सरकार ने की बड़ी घोषणा, अब बेसिक सैलरी का 14 फीसदी देगी सरकार! जल्दी से ऐसे उठाओ फायदा

सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. कर्मचारियों को नए साल में बड़ा तोहफा मिल सकता है. केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों की एनपीएस यानी नेशनल पेंशन स्कीम में चार फीसदी की हिस्सेदारी बढ़ाई गई है. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा करते हुए बताया नेशनल पेंशन स्कीम में सरकार कर्मचारियों की बेसिक सेलरी का 14 फीसदी योगदान देगी. अभी तक सरकार का योगदान 10 फीसदी होता था. खास बात यह है कि कर्मचारियों का योगदान 10 फीसदी ही रहेगा.

अरुण जेटली ने नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस में बदलावों की घोषणा की. इसके अलावा रिटायरमेंट के बाद निकाली गई 60 फीसदी की रकम को टैक्स-फ्री कर दिया गया है. हालांकि, कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 फीसदी बना रहेगा. जेटली ने कर्मचारियों के 10 फीसदी तक योगदान के लिए आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत कर प्रोत्साहन की भी घोषणा की. फिलहाल सरकार और कर्मचारियों का योगदान एनपीएस में 10-10 फीसदी है. कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 प्रतिशत पर बना रहेगा, जबकि सरकार का योगदान 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी किया गया है.

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को कुल कोष में से 60 फीसदी ट्रांसफर करने को मंजूरी दी गई, जो फिलहाल 40 फीसदी है. कर्मचारियों के पास निश्चित आय उत्पादों या शेयर इक्विटी में निवेश का विकल्प होगा. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक अगर कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय एनपीएस में जमा धन का कोई भी हिस्सा निकालने का फैसला नहीं करता है और 100 फीसदी पेंशन योजना में हस्तांतरित करता है, तो उसका पेंशन अंतिम बार प्राप्त वेतन का 50 फीसदी से अधिक होगा.

25 करोड़ मोबाइल ग्राहकों को झटका, आपकी इस गलती से हमेशा के लिए बंद हो जाएगा आपका नंबर

सरकार के जरिए कर्मचारियों के व्यापक हित में यह बदलाव किया गया है. एनपीएस में सरकार के योगदान में की गई बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर साल 2019-20 में 2840 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. एनपीएस के तहत कर्मचारी सेवानिवृति के समय कुल जमा कोष में से 60 फीसदी राशि निकाल सकता है. बाकि 40 फीसदी जुड़ी राशि पेंशन योजना में चली जाती है. इसके साथ ही एक तरह से पूरी राशि की निकासी टैक्स मुक्त हो गई है. एनपीएस के अंशधारक को योजना में जमा राशि में से सेवानिवृति के समय 60 प्रतिशत राशि की निकासी में से 40 प्रतिशत टैक्स मुक्त थी, जबकि शेष 20 प्रतिशत पर टैक्स लिया जाता है. बहरहाल, अब पूरी 60 प्रतिशत निकासी को टैक्स मुक्त कर दिया गया है.

यह व्यवसथा सभी वर्ग के कर्मचारियों के लिए की गई है. काफी लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी कि एनपीएस को भी ई-ई-ई यानी अंशदान पर-निवेश-प्रतिफल और निकासी तीनों स्तर पर टैक्स में छूट हो जैसा कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) योजनाओं के मामले में है. एनपीएस, परंपरागत पेंशन स्कीम्स से अलग है. इस पेंशन फंड के निवेशकों का पैसा शेयर और बॉन्ड मार्केट में लगाया जाता है. मुनाफा बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर होता है. एनपीएस में लॉन्ग टर्म निवेश फायदेमंद होता है. एनपीएस में नियमित निवेश से अच्छा मुनाफा होता है. वहीं एनपीएस में निवेश बीच में रोकने पर अकाउंट फ्रीज हो सकता है और अकाउंट दोबारा ओपन करवाने पर हर साल के हिसाब से 100 रुपए पेनल्टी देनी पड़ती है.

दोस्तों, कमें बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि आपका बैंक अकाउंट किस बैंक में है.

(Visited 347 times, 1 visits today)

आपके लिए :