म्यूचुअल फंड से कमाना है मुनाफा तो इस सिद्धांत की गांठ बांध लें…

बाजार में निवेश करना चाहते हैं लेकिन बाजार के उतार चढ़ाव से डरते हैं तो म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना अच्छा विकल्प हो सकता है. म्यूचुअल फंड का पैसा भी बाजार में ही लगता है लेकिन इसमें ये काम आपके लिए एक जानकार करता है जिससे जोखिम काफी कम हो जाता है. निवेशकों की एक बड़ी संख्या के जरिए जमा पैसा राशी को म्यूचुअल फंड कहते हैं जिसे एक फंड में डाल दिया जाता है. फंड मैनेजर इस पैसे को कई वित्तीय साधनों में निवेश करने के लिए अपने निवेश प्रबंधन कौशल का उपयोग करता है. म्यूचुअल फंड कई तरह से निवेश करता है जिससे उसका रिस्क और रिटर्न निर्धारित होता है. जब बहुत से निवेशक मिलकर एक फंड में निवेश करते हैं तो फंड को बराबर-बराबर हिस्सों में बांट दिया जाता है जिसे इकाई या यूनिट कहते हैं.

ऐसे करें निवेश
आप किसी म्यूचुअल फंड की वेबसाइट से सीधे निवेश कर सकते हैं. अगर आप चाहें तो किसी म्यूचुअल फंड एडवाइजर की सेवा भी ले सकते हैं. अगर आप सीधे निवेश करते हैं तो आप म्यूचुअल फंड स्कीम के डायरेक्ट प्लान में निवेश कर सकते हैं. अगर आप किसी एडवाइजर की मदद से निवेश कर रहे हैं तो आप किसी स्कीम के रेगुलर प्लान में निवेश करते हैं. अगर आप सीधे निवेश करना चाहते हैं तो आपको उस म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर जाना पड़ेगा. आप उसके दफ्तर में भी अपने दस्तावेज के साथ जा सकते हैं. किसी डायरेक्ट प्लान में निवेश करने का फायदा यह है कि आपको कमीशन नहीं देना पड़ता है. इसलिए लंबी अवधि के निवेश में आपका रिटर्न बहुत बढ़ जाता है. इस तरीके से निवेश करने में एक दिक्कत यह है कि आपको खुद रिसर्च करना पड़ता है.

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जोखिम
आपका फायनेन्शियल एडवाइजर आपसे कहता है कि म्यूचुअल फंड में निवेश से आपका बाजार में रिस्क कम हो जाएगा. मगर टीवी पर विज्ञापनों में हमेशा सुनते हैं म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिम के अधीन हैं. वास्तव में यह दोनों ही बातें सच हैं. दरअसल, म्यूचुअल फंड कई तरह की योजनाएं प्रदान करते हैं, इसे निवेश को विविधीकरण या डाइवर्स करने का तरीका भी माना जाता है. जिसका अर्थ है कि विविधीकरण की अपनी विशेषता के कारण यह काफी हद तक आपके जोखिम को कम कर देता है. लेकिन याद रखें कि यह आपके जोखिम को पूरी तरह खत्म नहीं करता है. इसका मतलब है कि अगर आप म्यूचुअल फंड के माध्यम से इक्विटी बाजार में निवेश करने का निर्णय लेते हैं तो उन बाजारों से जुड़े जोखिम अभी भी आपके निवेश के साथ रहते हैं.

ऐसे कमाएं मुनाफा
कई निवेशक बाजार नीचे आने पर म्यूचुअल फंड रोक देते हैं और बाजार बढ़ने के साथ निवेश करना शुरू कर देते हैं. यह निवेश के ‘बाय लो एंड सेल हाई’ सिद्धांत के उलट है. इस तरह ऐसे लोग अपने सारे लाभ एक झटके में खो देते हैं. इस गलती से बचने के लिए आपको अपना निवेश जारी रखना चाहिए. बाजार के उतार-चढ़ाव की बजाय निवेश अवधि के साथ मेल खाते फंड्स की कैटेगरी में निवेश करते रहें. इससे आप अपनी पूंजी को गंवाएं बिना सही फंड चुन सकते हैं.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि एलआईसी का पूरा नाम क्या है.

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