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इन 5 कारणों से 2019 में मोदी सरकार को एक ओर मौका दिया जा सकता है !

इन 5 कारणों से 2019 में मोदी सरकार को एक ओर मौका दिया जा सकता है !
साल 2019 में लोकसभा चुनाव होंगे. इन चुनाव में जीत हासिल करने के लिए राजनीतिक पार्टियां अभी से काम करने लगी है. ऐसे में साल 2014 में जीत हासिल करने वाली बीजेपी भी अपनी सत्ता को बचाने के प्रयास में जुटी हुई है. मोदी सरकार ने बीते कई सालों में कुछ ऐसे काम किए हैं, जिनका असर आने वाले सालों में जरूर दिख सकता है. ऐसे में आज नजर डालते हैं उन कारणों पर जिनके चलते मोदी सरकार को 2019 में एक ओर मौका दिया जा सकता है.... बुलेट ट्रेन मोदी सरकार में भारत में बुलेट ट्रेन की नींव रखी गई. भारत को मोदी सरकार में ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने की शुरुआत हुई. ऐसे में भारत ने भी विकसित देश बनने की तरफ एक कदम बढ़ा दिया. जिसके कारण मोदी सरकार को एक ओर मौका दिया जा सकता है. भ्रष्टाचार मुक्त मोदी सरकार की खास बात रही कि सरकार का नाम किसी भ्रष्टाचार में नहीं आया और न ही किसी नेता का नाम भ्रष्टाचार में उजागर हुआ. जबकि पिछली सरकार 2-जी स्कैम, कोयला स्कैम, कॉमनवेल्थ स्कैम, चॉपर स्कैम, आदर्श स्कैम के आरोपों में घिरी रही. हालांकि मोदी सरकार के दौरान राज्य सरकारों पर घोटालों के आरोप लगते रहे हैं. लेकिन उनके खिलाफ किसी तरह के कोई आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं. इन चार वजहों से 2019 चुनाव में मोदी सरकार को वोट नहीं करेगी जनता ! जन-धन योजना पीएम मोदी के जरिए शुरू की गई जन-धन योजना का मकसद देश के हर नागरिक को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना है. वहीं इस योजना के तहत 30 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा भी मिला है. माना जाता है कि आर्थिक जगत के क्षेत्र में ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है. वहीं इस योजना के तहत एक सप्ताह में सबसे अधिक 1,80,96,130 बैंक खाते खोलने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया. मुद्रा योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) एक गैर-कार्पोरेट, गैर-कृषि लघु उद्यमों को 10 लाख तक की ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है. ये लोन पीएमएमवाई के तहत बांटे जाते हैं. ये लोन वाणिज्यिक बैंक, आरआरबी, लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, एमएफआई और एनबीएफसी के जरिए दिए गए हैं. इसके तहत काफी लोगों को लोन दिया गया है. कौशल विकास प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का उद्देश्य देश के युवाओं को उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग देना है जिससे उन्हें रोजगार पाने में मदद मिल सके. इसमें ट्रेनिंग की फीस सरकार खुद भुगतान करती है. सरकार इस स्कीम के जरिए कम पढ़े लिखे या 10वीं, 12वीं कक्षा, ड्रॉप आउट युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देती है. सरकार ने 2020 तक एक करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है. दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर बताएं कि क्या आप मोदी जी को एक ओर मौका देंगे या नहीं.
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