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नमक कैसे बनता है? समुद्र से लेकर आपके घर तक कैसे पहुंचता है?

अमीरों और गरीबों के घर में एक चीज ऐसी है जो दोनों के घर में मिल जाती है. उसके बिना खाना बनान थोड़ा मुश्किल है. दोस्तों, हम नमक की बात कर रहे हैं. छोटी सी पन्नी में आने वाला नमक खाने का स्वाद बढ़ाने में काम में आता है. लेकिन दोस्तों क्या आपको पता है कि ये नमक कहां से आता है और कैसे तैयार होता है? आइए जानते हैं इसके बारे में...

दोस्तों, नमक बनाने की शुरुआत समुद्री जल या बोरवेल से प्राप्त नमकीन पानी से होती है. नमक बनाने वाली कंपनियां सबसे समुद्र के पानी को सुखाती है. तेज धूप में इस पानी को घंटों रखा जाता है जिससे नमकीन कंटेंटस को हासिल किया जा सके. इसे अगर बतौर प्रक्रिया समझें तो नमकीन पानी से गाढ़ा नमकीन कंटेंट निकालने को हम क्रिस्टलाइजर कहते हैं. चलिए अब प्रक्रिया के नाम से समझते हैं कि आखिरकार नमक बनता कैसे हैं?

क्रिस्टलाइजर के बाद दूसरे नंबर पर नमकीन पानी के क्रिस्टल से कच्चा नमक निकाला जाता है. इस प्रक्रिया को हारवेस्टिंग कहते हैं. इसमें कंपनियों के जरिए नमक के सभी क्रिस्टल्स को 20 दिनों के लिए छोड़ दिया जाता है. बीस दिन बाद आकर कर्मचारियों द्वारा कच्चा नमक प्राप्त कर कंपनियों में ले जाया जाता है. इसके बाद कंपनी में नमक को प्रोसेस किया जाता है. कच्चे नमक को निर्माण के लिए कंपनी में ले जाकर दबाव और पिसाई प्रक्रिया से गुजारा जाता है. इसे स्लरी कहते हैं. इसमें नमक को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ा जाता है. पिसाई के बाद समुंद्र किनारे से मिले नमक के बड़े कणों को छोटे कणों में तब्दील किया जाता है. इसके बाद इन कणों से गंदगी निकाली जाती है. गंदगी निकालने के लिए नमकीन कणों की धुलाई की जाती है.

धुलाई के बाद नमक में आयोडिन मिलाया जाता है. स्क्रू कनवेयर द्वारा आयोडिन को मिलाने  की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है. इसके बाद गीले नमक को सूखाने के लिए ड्रायर मशीन में भेजा जाता है. ताकी नमक पूरी तरह से सूख सके और उसे अगली प्रक्रिया के लिए रवाना किया जा सके. नमक के विभिन्न कणों को पाने के लिए ड्रायर मशीन से निकले नमक को वाइब्रेटिंग स्क्रीन से गुजारा जाता है. इससे विभिन्न कण अलग हो जाते हैं. इसके बाद इन्हें एंटी क्रैकिंग एजेंटस के जरिए एक दूसरे से मिलाया जाता है, मिक्स किया जाता है. यह नमक बनाने का फाइनल प्रोसेस होता है. दोस्तों, इसके साथ ही नमक बनकर तैयार है.

इन सभी प्रक्रियाओं के बाद नमक को पैकिंग के लिए भेज दिया जाता  है. पैकिंग के दौरान कंपनियों द्वारा नमक को वजन के हिसाब से कंपनियों की ब्रेंडिंग वाली पन्नी में भरा  जाता है. पैकिंग के बाद नमक को मार्केट में भेज दिया जाता है. साथ ही मार्केट में आने के बाद नमक हमारी किचन तक पहुंचता है. दोस्तों नमक बनाने की पूरी प्रक्रिया में करीब 23-24 दिन लगते हैं. समुंद्री और नमकीन पानी से लेकर दुकान तक पहुंचने में नमक के पैकेट्स को लगभग 25-26 दिन लगते हैं. समुद्री पानी से नमक बनाने के कारण कंपनी को ज्यादा खर्च नहीं उठाना पड़ता है. इसलिए  मार्केट में नमक सस्ते में मिलता है. दोस्तों कमेंट कर जरूर बताएं कि नमक का रंग कैसा होता है.