मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही 3 घंटे में किसानों के लिए कमलनाथ के बदले तेवर, कर दिया भयंकर फैसला

कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें शहर के जम्बूरी मैदान में एक भव्य समारोह में शपथ दिलाई. कमलनाथ ने हिन्दी में शपथ ली और अकेले शपथ ग्रहण किया. उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले मंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाएगी. शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंच पर आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हर्षोउल्लस के साथ जमकर नारे लगाये. हालांकि कार्यक्रम में बसपा प्रमुख मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी आना था लेकिन किन्हीं कारणों से दोनों नहीं आ सके. इस भव्य समारोह से पहले मैदान में सर्वधर्म प्रार्थना हुई.

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान, कैलाश जोशी और बाबूलाल गौर भी मौजूद थे. शपथ ग्रहण से पहले मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक साथ हाथ उठाकर जनता का अभिवादन भी किया. साल 2019 के आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए यहां प्रमुख विपक्षी नेताओं का इकठ्ठा होना महागठबंधन बनने की संभावना की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है.

 

जम्बूरी मैदान में शपथ ग्रहण का भव्य समारोह आयोजित करने की पिछले तीन दिन से तैयारियां की जा रही थी. मालूम हो कि कमलनाथ के पहले भाजपा के शिवराज सिंह चौहान ने भी इसी मैदान पर तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित भाजपा के सभी अहम नेताओं की बड़ी सभाएं भी इसी मैदान पर होती रही हैं. मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 28 नवंबर को मतदान हुआ था और 11 दिसंबर को आए चुनाव परिणाम में प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को 114 सीटें मिली हैं. यहां बसपा के दो, सपा के एक और चार अन्य निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बना रही है. उसे फिलहाल कुल 121 विधायकों का समर्थन हासिल है. वहीं, भाजपा को 109 सीटें मिली हैं.

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साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालते ही कमलनाथ ने कांग्रेस के वचन पत्र में किये गये वादे के मुताबिक सबसे पहले किसानों के दो लाख रुपए तक के कर्ज माफ करने की फाइल पर हस्ताक्षर किये. इसकी जानकारी मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने दी. उन्होंने कहा कि जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन के जरिए फैसला लिया जाता है कि मध्यप्रदेश राज्य में स्थित राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल रिण के रूप में शासन के जरिए पात्रता मुताबिक पात्र पाये गये किसानों के दो लाख रुपये की सीमा तक का 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया फसल रिण माफ किया जाता है.

इस कदम के तहत किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ होगा. इससे 40 लाख किसानों को फायदा होगा. कर्जमाफी का मौजूदा और डिफाल्टर किसानों को भी फायदा होगा. सहकारी के साथ ही राष्ट्रीय बैंकों से भी इस बारे में चर्चा की गई है. कर्ज माफी की फाइल पर साइन करने के बाद मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘मैंने अपना वादा पूरा किया.’ अनुमान लगाया जा रहा है कि वे बेरोजगारों को महंगाई भत्ता देने का ऐलान भी जल्‍द कर सकते हैं.  इसको लेकर एक ड्राफ्ट तैयार हो चुका है. कमलनाथ पहली बार मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बने हैं. वे छिंदवाड़ा से नौ बार सांसद चुने गए हैं. कमलनाथ को गुरुवार को कांग्रेस विधायकों ने मुख्‍यमंत्री पद के लिए चुना था.

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