विग्स के पीछे की सच्चाई जानकार आपको घिन्न आ सकती है !

मंदिर में लोगों के जरिए कुछ न कुछ चढ़ाने की परंपरा हमेशा से रही है. मंदिर में प्रसाद, पैसों से लेकर सोने-चांदी तक भी चढ़ावे में दिया जाता है, लेकिन भारत में कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जहां लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए और भी कई चीजें चढ़ातें हैं. इनमें सिर के बार भी काफी अहम है.

तमिलनाडु में तिरुथानी मुरुगन मंदिर में सभी उम्र के लोगों को विशेषकर महिलाओं और बच्चों को ज्यादातर देखा जा सकता है. इस मंदिर में धर्म के नाम पर महिलाओं के जरिए भी अपने बालों को कटवाया जाता है. अपने सिर के मुंडन करवाने की इस प्रक्रिया को यहां देवताओं को अपने बाल दान करने के तौर पर देखा जाता है.

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भगवान को अपने बाल दान करने की इस प्रक्रिया को टॉन्सरिंग के रूप में जाना जाता है. हिंदुओं के लिए एक मंदिर में इस तरह बालों का त्याग करना आम बात है. इसके साथ ही बालों को दान करते हुए लोग भगवान से इच्छा भी मांगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन बालों का बाद में क्या होता है? ‘मंदिर में चढ़ाए गए ये बाल प्रसंस्करण संयंत्र में नीलाम किए जाता है और फिर वहां इन बालों की साफ-सफाई कर विग्स का निर्माण किया जाता है. इसके बाद इन्हें देश के दूसरे हिस्सों में बिक्री के लिए भेजा जाता है. इतना ही नहीं इन्हें दूसरे देशों में जैसे यूएस, यूरोप और अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में महंगे विग्स के रूप में बेचा जाता है.

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