Home Facts धीरुभाई अंबानी ने कहां से की कारोबार की शुरुआत?

धीरुभाई अंबानी ने कहां से की कारोबार की शुरुआत?

by Gwriter

मुकेश अंबानी………. शायद ही कोई होगा जिसने ये नाम ना सुना हो या इनके बारे में ना जानता हो. अंबानी परिवार किसी न किसी कारण से आकर्षण का केंद्र बना रहता है. फिर चाहे वो उनके घर की शादियां हो या फिर उनका घर हो.. एक ऐसा नाम जो दुनिया के टॉप 10 बिजनेसमैन में शुमार है. वहीं दूसरी ओर उनके भाई अनिल अंबानी कर्ज में डूबे हुए है. ऐसे में क्या आप जानना नहीं चाहेंगे कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की शुरुआत कब कैसे और किसने की.

वीकेंड में फ्राइड फूड बेचने से लेकर पेट्रोल अटेंडेंट बनने तक, भारत में व्यवसाय के परिदृश्य को बदलने का श्रेय धीरुभाई अंबानी को ही दिया जाता है. एक ऐसा प्रेरणादायक व्यक्ति जिसने रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना की और जिसकी शक्तिशाली विरासत को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा. दरअसल, मुकेश और अनिल अंबानी के पिता धीरुभाई अंबानी का जीवन बहुत ही साधारण था. धीरूभाई का जीवन उनके बच्चों के जीवन के बिल्कुल विपरीत था.

गुजरात में जन्में धीरुभाई के पिता गांव के स्कूल में ही टीचर थे लेकिन धीरुभाई अंबानी को बचपन से ही पैसा कमाने में खासी दिलचस्पी थी. स्कूल बंक कर वो लोगों को सामान बेचते हुए देखा करते थे. स्कूल बंक करने के लिए मां से फटकार भी खाई, लेकिन धीरुभाई ने पैसे कमाने की ठानी और वीकेंड में भजिए और फ्राइड फूड बेचना शुरू कर दिया. स्कूल खत्म होने के बाद उन्हें यमन भेज दिया गया. जहां उन्होने एक ट्रेडिंग कंपनी में गैस अटेंडेंट और और कार्यालय क्लर्क के रूप में काम किया.

प्रमोशन के बाद उन्होंने अपने पैसे को बचाया ताकि वो घर वापस आकर अपना बिजनेस शुरू कर सकें. वापस आकर उन्होंने एक
पॉलिएस्टर यार्न इंपोर्ट एक्सपोर्ट कंपनी शुरू की और बाद में रिलायंस कॉर्मिशयल कॉरपोरेशन की स्थापाना की. यह कदम काफी आकर्षक साबित हुआ, लेकिन अंबानी वर्षों तक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक छोटे से फ्लैट में ही रहे. जब तक कि वे मुंबई के अल्टामाउंट रोड में एक बड़े घर में नहीं चले गए.

इसके अलावा रिलायंस के पहले ही आईपीओ ने 50000 से ज्यादा निवेशकों का ध्यान अपनी और खींचा. रिलायंस से पहले, भारत में व्यापार पर केवल कुछ ही औद्योगिक घरानों का राज था. बाजार में एक अंतर रखने की उनकी क्षमता और अलग विचारों ने देखा कि कपड़ा और पेट्रोकेमिकल कंपनी दुनिया भर में एक पॉवरहाउस बन गई है. भारतीय कंपनियों के परिदृश्य को बदलने के लिए व्यापार जगत में अंबानी को मान्यता दी गई है. उनकी पत्नी, कोकिलाबेन ने कहा कि उनका जन्म एक ख्याति प्राप्त व्यक्ति के रूप में हुआ था, उन्होंने उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में बताया जो हमेशा सकारात्मक पक्ष को देखता था.

हालांकि 2002 में एक बड़े स्ट्रोक से पीड़ित होने के बाद धीरुभाई का निधन हो गया. उनकी मौत पर लाखों लोगों ने शोक व्यक्त किया. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनके लिए कहा था कि उनकी मृत्यु इस बात का प्रमाण है कि एक साधारण भारतीय उद्यम की भावना से प्रेरित होकर अपने जीवनकाल में क्या-क्या कर सकता है.

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