Home Facts दुनिया में सबसे ज्यादा हथियार खरीदता है भारत, इन देशों से करता है आयात

दुनिया में सबसे ज्यादा हथियार खरीदता है भारत, इन देशों से करता है आयात

by Gwriter

दुनिया भर में अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए हथियार खरीदे और बेचे जाते रहे हैं. विश्व में हथियार खरीदने के मामले में भारत का कोई दावेदार नहीं है. विश्व में भारत हथियारों का सबसे बड़ा आयातक है. वहीं साउदी अरब को 2018 में पछाड़ते हुए भारत ने दुनिया के कई देशों से हथियारों के मामले में अपना आयात बढ़ाया है. अपनी रक्षा जरूरतों के लिए भारत दुनिया के अन्य देशों पर हमेशा से निर्भर रहा है. हथियार खरीदने के शुरुआती दौर में भारत सिर्फ रूस से हथियार खरीदता था. हालांकि मौजूदा वक्त में आधुनिक तकनीकों और उम्दा हथियारों के चलते हिंदुस्तान अब अन्य देशों से भी भरपूर हथियार खरीदता है. भारत की सुरक्षा व्यवस्था रूस, जापान, अमेरीका, फ्रांस और जर्मनी से आए हथियारों के बल पर चलती है.

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अपनी 2018 की रिपोर्ट में भारत को हथियार खरीदने वालों की सूची में टॉप का स्थान दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत अन्य देशों से पनडुब्बियों, राफेल न्यूक्लियर वेपन जैसे आधुनिक और घातक हथियार खरीदता है. अगर भारत में हथियार भेजने वाले टॉप पांच देशों को एक कतार में देखें तो सबसे पहले रूस, फिर अमेरिका और बाद में जापान, फ्रांस और जर्मनी आते हैं. हिंदुस्तान में लगभग 62 फीसदी हथियार रूस से आते हैं. देश की सुरक्षा के लिए भारत इन हथियारों पर हर साल अरबों-खरबों रुपए खर्चता है. हथियारों के टाइप की बात करें तो भारत एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम, चार स्टील्थ फ्रिगेट, एके-203 असॉल्ट राइफलें, पनडुब्बी, कामोव-226टी यूटिलिटी हेलिकॉप्टर, एमआइ-17 हेलीकॉप्टर और शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम जैसे हथियार और आधुनिक घातक तकनीक रूस से खरीदता है.

भारत ने 2013-17 के बीच सबसे ज्यादा हथियार रूस से खरीदे थे. भारत द्वारा कुल खरीदे गए हथियारों में रूस से 62 फीसदी, अमेरिका से 15 फीसदी और इजराइल से 11 फीसदी हथियार शामिल हैं. रूस और इजराइल से हथियार खरीदने के मामले में भारत हमेशा से पहले नंबर पर रहा है. भारत द्वारा अमेरीका से लडाकू हेलीकॉप्टर सहित घातक टैंक खरीदे जाते रहे है. 2019 में ही भारत सरकार ने अमेरिकी हथियार बनाने वाली कंपनी बोइंग के साथ 4168 करोड़ रुपये के 22 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था. अपाचे AH-64E अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और इसे दुनिया का सबसे खतरनाक लड़ाकू हेलीकॉप्टर भी कहा जाता है. वहीं फ्रांस से भारत आमतौर पर लड़ाकू विमान खरीदता हैं. 2015 में ही इन दोनों देशों के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमान को 7 अरब डॉलर में खरीदने का सौदा हुआ था.

जापान से भी भारत द्वारा आमतौर पर विमान खरीदे जाते रहे हैं. इसी के साथ अंतरिक्ष सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच ज्यादा समझौते हुए हैं. दोनों देशों के शिन मायवा यूएस2 नाम का विमान खरीदने का समझौता पूरा हो चुका है. दोनों ही देशों ने यूएस-2 को भारत में ही बनाने पर काम कर रहे हैं. जापान द्वारा विमान की तकनीक भी भारत को देने की बात कही गई है. जर्मनी से भारत द्वारा मशीन गन और पनडुब्बियां खरीदी जाती है. घातक पनडुब्बियों को लेकर भारत और जर्मनी के बीच में बीते कुछ सालों में अरबों रुपए के समझौते हुए हैं. इन सभी हथियारों और आधुनिक तकनीकों के चलते भारत हथियार आयात के क्षेत्र में नंबर 1 बना हुआ है.

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