पोर्न वेबसाइट बैन करने से नहीं बल्कि इस वजह से रेप की घटनाओं पर लग सकती है लगाम!

क्या आप पॉर्न देखते है? अगर आपसे कोई ये सवाल पूछे तो क्या आप शायद जवाब न दे पाएं. वहीं अगर आप अपने दोस्तों के साथ बैठकर इस बारे में जिक्र कर रहे है तो आप जरूर उन्हें सच्चाई बता दें. लेकिन कई लोग तो पॉर्न देखने के बाद भी इस तरह से प्रतिक्रिया देते है जैसे उन्हें इस बारे में कुछ भी मालूम नहीं है. लेकिन जब सुनने में आता है कि पॉर्न वेबसाइट बैन हो सकती है तो कई चेहरों पर एक निराशा की छा जाती है. देश में इंटरनेट सेवा उपलब्ध करवाने वाले तमाम सर्विस प्रोवाइडर्स ने हाल ही में 800 से ज्यादा पोर्न वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है.

दरअसल, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसला सुनाया था जिसके बाद उन्होंने देश में पॉर्न वेबसाइट को बंद करने की बात कही थीं. हाईकोर्ट में एक बालात्कार के मामले में आरोपी ने कहा कि था पीड़िता का बलात्कार करने से पहले उसने पोर्न देखी थी. इसके बाद से भारत में कई पॉर्न वेबसाइट बंद हुई. लेकिन क्या पोर्न वेबसाइट को बंद करने से रेप जैसी वारदात पर लगाम लगाई जा सकती है? शायद ऐसा मुमकीन नहीं है.

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भारत में पोर्न को लेकर कोई खास कानून तो नहीं है लेकिन पॉर्नोग्राफी को लेकर कानून जरूर है. लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि किस सामाग्री का किस इंसान के मन पर क्या असर होगा ये पता लगाना थोड़ा मुश्किल है, जिस वजह से कानून बनाना थोड़ा कठिन हो जाता है क्योंकि ये जरूरी नहीं कि सिर्फ वीडियों देखने से ही किसी के दिमाग पर असर पड़ेगा. ऐसे में कौन से कन्टेंट को अश्लील माना जाए और कौन से को नहीं इसे परिभाषित करना बेहद मुश्किल है.

वहीं बलात्कार जैसे मामलों का कुछ हद तक पोर्न से कोई संबंध नहीं देखा जाता है. लोगों का मानना है कि वे पोर्न सिर्फ मनोरंजन के लिहाज से देखना पसंद करते हैं. अगर वो पोर्न देखते हैं तो इसका मतलब ये नहीं कि वे किसी का रेप करेंगे. वहीं रेप जैसी वारदात को अंजाम देने वाले लोगों की मानसिकता को विकृत माना गया है. ऐसे लोगों को पोर्न देखने या न देखने से कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि महिलाओं को लेकर घटिया सोच वाले लोगों की एक ही तरह की मानसिकता उनके दिमाग में रहती है. अगर लोगों की मानसिकता सही है तो वे भले ही पोर्न देखें या न देखें, ऐसे लोग रेप की घटनाओ को अंजाम नहीं देते. वहीं जिन लोगों की मानसिकता ही खराब है, ऐसे लोगों का पोर्न देखना खतरनाक है.

कई लोगों का मानना है कि बालिग उम्र का कोई व्यक्ति अगर पोर्न सामग्री देख रहा है तो उसे रोका नहीं जाना चाहिए. लोग कहते हैं कि हमारे देश में कामसूत्र लिखा गया, यहां खुजराहो के मंदिरों में सेक्स से जुड़े दृश्य अंकित है. ऐसे में हम इन वेबसाइटों को कितना नियंत्रित कर सकेंगे. अगर पॉर्न देखने से कोई बलात्कार कर रहा है तो सबसे पहले सरकार को नशे से जुड़ी तमाम चीजों पर बैन लगाना चाहिए क्योंकि बलात्कार के पीछे सबसे ज्यादा वजह यही होती हैं. ऐसे में लोगों की खराब मानसिकता को बदलकर और नशे की लत छुड़ाकर रेप की घटनाओं को रोका या कम किया जा सकता है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि पोर्न वेबसाइट को बैन करना सही फैसला है या नहीं?

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