लग गया झटका, फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर बड़ा खुलासा?

फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के ट्रेलर लॉन्च होने के बाद से देश में बवाल मचा हुआ है और अब हो सकता है कि इस फिल्म पर रोक भी लग सकती है. जी हां दोस्तों, फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर अब रिलीज के लिए रोकी जा सकती है. दरअसल फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर से जुड़े अभिनेता अनुपम खेर और अन्य के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई. याचिका में आरोप लगाया गया कि फिल्म में कई हस्तियों की खराब छवि दिखाई गई है. वकील सुधीर कुमार ओझा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की और इसकी सुनवाई सब डिविजनल न्यायिक मजिस्ट्रेट (पश्चिम) गौरव कमल की अदालत में आठ जनवरी को होगी.

फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका निभाने वाले खेर के अलावा अभिनेता अक्षय खन्ना की भी शिकायत की गई है जो पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू की भूमिका निभा रहे हैं. यह फिल्म बारू की इसी नाम से आई किताब पर आधारित है. याचिका में उन अभिनेता अभिनेत्रियों के भी नाम हैं जिन्होंने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका वड्रा की भूमिकाएं निभाई हैं. इसके अलावा फिल्म के निर्माता-निर्देशक के खिलाफ भी शिकायत की गई है. ओझा ने आरोप लगाए कि 11 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म के प्रोमो टीवी चैनलों और यू-ट्यूब पर देखकर वह आहत महसूस कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि फिल्म में देश और कई नेताओं की खराब छवि दिखाई गई है जिनमें आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद और बीएसपी प्रमुख मायावती से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी शामिल हैं.

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वहीं बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का किरदार निभाने को अब तक की अपनी सबसे शानदार भूमिका बताते हुए कहा कि वास्तविकता और नकल के बीच मामूली फर्क होता है. खेर ने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री भारत के लोगों के दिलों में अपने लिए जगह बनाने लेंगे. यह फिल्म मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू की 2014 में इसी नाम से आई किताब पर आधारित है. फिल्म फिलहाल राजनीतिक विवादों के केंद्र में है. भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से फिल्म का ट्रेलर शेयर भी किया और कहा कि ‘एक परिवार ने 10 साल तक देश को किस प्रकार से बंधक बनाकर रखा यह उसकी दिलचस्प कहानी है.’

कांग्रेस ने कहा कि 2019 के चुनाव से पहले यह भाजपा का ये प्रोपेगेंडा है. हालांकि महाराष्ट्र युवा कांग्रेस ने शुरू में मांग की थी कि फिल्म को रिलीज करने से पहले उन्हें दिखाया जाए, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी मांग को वापस ले लिया, क्योंकि पार्टी ने कहा कि वे फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग नहीं करेगी. फिल्म के ट्रेलर से लगता है कि मनमोहन सिंह को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के पीड़ित के तौर पर दिखाया गया है, लेकिन खेर ने कहा कि फिल्मकारों ने यूपीए सरकार के 10 सालों को बहुत प्रामाणिकता से पेश किया है.

अनुपम खेर का कहना है कि कांग्रेस पार्टी में कुछ वर्गों का मानना है कि फिल्म को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए और फिल्म में मनमोहन सिंह का मजाक बनाया गया है. लेकिन फिल्म के बाद सिंह भारत के सभी घरों और लोगों के दिलों में होंगे.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि आप ये फिल्म देखेंगे या नहीं?

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