IPL VIDEO : जब मुंबई ने चेन्नई को फाइनल में जाने से रोका… CSK VS MI

आईपीएल इस क्रिकेट टूर्नामेंट में शुरुआती सीजन से ही रोमांच अपनी पराकाष्ठा पर रहा है. आइये आईपीएल के आठवें संस्करण अर्थात 2015 में हुए एक इसी तरह के रोमांचक मैच की याद आपको दिलाते हैं और इस मैच के कुछ रोचक तथ्य भी बताते हैं.

मुंबई बनाम चेन्नई – आईपीएल में सबसे कांटे की टक्कर

आईपीएल 2015 के इस प्रथम क्वालीफ़ायर मैच से पहले दोनों टीमें 22 बार भिड़ीं थी, जो कि आईपीएल की किन्हीं भी दो टीमों के आपसी मुकाबलों की संख्या के लिहाज से सर्वाधिक था. प्रतिद्वंद्विता की स्थिति आप इसी से समझ सकते हैं कि दोनों टीमों ने 11-11 मैच जीते. फाइनल में भी ये दो बार भिड़ीं, जहाँ 2010 में चेन्नई जबकि 2013 में मुंबई विजेता रही. दोनों टीमों से सर्वाधिक रनों के लिए चेन्नई के सुरेश रैना जबकि सर्वाधिक विकेटों का ताज मुंबई के लसिथ मलिंगा के नाम पर था.

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लीग मुकाबलों का सफ़र

इस मुकाबले के पहले लीग मैचों में अपने बेहतर प्रदर्शन के कारण जहाँ चेन्नई प्रथम स्थान पर थी वहीँ मुंबई का सफ़र उतार-चढ़ाव से भरा हुआ रहा था. मुम्बई ने अपने पहले 5 मैचों में 4 हारे थे, लेकिन फिर आश्चर्यजनक खेल के प्रदर्शन द्वारा अगले पाँचों मैच जीतकर वह दूसरे स्थान पर आ गई.

यह रोमांचक मुकाबला

इस मुकाबले का टॉस मुंबई ने जीता और बल्लेबाजी का निर्णय किया. लेंडल सिमंस और पार्थिव पटेल ने पारी का आगाज किया और तेजी से रन जोड़े. पार्थिव पटेल ने 25 गेंदों में 35 रनों का जबकि सिमंस ने टीम को शानदार अर्ध शतकीय योगदान दिया. टीम के स्कोर को विशाल करने में किरोन पोलार्ड के 17 गेंदों में बनाए गए ताबड़तोड़ 41 रनों से बहुत सहायता मिली. 20 ओवरों की समाप्ति पर मुंबई ने 5 विकेट खोकर 187 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया.

 

 

 

मुम्बई के इस स्कोर का पीछा करने चेन्नई की तरफ से ड्वेन स्मिथ और माइक हसी की जोड़ी ने शुरुआत की. यहाँ यह गौरतलब है कि अभी तक के पूरे टूर्नामेंट में चेन्नई की ओर से ब्रैंडन मैकुलम ने पारी की शुरुआत की थी किन्तु इस मैच के पहले इंग्लैंड के खिलाफ चालू हो रही श्रृंखला के चलते उन्हें न्यूज़ीलैंड लौटना पड़ा और टूर्नामेंट में अभी तक इंतजार कर रहे हसी को इस मैच में मौका मिला.

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पहले ओवर की चौथी ही गेंद पर मलिंगा ने स्मिथ को चलता किया और स्टेडियम में दर्शक उत्साह में आ गए. इसके बाद फाफ ड्यू प्लेसी ने शानदार बल्लेबाजी दिखाते हुए 34 गेंदों में 45 रनों का योगदान दिया और चेन्नई को जवाबी आक्रमण के लिए सक्षम बनाया.

लेकिन फिर मुंबई ने अपना चैंपियन श्रेणी का खेल दिखाया और चेन्नई के मध्यक्रम के पैर उखाड़ दिए. सुरेश रैना 25(19) के अलावा और किसी का उल्लेखनीय योगदान नहीं मिल पाया. धोनी, ब्रावो, जड़ेजा सस्ते में निपट गए. और चेन्नई 25 रन से पराजित हो गया. मलिंगा ने फिर बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 23 रन देकर 3 विकेट हथियाए.

इस शानदार खेल के कारण मुम्बई फाइनल में प्रवेश कर गया जबकि चेन्नई को नए इंतजार की कतार में खड़ा होना पड़ा.

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