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गेहूं के आटे से ऐसे बनाएं लजीजदार गुलाब जामुन, यह रही रेसिपी

गेहूं के आटे से ऐसे बनाएं लजीजदार गुलाब जामुन, यह रही रेसिपी
मिठाई तो हर किसी को पसंद होती है. कोई भी शुभ काम करने से पहले मुंह मीठा करवाया जाना शगुन माना जाता है और इसी मिठाई में गुलाब जामुन एक शानदार मिठाई होती है. गुलाब जामुन का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आने लगता है. मिठाई की दुकान से गुलाब जामुन लाना अलग बात है लेकिन घर पर खुद के हाथ से गुलाब जामुन बनाने से उसका स्वाद ही कुछ अलग आता है. लेकिन क्या आपको पता है कि गेहूं के आटे की मदद से भी घर पर गुलाब जामुन बनाए जा सकते हैं. इसे बनाने की प्रॉसेस भी काफी आसान है. आइए जानते हैं कैसे बनाए घर पर गेहूं के आटे की मदद से गुलाब जामुन... घर पर गेहूं के आटे की मदद से गुलाब जामुन बनाने के लिए एक कटोरी आटा, तीन कटोरी शक्कर, आधा कटोरी मिल्क पाउडर, 3 चम्मच किशमिश, एक चम्मच इलाइची पाउडर, एक चम्मच बेकिंग पाउडर, 1.5 कप पानी, 500 ग्राम मावा, सूजी बारीक 2 छोटे चम्मच और गुलाब जामुन तलने और चाशनी बनाने के लिए एक कटोरी देशी घी की जरूरत होगी. अब गुलाब जामुन बनाने के लिए सर्वप्रथम मावा, सूजी, आटा और थोड़े घी को मिलाकर उन्हें मैश कर लें. मसले हुआ मावे का मिश्रण रोटी के आटे की तरह नरम होना चाहिए. यदि मावा कड़क हो तो थोड़ा कुनकुना दूध डालकर उसे नरम करें. मसले मावे को आधा घंटे के लिए ढककर रख दें. इस दौरान हम गुलाब जामुन के लिए चाशनी बना लेते हैं. चाशनी बनाने के लिए एक पतीले में शक्कर और पानी डालकर तेज आंच पर उबाल लें और फिर इसमें आधा कप दूध डालें. दूध डालने से चाशनी में मैल आ जाएगा, उस मैल को छेद वाली झारी या चम्मच से निकालकर फेंक दें. इन 5 हैरान कर देने वाले कारणों से लोग रह जाते हैं सिंगल, फिर नहीं बनता कोई भी उनका हमसफर…! फिर एक तार की चाशनी बनने तक इसे तेज आंच पर पकाएं. चाशनी बनने के बाद उसे ढककर रख दें. अब एक गहरी कड़ाही में इतना घी लें कि गुलाब जामुन की बॉल्स डालते समय वो उसमें आसानी से डूब जाएं. घी को धीमी आंच पर गरम करें. घी गरम होने पर इसमें गुलाब जामुन तले जाएंगे. जब तक घी गरम होता है तब तक हमने जो मावा मसलकर रखा है, उसके छोटे नींबू के साइज के गोले बना लेते हैं. घी गरम होने पर एक-एक करके इन गोलों को कड़ाही में डालें और धीमी आंच पर तलें. एक बार में कड़ाही में उतने ही गोले डालें जितने की आसानी से तले जा सकते हैं. तलते समय चम्मच की मदद से इन बॉल्स को धीरे-धीरे एकदम हल्के से चलाएं. जब ये गोले हल्के ब्राउन हो जाएं तो कड़ाही से निकालकर थोड़े ठंडे होने के लिए इन्हें एक तरफ रख दें. इन गोलों को उस चाशनी में डालें जो हमने ऊपर बनाई है लेकिन गुलाब जामुन डालते समय चाशनी मध्यम गरम होनी चाहिए. करीब एक घंटे चाशनी में डुबोने के बाद गुलाब जामुन खाने के लिए तैयार हैं. दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि रसगुल्ले का रंग कैसा होता है.