मोदी ने दिया देश को धोखा? बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचारी के नाम का हुआ खुलासा, देश में मचा हड़कंप!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरू से ही एक नारा देते आए हैं… न खाऊंगा और न खाने दुंगा. पीएम मोदी के इस नारे का मतलब था कि न तो भ्रष्टाचार करूंगा और न ही करने दुंगा. साल 2014 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल करके केंद्र में सरकार बनाई. इसके बाद सरकार पर किसी भी तरह के कोई भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे. लेकिन अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर भारतीय के पैरों तले जमीन ही खिसक जाएगी. नरेंद्र मोदी सरकार में एक भ्रष्ट व्यक्ति का नाम सामने आया है. खुद बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस भ्रष्ट इंसान का खुलासा किया है.

वीडियो में देखें पूरी सच्चाई-

भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आरोप लगाया कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास भ्रष्टाचार में शामिल थे और उन्होंने हाल में शीर्ष पद पर हुई उनकी नियुक्त को हैरानी भरा बताया. बहरहाल, उन्होंने भ्रष्टाचार के बारे में कोई ब्यौरा नहीं दिया. वह पहले भी ऐसा आरोप लगा चुके हैं. स्वामी ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के संवाद सत्र में कहा कि आरबीआई के नए गवर्नर अत्यधिक भ्रष्ट हैं. मैंने उन्हें वित्त मंत्रालय से हटवा दिया था. मैं शक्तिकांत दास को भ्रष्ट व्यक्ति कह रहा हूं. मैं हैरान हूं कि जिस व्यक्ति को भ्रष्टाचार के चलते मैंने वित्त मंत्रालय से हटवा दिया था उसे गवर्नर बनाया गया है.

यह पूछे जाने पर कि उनके हिसाब से किसे आरबीआई का नेतृत्व करना चाहिए. इस पर राज्यसभा सदस्य स्वामी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरू के प्रोफेसर आर वैद्यनाथन का नाम लिया. उन्होंने कहा, आईआईएम-बी में वित्त के पूर्व प्रोफेसर आर. वैद्यनाथन बेहतर हो सकते थे. वह संघ के पुराने व्यक्ति भी हैं. वह हमारे व्यक्ति हैं. अगले साल आम चुनाव के बारे में पूछे जाने पर स्वामी ने कहा कि भगवा पार्टी सत्ता में आएगी क्योंकि नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर एक सवाल पर स्वामी ने आरोप लगाया कि उनके पास ब्रिटिश नागरिकता है और वह प्रधानमंत्री नहीं बन सकते. हालांकि गांधी इस आरोप को पहले ही खारिज कर चुके हैं.

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दरअसल, सरकार ने शक्तिकांत दास को भारतीय रिजर्व बैंक का नया गवर्नर नियुक्त किया था. उर्जित पटेल के अचानक गवर्नर पद से इस्तीफा देने के बाद दास की नियुक्ति की गई थी. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है था कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आर्थिक मामलों के विभाग के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास को रिजर्व बैंक के गवर्नर पद पर तीन साल के लिए नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. दास 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वह वित्त आयोग के सदस्य रह चुके हैं.

वहीं उर्जित पटेल ने रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से निजी कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था. पटेल ने इस्तीफा ऐसे समय दिया था, जब सरकार और केंद्रीय बैंक के बीच अर्थव्यवस्था में नकदी और ऋण की कमी को लेकर खींचातान चल रही थी. शक्तिकांत दास की पहचान एक ऐसे नौकरशाह के तौर पर है जिन्होंने केन्द्र में तीन अलग-अलग वित्त मंत्रियों के साथ सहजता के साथ काम किया. ऐसे में नॉर्थ ब्लॉक से लेकर मिंट स्ट्रीट तक की उनकी यात्रा को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखा जा रहा है जो कि जटिल मुद्दों पर आम सहमति बनाने में विश्वास रखते हैं. शक्तिकांत दास को कार्य-क्रियान्वयन में दक्ष और टीम का व्यक्ति माना जाना जाता है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि साल 2019 में आप देश में कांग्रेस की सरकार देखना चाहते हैं या बीजेपी की सरकार देखना चाहते हैं?

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