भारत ईरान के साथ मिलकर फिर से कर सकता है पाकिस्तान पर हमला?

भारत ईरान के साथ मिलकर फिर से कर सकता है पाकिस्तान पर हमला?
भारत और ईरान इन दिनों आतंकवादी हमलों की मार झेल रहे हैं. भारत में जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकवादी हमला हुआ. जिसमें सेना के 40 जवान शहीद हो गए. भारतीय सेना पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली. वहीं ईरान में भी आतंकवादी हमला हुआ. उस हमले में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के 27 सैनिकों की मौत हो गई गई थी. दोनों हमलों के पनाहगार को पाकिस्तान ने अपनी धरती पर शरण दे रखी है. ऐसे में दोनों देश अब पाकिस्ता से हिसाब बराबर करने के लिए एक साथ आ चुके हैं. आतंकवादी हमलों की मार झेलने के बाद भारत और ईरान आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए आपस में करीबी सहयोग करने पर राजी हुए हैं. इस संबंध में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ईरान के उप विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से मुलाकात की. स्वराज और अरागची के बीच ऐसे समय में मुलाकात हुई है जब ईरान के मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश अल अदल का जिक्र करते हुए कहा था कि पाकिस्तान को इन आतंकवादी संगठनों को पनाह देने की कीमत चुकानी होगी और बेशक यह कीमत बहुत बड़ी होगी. दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं पाकिस्तान से बदला लेने के लिए भारत को क्या करना चाहिए? ईरान के रिवोल्युशनरी गार्ड्स ने पाकिस्तान के सुरक्षाबलों पर आत्मघाती बम हमले के गुनहगारों का सहयोग करने का आरोप लगाया है. इस हमले में उसके 27 सैनिक शहीद हो गए. भारत ने भी पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए. दोनों देश पाकिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए घनिष्ठ सहयोग करने पर राजी हुए. ईरान में हजारों लोगों ने इन शहीद सैनिकों के अंतिम संस्कार में बदला लेने की मांग की. ये सैनिक आतंकवादियों के आत्मघाती हमले में शहीद हुए हैं. ईरान ने पाकिस्तान पर आतंकवादियों की मदद करने का आरोप लगाया है. वहीं भारत में भी लोग सड़कों पर उतर आए हैं. हिंदुस्तान में भी लोग पाकिस्तान से बदले की मांग कर रहे हैं. ऐसे में दोनों देश रणनीति के तहत पाकिस्तान पर बड़ा हमला कर आतंकवादियों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं. दोनों देशों में फिलहाल पाकिस्तान के लिए आक्रोश चरण पर है. ऐसे में कोई भी देश नहीं चाहता कि उसका ये गुस्सा कम हो. ऐसे में ईरान और भारत मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा फैसला ले सकते हैं. साथ ही दोनों देश एक दूसरे की मदद करके पाकिस्तान से आतंकवाद जड़ से खत्म करने की कोशिश भी कर सकते हैं. भारत पहले ही पाकिस्तान पर आर्थिक रूप से कड़े फैसले कर चुका है. भारत ने पाकिस्तान के मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी वापस ले लिया. साथ ही पाकिस्तान का सामान भारत ने आए यानी पाकिस्तान भारत को कोई सामान निर्यात न कर सके, इसके लिए भारत ने पाकिस्तान के सामानों पर कस्टम ड्यूटी भी बढ़ा दी है. इसे बढ़ाकर 200 फीसदी कर दिया गया गया. ऐसे में गरीब देश पाकिस्तान को आर्थिक रूप में झटका लगेगा. हालांकि भारत और ईरान यहीं तक चुप रहने वाले नहीं है. भारत और ईरान दोनों ही देश पाकिस्तान से उनके जवानों की शहादत का बदला आतंकवाद पर करारा प्रहार करके ही चुकता करेंगे.