बॉडी लैंग्वेज भी है बड़े काम की चीज, लोगों पर करती है जादू जैसा असर!

हर इंसान की अपनी अलग शारीरिक भाषा यानी बॉडी लैंग्वेज होती है. इंसान चाहे कितना भी मीठा क्यों न बोले, उसका व्यवहार कितना भी अच्छा क्यों न हो, अगर उसकी बॉडी लैंग्वेज में खोट है तो इसका सामने वाले पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि हम जो सोच रहे हैं, जो बोल रहे हैं उसका हमारी शारीरिक भाषा के साथ सामंजस्य हो. बॉडी लैंग्वेज का कामकाज और सफलता पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है. आपके अंदर भले ही टैलेंट भरा हुआ हो, लेकिन अगर इसके साथ आपकी बॉडी लैंग्वेज में दोष है तो यह आपकी सफलता की राह में रोड़ा साबित हो सकता है. आइए आज यहां जानते हैं कि आपकी बॉडी लैंग्वेज आपके बारे में क्या बताती है…

बैठने का तरीका
आप कैसे बैठते हैं यह काफी मायने रखता है. बैठते वक्त आपकी कमर सीधी होनी चाहिए और पैर आराम से जमीन पर रखे हों. दोनों पैरों के बीच कम-से-कम फासला होना चाहिए. ऐसा करने से आप काफी पॉजिटिव विचार वाले इंसान के रूप में देखे जाते हैं. वहीं इस बात का भी ध्यान रखें कि दोनों पैर क्रॉस करके नहीं बैठना चाहिए. इससे ऐसा लगता है कि आपको खुद पर भरोसा नहीं है और आप कुछ छुपा रहे हैं.

आई कॉन्टेक्ट
हमेशा लोगों से बात करते वक्त आई कॉन्टेक्ट रखना चाहिए. आई कॉन्टेक्ट करने से आप आत्मविश्वासी इंसान के तौर पर देखे जाते हैं. अगर आप बिना आई कॉन्टेक्ट के और नजरे बचाकर बात करेंगे तो सामने वाले को लगता है कि आप उसे नजरअंदाज कर रहे हैं और उससे बात करने में आपको कोई दिलचस्पी नहीं है. वहीं आंख‍ मिलाकर बात करने का मतलब सामने वालों की आंखों में आंखे डालकर बात करने से है, इसका मतलब घूरना नहीं होता. आम तौर पर बातचीत के क्रम में एक बार में 7-10 सेकेंड तक आंख मिलाकर बात करें. फिर पलक झपकाएं. साथ ही कई लोग बातचीत के दौरान आंखें गोल-गोल घुमाते हैं. ऐसा करने से बचें. अगर यह आपकी आदत है तो इसे बदलने की कोशिश करें.

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चेहरे के हाव भाव
आप जो बोल रहे हैं, वह आपके चेहरे पर भी दिखना चाहिए. मसलन अगर आप दुखी हैं तो यह चेहरे पर दिखना चाहिए. परेशान हैं तो दिखना चाहिए. आप अगर खुश हैं तो आपकी खुशी भी चेहरे पर दिखनी चाहिए. वरना सामने वाला आप पर कतई विश्वास नहीं करेगा.

हाथ मिलाना
आपका लोगों से हाथ मिलना भी काफी कुछ बयां करता है. कभी भी हल्के हाथ या बेफिक्री के अंदाज में हाथ न मिलाएं. इससे ऐसा लगता है जैसे आपके अंदर आत्मविश्वास की कमी है. जब हाथ मिलाएं तो पूरी स्फूर्ति और ताजगी के साथ मिलाएं. आप जिससे हाथ मिला रहे हैं उसे गर्मजोशी का अहसास होना चाहिए.

हाथ और सिर हिलाना
सामने वाले की बात से सहमत होने पर हम सिर हिलाकर उसका समर्थन करते हैं, लेकिन बेवजह हर बात पर या हद से अधि‍क सिर हिलाने से बचें. ऐसा आपका गलत इंप्रेशन दूसरे पर जाता है. वहीं अपने हाथों को भी काबू में रखना चाहिए. बातचीत के दौरान हाथों की मूवमेंट ज्यादा न करें. बार-बार हाथ हिलाने से आपके जरिए कही जा रही बातों का प्रभाव कम हो जाता है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर बताएं कि आपकी फेवरेट हीरोइन का नाम क्या है.

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