बाबा रामदेव की अनजानी बातें, असलियत जानकर हर कोई रह जाएगा दंग!

योग की बात हो और बाबा रामदेव की चर्चा न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है. आज भारत में योग और बाबा रामदेव एक दूसरे के प्रयाय बन चुके हैं. योग गुरु बाबा रामदेव को न केवल भारत में ही बल्कि विश्व में सभी लोग अच्छी तरह से जानते है. बाबा रामदेव वो व्यक्ति है जिन्होंने योग को पुरे विश्व में फैलाया है. योग के साथ-साथ उन्होंने पतंजलि नामक एक संस्थान भी खोला, जहां पर उन्होंने स्वदेशी उत्पादों का निर्माण शुरू किया जो आज हर प्रकार के उत्पाद बनाती है. वहीं बाबा रामदेव भारत के राजनीतीक मुद्दों पर भी बात करते है, इन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान भी शुरू किया और कभी-कभी तीखे राजनीतिक बयान भी देते रहते हैं. जिसके कारण बाबा रामदेव कई नेताओं के निशाने पर भी रहते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं बाबा रामदेव की जिंदगी से जुड़े कुछ अनजान तथ्यों के बारे में…

सत्यार्थ प्रकाश का असर

1875 में लिखी दयानंद सरस्वती की किताब ‘सत्यार्थ प्रकाश’ का रामदेव पर गहरा असर पड़ा था. सरस्वती के इसी प्रभाव के कारण रामदेव कभी फोन पर हैलो नहीं कहते. इसके बजाय वह ओम का जाप करते हैं. बाबा रामदेव के प्रेरणास्रोत रामप्रसाद बिस्मिल और सुभाष चंद्र बोस भी रहे हैं. इन्‍होंने हिमालय की कंदराओं में भी मेडिटेशन और स्‍वअनुशासन का अभ्‍यास करते हुए काफी दिन बिताए हैं.

पढ़ाई छोड़ी

बाबा ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और घर से भागकर योग सीखने लगे थे. हालांकि बाबा के पास चार यूनिवर्सिटीयों से मिली डॉक्‍टरेट की डिग्री है.

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स्कूटर

पुरानी चीजें लोगों को काफी प्यारी होती है और रामदेव बाबा को भी पुरानी चीजों से काफी लगाव है. बाबा रामदेव ने आज भी अपना बजाज कंपनी का 90 के दशक का स्कूटर संभाल कर रखा है. इस स्कूटर पर वह दवाइयां बेचते थे. यह उन्हें आज भी बहुत अजीज है.

योग की क्लास

शुरुआती दिनों में रामदेव योग की छोटी-छोटी क्लासेस देते थे और कई जगह छोटे-छोटे कैंप लगाते थे जिनमें आने वाले लोगों की संख्या मात्र 30 से 40 हुआ करती थी, लेकिन योग से लोगों को फर्क पड़ने लगा तो बाबा ने इसकी फीस रख डाली. लोग बताते हैं कि बाबा उस वक्त फीस के एवज में 30 से 50 रुपया लिया करते थे. बाद में आस्‍था चैनल पर योगा के प्रोग्राम से इन्‍हें लोकप्रियता मिली.

स्वदेशी

रामदेव पूरी तरह से स्वदेशी अपनाने वालों में से हैं. इसकी सलाह वे अन्य लोगों को भी देते हैं. इसलिए वे आज भी महिंद्रा की स्कॉर्पियो से ही आना-जाना करते हैं। फोन भी वे माइक्रोमैक्स का इस्तेमाल करते हैं. यहां तक कि वे भरी गर्मी में भी सोने के लिए एसी का इस्‍तेमाल नहीं करते हैं. बाबा रामदेव हमेशा फर्श पर ही सोते हैं.

शाकाहारी

बाबा रामदेव रोज 18 से 20 घंटे काम करते हैं. रोज सुबह 3 बजे जगकर ही एक्‍सरसाइज में लग जाते हैं. बाबा शाकाहारी है और अनाज बिलकुल नहीं खाते बल्कि हमेशा फ्रूट्स का सेवन करते है और जूस का भी अधिक से अधिक सेवन करते है. साथ ही बाबा रामदेव को पश्चिमी फूड आइटम्स से काफी नफरत है और सॉफ्ट ड्रिंक्‍स को टॉयलेट क्लीनर्स बताते है.

संस्कृत में बातें

बाबा रामदेव और पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण आपस में संस्कृत में बातें करते हैं. हालांकि आम जनता के सामने वे हिंदी में ही बोलते हैं.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर बताएं कि बाबा रामदेव हमेशा कौनसे रंग के कपड़े पहनते हैं.

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