अगर राम मंदिर तो बना तो देश में भूचाल आ सकता है!

देश में इन दिनों सबसे जलजलाता मुद्दा कोई है तो वो राम मंदिर है. न्यूज चैनल पर प्रइम टाइम डिबेट हो या फिर अखबारों में संपादकीय, यहां तक की सोशल मीडिया पर भी अगर कोई मुद्दा सुबह से उठकर रात को सोने तक चर्चा का विषय हैं तो वो है अयोध्या का राम मंदिर. अयोध्या में राम जन्म भूमि पर राम मंदिर 2019 लोकसभा चुनावों में एक बार फिर से अहम किरदार में दिखाई देने वाला है. हालांकि फिलहाल ये मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं लेकिन बीजेपी इस वादे के साथ सत्ता में आई थी कि वो ‘मंदिर वहीं बनाएगी’. मंदिर या मस्जिद को लेकर ऐसे में कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा. ऐसे में यहां जानिए अगर अयोध्या में मंदिर बनेगा तो क्या हो सकता है…

सांप्रदायिक दंगे होने का डर

ये देश के धर्मों के बीच का सबसे बड़ा मुद्दा है. ऐसे में फैसला भले ही किसी धर्म के पक्ष में हो या फिर किसी के विरोध में लेकिन सबसे बड़ा खतरा सांप्रदायिक दंगे होने का है. देश में अक्सर ही छोटी बड़ी बातों से लेकर फिल्मों तक लोगों की भावनाएं आहत होने की खबरें आती रहती है. हर कोई अपनी आजादी और अपने धर्म के लिए किसी को अपने आगे नहीं आने देता. ऐसे में राम मंदिर को बहुत बड़ा मुद्दा है. फैसले के वक्त देश भर में कड़ी सुरक्षा के बीच भी ऐसे दंगे होने का डर रहेगा ही.

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राजनीतिक फायदा

राम मंदिर का मुद्दा 2014 लोकसभा चुनावों में बीजेपी की सरकार ने उठाया और इसकी बदौलत भारी मतों से जीतते हुए सत्ता में भी आ गई. लेकिन पांच साल का कार्यकाल पूरा होने को है और मंदिर को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है. ऐसे में जिस भी पार्टी के कार्यकाल के दौरान मंदिर का फैसला होगा, उस पार्टी को काफी फायदा मिलेगा क्योंकि राजनीति की बात करें तो देश के वोट बैंक का कुछ हिस्सा उसी पार्टी के पास आ जाएगा. मंदिर का राग अलापना भले ही बीजेपी ने शुरू किया हो लेकिन अब इसमें कांग्रेस भी किसी से पीछे नहीं है.

मुस्लिम समाज में भय का माहौल

भारत में मुस्लिम धर्म के लोग अल्पसंख्यक है. ऐसे में मंदिर बनने के बाद उनकी धार्मिक भावनओं समेत सभी लोगों में एक भय का माहौल पैदा हो जाएगा. भारत एक धर्मनिरपेक्षक देश है और ऐसे देश में किसी भी धर्म को लोगो में अपने धर्म को लेकर भय होना अच्छी बात नहीं है. राम मंदिर बनता है तो देश में देखने को मिलेगा की कहीं न कहीं देश के मुस्लिमों में एक डर पैदा होगा.

हिन्दु प्रधानता

राम मंदिर तभी बनेगा जब सुप्रीम कोर्ट इसके पक्ष में फैसला करेगा. दो पक्षों के बीच में किसी एक के पक्ष में इतना बड़ा फैसला आएगा तो उसमें प्रधानता की भावना आना तो लाजमी ही होगा. राम मंदिर बनेगा तो हिंदुओं में प्रधानता का माहौल पैदा हो जाएगा. जो कि राष्ट्र के लिए अच्छी बात नही हैं. भारत में सभी धर्म पाए जाते हैं ऐसे में किसी एक धर्म का सीना चौड़ा होगा जो कि लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं होगा. ऐसे में राम के नाम पर राजनीति अच्छी बात नहीं है.

अल्पसंख्यक के खिलाफ फैसला

अगर राम मंदिर का फैसला हिंदुओं के पक्ष में आता है तो जाहिर है कि हिंदु मुस्लिमों के विरोध में आ जाएगें. देश में मुस्लिम अल्पसंख्या में हैं. ऐसे में राम मंदिर बनेगा तो वो अल्पसंख्यकों के खिलाफ होगा.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि राम मंदिर बनना चाहिए की नहीं बनना चाहिए?

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