आब-ए-जमजम के पानी की चौंकाने वाली खासियतें, वैज्ञानिक भी हैं हैरान

आब-ए-जमजम के पानी को दुनिया एक ऐसा अजूबा माना जाता है जिसके कारण बड़े से बड़े इंजीनियर और वैज्ञानिक हैरान हैं. इस्लामिक धर्म के अनुसार आबे जमजम के पानी का बहुत ही महत्व है. इस पानी का कुआं सऊदी अरब के मक्का में खाना काबा से 20 मीटर दूर मिलता है. यहीं से लोग इसे अपने घर लेकर जाते हैं. आबे जमजम के पानी के कुएं के बारे में ऐतिहासिक परंपराओं में वर्णन है कि ये कुआं इब्राहिम के बेटे हजरत इस्माइल की एड़ी रगड़ने से निकला है.

इस्लाम के अनुसार हजरत इब्राहिम को करीब पांच हजार साल पहले अल्लाह से आदेश मिला कि वह अपनी विधवा हाजरा और बेटे स्माइल को मक्का की खाड़ी घाटी में छोड़ दें. हाजरा के पास जब खाना पानी खत्म हो गया तो सफा और मरवा की पहाड़ियों के बीच पानी की तलाश शुरू की. ऐसे में हजरत गेब्रियल आए और अल्लाह के हुक्म से इस्माइल की एड़ी के नीचे पानी का फव्वारा शुरू कर दिया. इसी फब्बारे से हाजरा ने बेटे को पानी पिलाया. इसीको आबे जमजम का कुआं कहा जाता है. यहां जानिए इस पानी से जुड़ी कुछ खास बातें…

+ ये कुआं लगभग दो करोड़ लोगों को पानी पिलाता है. इस कुएं में ऐसी मोटर लगाई गईं हैं जो हर सेकेंड 8,000 लीटर पानी खींचती हैं. ये 24 घंटे चलता रहता है.

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+ इस कुएं को भरने में सिर्फ 12 मिनट लगते हैं. इसलिए इसके पानी का लेवल कभी भी कम नहीं होता. दिन भर में मोटर को कई बार चलाया जाता है.

+ आबे जमजम के पानी की सबसे बड़ी खास बात ये हैं कि ये पानी कभी नहीं सूखता. माना जाता है कि जिस दिन से इसमें पानी शुरू हुआ तब से यह कभी सूखा नहीं और कयामत तक ये पानी नहीं सूखेगा.

+ इस पानी का स्वाद किसी भी दूसरे पानी से अलग होता है. आबे जमजम का पानी काफी मीठा होता है. पानी जिस दिन से शुरू हुआ है तब से इस पानी का जायका कभी नहीं बदला.

+ इस कुएं में कोई हरियाली या पेड़ पौधे नहीं उगते. इसलिए ये पानी ना तो कभी मैला होता और ना ही इससे कोई बीमारी होती है.

+ दिल के रोगियों के लिए साथ ही हर तरह की बीमारियों के लिए भी पानी जादुई दवा का काम करती है. कहा जाता है कि बीमारी को ठीक करने के इरादे से अगर इस पानी को पीया जाए तो वह बीमारी जरूर ठीक हो जाती है.

+ ये पानी किसी को नुकसान नहीं देता. पानी में ये खासियत है कि ये हर किसी को सूट करता है. इसके साथ ही पानी को शुद्ध करने के लिए किसी भी दूसरी चीज का इस्तेमाल नहीं किया जाता. ये पानी प्रकृतिक रूप से ही शुद्ध होता है.

+ उमरा करने आए हजयात्री इस पानी को पीते हैं और खुद को पहले से कहीं ज्यादा उर्जावान महसूस करते हैं. इतना ही नहीं, इस पानी को लोग अपने साथ लेकर भी जाते हैं.

+ जमजम के पानी का एक सेंपल यूरोप की लैबोरेट्री में जांच के लिए भेजा गया था, जिसमें पता चला कि जमजम का पानी इंसान के लिए रब की एक बेहतरीन नेमत है.

+ सबसे दिलचस्प बात ये है कि मीलों फैले रेगिस्तान में जहां सिर्फ रेत ही रेत है, वहीं ये कुआं लाखों लोगों की पानी की जरूरतों को पूरा करता है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि पानी को लीटर में मापा जाता है या किलो में मापा जाता है?

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