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तालिबान का खूंखार बदला, अमेरिका खुश AK

by GwriterBSP

जिस खूंखार गृह युद्ध का सबको पता था वह अब शुरू हो गया है। अमेरिका के जाते ही तालिबान ने अपने सबसे बड़े दुश्मन आईएसआईएस खुरासान पर ताबड़तोड़ हमलों की बारिश कर दी है। अंदाज़ा तो कल ही लग गया था जब तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन से पूछा गया कि तालिबान आईएसआईएस खुरासान से कैसे निपटेंगा तब सुहैल शाहीन ने कहा आईएसआईएस खुरासान को हम जल्दी ही ख़त्म कर देंगे।
अमेरिका के जाते ही तालिबान ने आईएसआईएस खुरासान के काफ़िले पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिकी सेना द्वारा छोड़े गए हथियारों का पूरा प्रयोग करते हुए तालिबान ने आईएसआईएस खुरासान के आतंकवादियों की गाड़ियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और उसके बाद गाड़ियों को रॉकेट लांचर से उड़ा दिया यही नहीं इसका वीडियो बनाकर भी तालिबान ने इंटरनेट पर डाला है।
यह वीडियो देख कोई खुश हो या ना हो लेकिन अमेरिका सबसे ज्यादा खुश हो रहा होगा। बल्कि अमेरिका तो खुशी मना रहा होगा की उसके सैनिकों को मारने वाले आतंकियों को तालिबान ने गोलियों से भून कर रख दिया है और उन की गाड़ियों रॉकेट लांचर से उड़ा दिया है।
तालिबान का इस तरह आईएसआईएस खुरासान से बदला देख अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की अक्षमता पर भी थोड़े सवाल उठने कम हो चुके है। क्योंकि अमेरिका का अफगानिस्तान को तालिबान के हाथ छोड़ कर जाना अमेरिका को भी सही नहीं लग रहा होगा। लेकिन जिस प्रकार से तालिबान आईएसआईएस खुरासान के हाथ धोकर पीछे पड़ा है उस हिसाब जल्द ही आईएसआईएस खुरासान का नामोनिशान, तालिबान अफ़ग़ानिस्तान से मिटा देगा। इस वक़्त तालिबान अफ़ग़ानिस्तान पर पूरी तरह से कब्जा करना चाहता है लेकिन तालिबान इस समय अपने 2 दुश्मनों से एक साथ लड़ रहा है एक नॉदर्न एलायंस दूसरा आईएसआईएस खुरासान। जहां पंजशीर में नॉदर्न एलायंस से तालिबान को कड़ी टक्कर मिल रही है वहीं आईएसआईएस खुरासान भी तालिबान को टक्कर दे रहा है लेकिन तालिबान ने अफ़ग़ान सरकार को हराकर पूरी तरह से अफ़ग़ानिस्तान पर कब्जा किया है ऐसे में यदि आईएसआईएस खुरासान तालिबान को उसी इलाके में चुनौती दे रहा है तो तालिबान अमेरिकी आधुनिक हथियारों के सहारे आईएसआईएस खुरासान को पूरी तरह अफ़ग़ानिस्तान से उखाड़ फेंक सकता है।
आइसिस में शामिल 25 भारतीय
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से आतंकी संगठन आईएसआईएस फिर से सक्रिय हो गया है। आइसिस में 25 भारतीय नागरिकों के शामिल होने की जानकारी मिली है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इन 25 लोगों की संभावना अफ़ग़ानिस्तान के नांगहार प्रांत में होने की जताई जा रही है।भारत की खुफिया एजेंसियों के मुताबिक हाल ही में तालिबान द्वारा अफ़ग़ानिस्तान की जेलों से रिहा हुए आतंकवादी कैदियों में से कई आतंकी आईएसआईएस खुरासान के थे। भारतीय खुफिया एजेंसियों मुताबिक इन कैदियों में 25 भारतीय होने की संभावना भी है जो हाल ही में आईएसआईएस से जुड़े थे।


ये सभी भारतीय अफगानिस्तान की जेलों में बंद थे। भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों के मुताबिक आइसिस इन सभी भारतीय कैदियों का इस्तेमाल भारत में आतंक फैलाने के लिए कर सकता है।
इन सभी कैदियों को आईएसआईएस खुरासान ने अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान सीमा के नज़दीक ही ट्रेनिंग दी गई है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इन 25 भारतीयों को आईएसआईएस ने सोशल मीडिया के माध्यम से भर्ती करा है। सोशल मीडिया के माध्यम से मुंसीब ने इन भारतीयों को भर्ती करवाया है। मुंसीब पाकिस्तान का रहने वाला है। मुंसीब एक आईआईटी विशेषज्ञ है, और उसी ने इन सब को काम के बहाने संपर्क किया फिर धीरे धीरे आईएसआईएस की विचारधारा में ढाल दिया।

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