यात्रियों को रेलवे के इन नियमों की नहीं होती जानकारी, पहली बार जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे

भारत में ट्रेन के जरिए ट्रैवल करना काफी आम बात है. भारतीय रेल को भारतीय यातायात की लाइफ लाइन की तरह देखा जाता है क्योंकि ट्रेन ट्रैवलिंग का एक ऐसा माध्यम है जिससे गरीब तबके से लेकर अमीर तबके वाले लोग भी आसानी से ट्रैवल करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि भारतीय रेलवे से जुड़े कुछ खास नियम ज्यादातार यात्रियों को मालूम नहीं होते हैं. वहीं काफी कम ही ऐसा देखा गया है कि रेलवे इन नियमों के बारे में यात्रियों को बताता हो या जागरूक करता हो. ऐसे में हम आपको आज बताते हैं रेलवे के कुछ अनजाने नियमों के बारे में…

सामान का वजन

क्या आपको पता है कि रेलवे के किस कोच में एक यात्री कितना किलो सामान लेकर जा सकता है? दरअसल, रेलवे ने हर कोच के हिसाब से ले जाने वाले सामान की सीमा तय कर रखी है. इसके मुताबिक प्रति व्यक्ति फर्स्ट एसी में 70 किलोग्राम, सेकेंड एसी में 50 किलोग्राम, थर्ड एसी और चेयरकार में 40 किलोग्राम, स्लीपर में 40 और जनरल में 35 किलोग्राम जबकि वेंडर्स के लिए 65 किलोग्राम समयसीमा तय है. हालांकि ज्यादातर रेल यात्रियों को इस नियम के बारे में जानकारी नहीं होती है और वे तय वजन सीमा से ज्यादा वजन ले जाते हैं.

इंटरनेट पर इन खूबसूरत हसीनाओं को न करें सर्च, वरना बहुत बड़ी दिक्कत में पड़ सकते हैं आप

टिकट का वेरिफिकेशन

ट्रेन में कई बार टीटीई बेवजह परेशान करते हैं. टिकट चेकिंग के नाम पर कई बार पैसेंजर को रात में परेशान होना पड़ता है. हालांकि रेलवे नियमों के मुताबिक टीटीई आपको रात 10 बजे के बाद डिस्टर्ब नहीं कर सकता है. टीटीई को सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच ही टिकटों का वेरिफिकेशन करना जरूरी है.

डुप्लीकेट टिकट

कई बार यात्रा करने से पहले ही आपका टिकट गुम हो जाता है. ऐसे में रेल यात्री काफी परेशान हो जाता है और नई टिकट करवा लेता है. इससे उसका पैसा दोगुना लग जाता है. लेकिन अगर आपकी रेलवे टिकट गुम हो जाती है तो यात्रा से 24 घंटे पहले आप बोर्डिंग स्टेशन के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास जाकर डुप्लिकेट टिकट जारी करने का आग्रह करते हुए आवेदन दे सकते हैं. उसके बाद एक प्रक्रिया के चलते आपको डुप्लीकेट टिकट आंवटित कर दी जाएगी.

अगर छूट जाए ट्रेन

कई बार ट्रेन हमसे मिस हो जाती है. अक्सर ट्रैफिक की वजह से हम हमारे बोर्डिंग स्टेशन तक टाइम पर नहीं पहुंच पाते हैं और ट्रेन हाथ से निकल जाती है. हालांकि ऐसे हालात में घबराने की कोई जरूरत नहीं है. क्योंकि अगर आप टिकट खरीदने के बाद यात्रा नहीं करते हैं तो टीटीई आपकी सीट आपके स्टॉप से अगले दो स्टॉप तक किसी को भी नहीं दे सकता. साथ ही टीटीई को आपका एक घंटे तक इंतजार करना होगा. इसका मतलब ये है कि आप अगले स्टेशन से भी ट्रेन पकड़े सकते हैं. वहीं अगर आपकी ट्रेन छूट जाती है तो आप टीडीआर यानी टिकट डिपॉजिट रिसीट भी फाइल कर सकते हैं. अगर यह मंजूर हो जाता है तो बेस फेयर का 50 फीसदी रिफंड आपको मिल जाएगा.

डेस्टिनेशन स्टेशन से पहले यात्रा खत्म

कई बार ट्रेन अपने डेस्टिनेशन स्टेशन तक नहीं पहुंच पाती है और किसी मजबूरी की वजह से यात्रा को पहले ही खत्म कर दिया जाता है. अगर आपकी ट्रेन यात्रा किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य कोई दिक्कत की वजह से आपके डेस्टिनेशन से पहले खत्म हो जाती है तो इसके लिए वैकल्पिक प्रंबध है, जिससे आप पैसों के लिए दावा कर सकते हैं.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि आप ज्यादातर रेलवे के किस कोच में यात्रा करते हैं.

(Visited 107 times, 1 visits today)

सुझाव कॉमेंट करें

About The Author

आपके लिए :