Home Trending भारत का पड़ोसी हुआ कंगाल, आपातकाल घोषित AK

भारत का पड़ोसी हुआ कंगाल, आपातकाल घोषित AK

by GwriterBSP

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे ने मंगलवार को श्रीलंका खाद्य संकट को लेकर आपतकाल घोषित कर दिया। श्रीलंका के हालात ऐसे हो गए है कि वहां लोगो के पास खाने लिए कुछ नहीं है। श्रीलंका में खाने की कमी पड़ी हुई है लोगो आम खाने पीने की चीजों के लिए लंबी लंबी कतारें लग रहे है। श्रीलंका की हालत यह हो गई है कि श्रीलंका की सरकार ने 16 दिन तक का कर्फ्यू लगा दिया है ताकि खाने की चीजों को लेकर लोग भग दड़ न मचा दे।


श्रीलंका ने इस खाद्य संकट से निपटने के लिए अपनी सेना तक को उतार दिया है। खाद्य संकट इतना बढ़ गया है श्रीलंका में की लोग किराने की दुकान पर चावल, चीनी आदि के लिए1-1 किलोमीटर लाइन में खड़े है। इसके अलावा कहीं कोई खाने की चीजे की जमाखोरी ना कर लें इसके लिए बाकायदा श्रीलंका के राष्ट्रपति नें एक उच्च आर्मी अफ़सर को नियुक्त करा है, जिसको आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का कमिश्नर जनरल नियुक्त किया गया है, जिसका कार्य देश में खाने पीने की वस्तुओं की जमाखोरी को रोकना है। श्रीलंका में खाद्य संकट इस स्तर पर है कि सरकार ने सभी खाद्य वस्तुओं की कीमत निश्चित कर दी है और दुकानदारों को उसी दाम पर बेचना पड़ रहा है। वहीं सरकार द्वारा आधारित मात्रा पर लोगो को चावल चीनी आदि खाने की वस्तुएं, एक निश्चत मात्रा में दी जा रही है।
यह हालत कैसे हुई श्रीलंका की?
दरअसल यह सब इसलिए हुआ कि श्रीलंका सरकार के पास विदेशी मुद्रा भंडार खत्म हो गया है। हालत यह है कि श्रीलंका सरकार विदेश से खाने पीने आदि वस्तुएं भी नहीं मंगा पा रही है, क्योंकि सरकार को बाहर से आयात करने के लिए डॉलर चाहिए जो श्रीलंका पर बिल्कुल खत्म हो चुका है। श्रीलंका की इतनी बुरी हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वहां के मंत्री लोगों से अपील कर रहे है कि लोग अपने गाड़ियों और टू- व्हीलर को जितना हो सके उतना कम इस्तेमाल करे ताकि हमें बाहर से पेट्रोल न मंगवाना पड़े तथा उसके बदले कोई खाद्य वस्तुओं को मंगा सके।
श्रीलंका के विदेशी मुद्रा भंडार का संकट पिछले 2-3 वर्षों से चल रहा है। जब श्रीलंका की कमान गोटब्या राजपक्षे ने संभाली थी, 2019 में तब श्रीलंका के पास 7.5 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार था लेकिन 2021 तक आते आते यह 2.8 बिलियन डॉलर हो गया है, और इसका बड़ा कारण बढ़ता व्यापार घाटा बताया जा रहा है। जब श्रीलंका बाहर से सब खाने पीने की वस्तुओं को मंगाता है और निर्यात कुछ भी नहीं करता तो कहां से विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ेगा वह तो घटेगा ही। इसके अलावा कारण यह भी है कि श्रीलंका ने बहुत सा कर्ज ले रखा है जिनका ब्याज वह अपने विदेशी मुद्रार भंडार से चुका रहा है। श्रीलंका की इस हालत का सबसे बड़ा कारण यह है कि श्रीलंका की अर्थव्यवस्था जो की अपने विदेशी मुद्रा भंडार के लिए पर्यटन क्षेत्र पर निर्भर थी, कोविड महामारी ने पर्यटन क्षेत्र को तोड़ कर रख दिया है जिस कारण श्रीलंका का आज यह हाल है।
श्रीलंका की यह हालत का कारण चीन


श्रीलंका की इस हालत का सबसे बड़ा कारण चीन है चीन ने अपने कर्ज के बोझ तले श्रीलंका को दबा कर रखा है और श्रीलंका का विदेशी भंडार चीन के विदेशी कर्ज के ब्याज के रूप में जा रहा है हालत यह है कि श्रीलंका ने अपनी कुल कर्ज का तकरीबन 15% चीन से ले रखा है। जहां और देशों से लिया गया कर्ज की शर्तें स्पष्ट है वही चीन द्वारा दिए गए कर्ज की ब्याज दर क्या है वो किसी को भी नहीं पता। और यही एक बड़ा कारण है श्रीलंका की वर्तमान स्थिति का। श्रीलंका की हालत इतनी बुरी है कि वर्तमान में 2.8 बिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ श्रीलंका को अभी 1.5 बिलियन डॉलर ब्याज के रूप में चुकाना है। जिस कारण आगे जाकर श्रीलंका की हालत और बुरी होने वाली है।

Related Articles

Leave a Comment