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नागरिकता संशोधन कानून पर अमेरिका-पाकिस्तान ने भारत को चेताया

नागरिकता संशोधन कानून 2019 का भारत के कई राज्यों में विरोध किया जा रहा है. अमित शाह के इस कानून को लेकर लोगों में खासा नाराजगी का माहौल है. दिल्ली से लेकर असम तक इसके विरोध की आग फैली हुई है. देश ही नहीं विदेशों द्वारा भी भारत के इस नए कानून को लेकर नकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं. पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, अमेरिका आदि देशों ने इस कानून को भारत की सेकुलर छवि के खिलाफ बताया है. दोस्तों, क्या आपको पता है कि नागरिकता के इस नए कानून पर विदेशों से कैसी प्रतिक्रियाएं आईं हैं? चलिए हम आपको बताते हैं.

नागरिकता संशोधन कानून 2019 को लेकर विदेशों से लगभग एक जैसी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. ज्यादातर देश इस कानून को लोगों के अधिकारों का हनन बता रहे हैं, तो बांग्लादेश जैसे देश इसका समर्थन करते हुए लिस्ट की भी डिमांड कर रहे हैं.

पाकिस्तान ने नागरिकता संशोधन बिल को पक्षपातपूर्ण बताया है साथ ही इस बिल को दोनों देशों के बीच हुए तमाम द्विपक्षीय समझौतों का पूरी तरह से उल्लंघन करने के समान बताया है. पाकिस्तान ने बिल का विरोध करते हुए कहा, भारत पड़ोसी देशों के कथित प्रताड़ित अल्पसंख्यकों के ठिकाने के तौर पर खुद को दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान का कहना है कि भारत गलत मंशा से उसके आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में भारत को बिल पर दोबारा विचार करना चाहिए.

वहीं बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मेमन का मानना है कि इस बिल से भारत की सेक्युलर छवि को नुकसान पहुंचेगा. भारत ऐतिहासिक तौर पर एक सहिष्णु देश रहा है जिसने धर्मनिरपेक्षता में यकीन जताया है लेकिन अगर वे इस रास्ते से भटकते हैं तो उनकी ऐतिहासिक छवि कमजोर पड़ जाएगी. आगे उन्होंने देश को चेताते हुए कहा, बांग्लादेश और भारत के करीबी रिश्ते रहे हैं और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का सुनहरा अध्याय भी करार दिया गया. स्वाभाविक तौर पर, बांग्लादेश यह उम्मीद नहीं करता है कि भारत ऐसा कुछ नहीं करेगा जिससे उनके बीच तकरार आए.

इसके साथ ही अफगानिस्तान ने भी इस बिल पर आपत्ति जताते हुए नाराजगी जाहिर की है. अफगानिस्तान के राजदूत ने कहा कि वह ऐसे देशों में शामिल नहीं है जहां पर सरकार अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव करती हो. अफगानिस्तान ने भारत द्वारा उन्हें पाकिस्तान जैसे देशों के साथ शामिल करने की भी निंदा की है. राजदूत ने कहा है कि हमारे देश में अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लोगों को पूरा सम्मान दिया जाता है.

अमेरिका भी नागरिकता संशोधन कानून 2019 को लेकर चिंतित है. उसने भी इस बिल की आलोचना की है. अमेरिका का मानना है कि इस बिल को पास करके भारत ने अपनी स्थिति कमजोर कर ली है. साथ हीअमेरिकी राजदूत ने तो अमित शाह को संभालने तक की हिदायत दे दी है.

दोस्तों, इस बिल को लेकर ज्यादातर देशों का यही कहना है कि हमारे देश में तो अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया ही नहीं जाता है. हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने भारत से अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की सूची मांगी है. उनका कहना है भारत हमे सूची दे तो हम अपने नागरिकों को अपने देश में बुला लेंगे. दोस्तों, कमेंट कर जरूर बताएं कि अमित शाह कौन है?