टीम को एक तांबे का कलश मिला, जिसमें एक पारदर्शी शिवलिंग जुड़ा हुआ था. इसके भीतर एक खास लिक्विड भरा हुआ है. रिसर्च में पाया गया कि तांबे के बर्तन से इसकी बड़ी बारीक जुड़ाई की गई है ताकि इसे किसी भी तरह खोला न जा सके. सबसे हैरानी की बात ये है कि जिस दीवार में ये पाया गया, उस पर ‘अमृत मंथन’ की नक्काशी मौजूद है मंदिर में खजुराहो की तरह ‘काम में लिप्त’ मूर्तियां और मात्र एक दीवार पर आदिपर्व का होना आश्चर्य पैदा करता है. इस कलश की कॉर्बन डेटिंग लगभग बारहवीं सदी की बताई गई. इस काल में मलेशिया सम्पूर्ण हिन्दू राष्ट्र था, लेकिन पंद्रहवी सदी में जब इस्लाम से खतरा हुआ तो इस नायाब वस्तु को इस मंदिर में छुपा दिया गया होगा. इस कलश और लिंग के साथ और भी कई कीमती रत्न मिले हैं. दोस्तों, नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंटकर बताइए की नीलकंठ किस हिंदू भगवान को कहा जाता है..? सवाल का सही जवाब देने वाले 10 लकी विजेताओं को मिल सकता है सरप्राइज गिफ्ट...!