नवरात्र में राशि के मुताबिक करें माता की पूजा, इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ!

राशि का हमारे जीवन में बहुत महत्व है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक राशियां जीवन को काफी प्रभावित करती हैं. नवरात्र के दिनों में भी राशियों का महत्व काफी बढ़ जाता है. यदि आप इस नवरात्रि में माता को प्रसन्न करना चाहते हैं तो अपनी राशि के अनुसार माता की पूजा करें. इससे आपको माता कि विशेष कृपा तो प्राप्त होगी, साथ ही आपकी हर मुश्किल भी आसान होगी. आइए आज यहां जानते हैं कि नवरात्र में माता की कृपा किन राशियों पर बनी रहती है…

मेष राशि
इस राशि के लोगों को स्कंदमाता की विशेष उपासना करनी चाहिए. दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें. स्कंदमाता करुणामयी है, जो वात्सलयता का भाव रखती है.

वृषभ राशि
वृषभ राशि के लोगों को महागौरी स्वरुप की उपासना से विशेष फल प्राप्त होते हैं. ललिता सह्स्त्र नाम का पाठ करें. जन कल्याणकारी है. अविवाहित कन्याओं को आराधना से उत्तम वर की प्राप्ति होती है.

मिथुन राशि
इस राशि के लोगों को देवी यंत्र स्थापित कर बर्हम चारिणी की उपासना करनी चाहिए. साथ ही तारा कवच का पाठ रोज करें. मां बर्हम चारिणी ज्ञान प्रदाता और विद्या के अवरोध को दूर करती है.

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कर्क राशि
कर्क राशि के लोगों को शैलपुत्री की पूजा उपासना करनी चाहिए. लक्ष्मी सह्स्त्र नाम का पाठ करें. भगवती की वरद मुद्रा अभय दान प्रदान करती है.

सिंह राशि
सिंह राशि के लिए मां कूष्मांडा की साधना विशेष फल देने वाली है. दुर्गा मंत्रो का जप करें. ऐसा माना जाता है कि देवी मां के हास्य मात्र से ही बर्हमांड की उत्पत्ती हुई थी. देवी बलि प्रिया है. इसलिए साधक को नवरात्र की चतुर्थी को आसुरी प्रवृत्ति यानी बराइयों का बलिदान देवी के चरणों में निवेदित करते है.

कन्या राशि
इस राशि के लोगों को मां बर्ह्मचारिणी का पूजन करना चाहिए. लक्ष्मी मंत्रो का सविधि जप करें. ज्ञान प्रदान करती हुई विद्या के मार्ग को अवरोधों को दूर करती है. विद्यार्थियों के लिए देवी की आराधना फलदाई है.

तुला राशि
तुला राशि के लोगों को महागौरी की पूजा आराधना से विशेष फल हासिल होता है. काली चालीसा या संप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ करें. जन कल्याणकारी है. अविवाहित कन्याओं को आराधना से उत्तम वर की प्राप्ति होती है.

वृश्चिक राशि
इस राशि के लोगों को स्कंदमाता की उपासना श्रेष्ठ फल प्रदान करती है. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और किसी की बुराई ना करें. सच्चे मन से प्राथना करेंगे तो हर समस्या का समाधान चुटकी में हो जाएगा .

धनु राशि
इस राशि वाले मां चंद्रघटा की उपासना करें. संबंधित मंत्रो को यथाविधि अनुष्ठान करें. घंटा उस बर्हमनाद का प्रतीक है, जो साधक के भय और विघ्नों को अपनी ध्वनि से समुल नष्ट करता है.

मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए कालरात्रि की पूजा सर्वश्रेष्ठ मानी गई है. नवार्ण मंत्र का जप करें. अंधकार में भक्तों का मार्गदर्शन और प्राकृतिक प्रकोप अग्निकांड आदि का शमन करती है.

कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए कालरात्रि की उपासना लाभदायक है. देवी कवच का पाठ करें. अंधकार में भक्तों का मार्गदर्शन और प्राकृतिक प्रकोप का शमन करती है.

मीन राशि
मीन राशि के लोगों को मां चंद्रघंटा की उपासना करनी चाहिए. हल्दी की माला से यथासंभव बगलामुखी मंत्र का जप करें. घंटा उस बर्हमनाद का प्रतीक है जो साधक के भय एवं विघ्नों को अपनी ध्वनि से समुल नष्ट करता है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर बताएं कि आपकी राशि कौनसी है.

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