100 रुपए का सिक्का हुआ जारी, जान लीजिए अब पुराने सिक्कों और नोटों का क्या होगा मित्रों?

साल 2016 के नवंबर के महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात को 500 और 1000 रुपए के नोट को बंद करने का ऐलान किया था. इसके साथ ही भारत में 500 रुपए और 1000 रुपए के पुराने नोट चलन से बाहर हो गए थे और उनकी जगह 500 रुपए और 2000 रुपए का नया नोट चलन में आ गया था. 2000 रुपए का नोट पहली बार भारत में चलन में आया था. वहीं 500 रुपए का भी एक दम नया नोट बाजार में आ गया था. इसके बाद से जैसे नोटों में बदलाव का क्रम ही शुरू हो गया था. देखते ही देखते 100 रुपए, 50 रुपए और 10 रुपए तक के नोट का रंग बदल गया. हालांकि ये नोट चलन से बाहर नहीं हुए लेकिन नए नोटों ने पुराने नोटों की जगह ले ली और इन नोटों के रंग पुराने वाले नोटों से बिल्कुल ही बदल गए. वहीं अब मोदी सरकार ने एक बार फिर बदलाव किया है.  दरअसल, इस बाद भारतीय नोटों में किसी प्रकार का कोई फेर बदल नहीं किया गया है. बल्कि इस बार सिक्कों में थोड़ी सी हेरफेर की गई है. पीएम मोदी ने 100 रुपए का नया सिक्का जारी किया है. हालांकि ये सिक्का पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी की स्मृति में जारी किया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 94वीं जयंती की पूर्व संध्या पर उनकी स्मृति में 100 रुपए का सिक्का जारी किया. लंबे समय तक वाजपेयी के सहयोगी रहे वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वित्त मंत्री अरुण जेटली और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस दौरान आयोजित संबंधित समारोह में उपस्थित थे. पूर्व प्रधानमंत्री का लंबी बीमारी के बाद 93 साल की उम्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अगस्त 2018 में निधन हो गया था.

मोदी ने स्मृति सिक्का जारी करने के अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह वाजपेयी की विचारधारा और उनके दिखाए रास्ते पर चलने के वास्ते अपनी प्रतिबद्धता दोहराने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री के स्मारक पर जाएंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल जी चाहते थे कि लोकतंत्र सर्वोच्च रहे. उन्होंने जनसंघ बनाया. लेकिन जब हमारे लोकतंत्र को बचाने का समय आया तब वह और अन्य जनता पार्टी में चले गए. इसी तरह जब सत्ता में रहने या विचारधारा पर कायम रहने के विकल्प की बात आई तो उन्होंने जनता पार्टी छोड़ दी और भाजपा की स्थापना की.

वहीं अगर इस 100 रुपए के स्मृति सिक्के की बात की जाए तो 100 रुपए के इस स्मारक सिक्के पर सामने की तरफ भारत का प्रतीक चिह्न है. इस पर अशोक स्‍तंभ और इसके नीचे देवनागिरी लिपी में सत्‍यमेव जयते अंकित है. सिक्के पर देवनागिरी लिपी में भारत और रोमन अक्षरों में INDIA लिखा है. प्रतीक चिह्न के नीचे सिक्के का मूल्य 100 अंकित है. सिक्के के दूसरी तरफ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर और देवनागिरी और रोमन लिपि में उनका नाम लिखा गया है. उनके जन्म और निधन का साल 1924 और 2018 भी इस पर अंकित है. हालांकि इससे पुराने नोटों और सिक्कों पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा और वो पहले की तरह ही चलन में रहेंगे.

वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर 25 दिसंबर को हर साल ‘सुशासन दिवस’ मनाया जाता है. वाजपेयी को 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने वाजपेयी का 16 अगस्त 2018 को 93 साल की उम्र में निधन हो गया.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्यादा अच्छे लगते हैं या पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ज्यादा पसंद थे.

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