इस तरीके से आप दूसरों के दिमाग में सेंध लगा सकते हैं, जानिए दूसरों का दिमाग पढ़ने का आसान तरीका

कई बार मन में ये ख्याल आता है कि काश हमें कोई ऐसा जादू आता, जिससे हम यह जान पाते कि सामने वाला इंसान हमारे बारे में क्या सोचता है. वह हमें अच्छा मानता है या बुरा समझता है, उस पर हम विश्वास करें या नहीं, इन सब बातों को यूं ही समझ पाना दिमाग पर जोर डालने जैसा है. लोग अपेक्षा करते हैं काश! हमें कोई जादू-टोना, टोटका या फिर लोगों को हिप्नोटाइज करने की कला आती, जिससे हम उनके दिल और दिमाग में चल रही बातों को पढ़ सकते. ऐसे में ना तो हमें कोई धोखा दे पाएगा और ना ही कभी देने की कोशिश भी करेगा. लेकिन अब लोगों का दिमाग पढ़ना चुटकियों की बात हो चुकी है. जी हां, आप लोगों की बॉडी लैंग्वेज के जरिए लोगों का दिमाग आसानी से पढ़ सकते हैं…आइए जानते हैं यह कैसे मुमकीन है…

जब भी आप किसी के दिमाग को पढ़ने की कोशिश करें तो उसकी बॉडी लैंग्वेज के बारे में कल्पना करें, उसके पूरे बाहरी व्यक्तित्व और हरकतों पर नजर डालें. जब वह व्यक्ति कुछ अलग तरह के संकेत दे रहा हो तो इसका मतलब यह हो सकता है कि वह अपने आप को विशिष्ट समझ कर ऐसा कर रहा हो या यह भी हो सकता है कि वह अपनी भावनाओं के प्रति कुछ ज्यादा ही लापरवाह हो या किसी और उलझन में हो, इसीलिए किसी भी व्यक्ति की बॉडी लेंग्वेज पढ़ने के पहले उसके पूरे हाव भाव की अच्छी तरह गणना कर लें.

बॉडी लैंग्वेज भी है बड़े काम की चीज, लोगों पर करती है जादू जैसा असर!

वहीं जब भी आप किसी के दिमाग को पढ़ने की कोशिश कर रहे हों तो उसके आस पास के समाज और संस्कृति पर भी पूरी नजर रखें. किसी के भी बॉडी लैंग्वेज के जरिए दिमाग पढ़ने में इनका विशेष योगदान होता है. यह प्रभाव व्यक्ति के बाहरी व्यक्तित्व और भाषाई शैली पर भी पड़ता है. यह सभी जानकारियां आसानी से उपलब्ध नहीं होती लेकिन आप इसे व्यक्तियों के शारीरिक हाव भाव पहचानने की क्रिया और अनुभव के आधार पर पा सकते हैं.

वहीं कुछ टिप्स के जरिए भी आप लोगों का दिमाग शुरुआती तौर पर बड़ी आसानी से पढ़ सकते हैं. ऐसे में अगर गौर किया जाए तो चलते या बैठते समय आगे झुकने वाले लोग थोड़े चलाक किस्म के होते है. स्वभाव से जिज्ञासु और शक्की किस्म के लोग इस तरह से चलते है. इन लोगों का दिमाग हमेशा जानकारियों से भरा रहता है. वहीं अगर कोई इंसान आंखों में आंख डालकर बात करता है तो वह काफी ईमानदार होता है. इनका इस तरह से बात करना इनके कांफिडेंट और आत्मविश्वास को दर्शाता है. यह लोग कभी किसी से झूठ नहीं बोलते हैं.

इसके अलावा बेवजह मुस्कुराने या हमेशा खुश रहने वाले लोग कम्फर्टेबल टाइप के होते है. यह लोग किसी भी सिचुएशन को आसानी से हैंडल कर लेते है. वहीं शरीर का भार किसी एक पैर पर डालकर खड़े होने या फिर खड़े होकर स्थिर न रहने वाले लोग बहुत कमजोर होते हैं. इस तरह के लोगों को हमेशा किसी न किसी सहारे की आस होती है. साथ ही पीठ और कंधे एक तरफ झुककर चलने, बैठने, खड़े होने या फिर काम करने वाले लोग कम आत्मविश्वासी होते है. हमेशा उदास रहने के कारण इस तरह के लोग कभी सीधे खड़े नहीं होते है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर बताएं कि आप लोगों का दिमाग पढ़कर क्या जानना चाहते हैं.

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