चौंकाने वाला खुलासा, पैन कार्ड से जुड़ी ये बड़ी बातें आम लोगों से हर बार छुपाई जाती है…

पैसों के लेन देन के लिए पैन कार्ड काफी जरूरी हो गया है. बिना पैन कार्ड के मोटी रकम के लेन देने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. पैसों के लेन देन के लिए आजकल लगभग भारत में हर व्यक्ति के पास पैन कार्ड जरूर होगा. इस पैन कार्ड पर कई तरह के नंबर लिखे होते हैं जिस पर गुप्त जानकारियां दर्ज होती है. हालांकि लोग इन गुप्त नंबरों के बारे में नहीं जानते हैं. ऐसे में आइए हम आपके सामने पैन कार्ड के उन नंबर का राज खोलने वाले हैं जो आम लोगों को मालूम नहीं होते हैं.

पैन कार्ड का पूरा नाम परमानेंट अकाउंट नंबर है. पैन कार्ड 10 डिजिट का अल्फान्यूमेरिक यानी अक्षर + अंक के रूप में एक कोड होता है जिसे इनकम टैक्स या आयकर विभाग जारी करता है. पैन कार्ड का इस्तेमाल इनकम टैक्स रिटर्न भरने में, व्यापारिक गतिविधियों, उद्योगों आदि में टैक्स भरने के लिए होता है.

वहीं पैन कार्ड के जो नंबर होते हैं इनमें आयकर विभाग यानी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए जरूरी जानकारी छुपी होती है. इन नंबरों के आधार पर ही लोगों को पैन कार्ड जारी किए जाते हैं. वहीं ये नंबर ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को टैक्स देने संबंधी काफी जरूरी होते हैं. जिस व्यक्ति को पैन कार्ड जारी किया जाता है, उस लिहाज से प्रत्येक व्यक्ति के पैन कार्ड का नंबर अलग-अलग होता है.

दरअसल, पैन कार्ड में पैन कार्ड धारक का नाम, डेट ऑफ बर्थ दर्ज होती है. वहीं पैन कार्ड के नंबर में कार्डधारक का सरनेम भी छुपा होता है. पैन कार्ड के नंबर में पांचवां डिजिट धारक का सरनेम होता है. ये सरनेम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के डेटा में दर्ज रहता है. ऐसे में आपको ये जानकर हैरानी होगी की कार्डधारक का सरनेम भी पैनकार्ड नंबर में दर्ज होता है, जिसके जानकारी इनकम टैक्स विभाग के जरिए कार्डधारक को नहीं दी जाती है.

अब इसके नंबरों के बारे में भी जान लिया जाए. पैन कार्ड के नंबर के पहले तीन डिजिट अंग्रेजी के लेटर्स होते हैं. यह AAA से लेकर ZZZ तक कोई भी लेटर हो सकता है. यह नंबर डिपार्टमेंट अपने हिसाब से तय करता है. इसके बाद पैन कार्ड नंबर में चौथा डिजिट भी अंग्रेजी का ही एक लेटर होता है. यह कार्डधारक का स्टेटस बताता है. चौथे डिजिट के रूप में अलग-अलग तरह का लेटर हो सकता है. मसलन अगर पैन कार्ड में चौथा लेटर P है तो इसका मतलब एकल व्यक्ति, F का मतलब फर्म, C से कंपनी, A से AOP यानी एसोसिएशन ऑफ पर्सन, T से ट्रस्ट, H से HUF यानी हिन्दू अनडिवाइडेड फैमिली, B से BOI यानी बॉडी ऑफ इंडिविजुअल, L से लोकल, J से आर्टिफिशियल जुडिशियल पर्सन और G से गवर्नमेंट के लिए होता है.

इसके बाद पैन कार्ड नंबर में पांचवां डिजिट भी अंग्रेजी का लेटर होता है. यह पैन कार्डधारक के सरनेम का पहला अक्षर होता है. इसके आगे पैन कार्ड में चार नंबर होते हैं. ये नंबर 0001 से लेकर 9999 तक कुछ भी हो सकते हैं. आपके पैन कार्ड के ये नंबर उस सीरीज को दर्शाते हैं, जो मौजूदा समय में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में चल रही होती है. इसका आखिरी डिजिट एक अल्फाबेट चेक डिजिट होता है, जो कोई भी लेटर हो सकता है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर बताएं कि आपके पास पैन कार्ड है या नहीं?

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