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महिलाओं के ब्रेस्ट का आकार होता है अलग-अलग, जानिए फीमेल बॉडी के अनजाने तथ्य

महिलाओं के ब्रेस्ट का आकार होता है अलग-अलग, जानिए फीमेल बॉडी के अनजाने तथ्य
महिलाओं और पुरुषों की शरीर की संरचना में कुछ बुनियादी फर्क होते हैं. कुदरत ने मर्दों की तुलना में औरतों को बहुत सारी खूबियां दी हैं. हालांकि आप महिलाओं की इन खूबियों के बारे में नही जानते होंगे. आइए यहां जानते हैं महिलाओं के शरीर से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में... ब्रेस्ट का आकार ऐसी कोई भी महिला नहीं है जिनकी ब्रेस्‍ट का आकार एक सा हो. एक ब्रेस्‍ट हमेशा दूसरे ब्रेस्‍ट की तुलना में बड़ा होता है. महिलाओं का बायां ब्रेस्ट दाएं ब्रेस्ट की तुलना में थोड़ा बड़ा होता है और ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि महिलाओं के ब्रेस्ट में निरंतर कोई न कोई परिवर्तन चलता रहता है और यह परिवर्तन हर घंटे या हर मिनट हो सकता है. लेकिन यह परिवर्तन कोई इतना बड़ा नहीं होता है की जो आपको महसूस हो, यह ब्रेस्ट में अपने आप होता रहता है. सेक्स के बाद अंडे बनने का समय सेक्स के बाद ए‍क महिला के शरीर में अंडे बनने में 24 से 48 घंटे का समय लगता है, जबकि पुरुष का स्‍पर्म महिला के शरीर में में 48 घंटे तक ही जीवित रह सकता है. लचीला शरीर महिलाओं की मसल्स हल्की और ज्यादा लचीली होती हैं. कुदरत ने उन्हें यह खूबी इसलिए दी है, ताकि उनका शरीर प्रेगनेंसी के दौरान आराम से बदल सके और चाइल्ड डिलेवरी के बाद आसानी से रिकवर भी कर सके. महिलाओं के एस्ट्रोजन हॉर्मोन के कारण उनकी मसल्स में यह खूबी होती है. यही वजह है कि लड़कियां ज्यादा अच्छी जिम्नास्ट होती हैं. इसके अलावा उनकी गर्दन भी ज्यादा फ्लेक्सिबल होती है. वे अपनी गर्दन ज्यादा घुमा सकती हैं. सेक्स टॉय टेस्टर से लेकर न्यूड मॉडल तक, ये हैं दुनिया की 5 सबसे अजीबोगरीब नौकरियां नींद में भी एक्टिव रहता है दिमाग जागते रहने की तुलना में नींद में महिलाओं की दिमागी एक्टिविटीज सिर्फ 10 फीसदी ही कम होती हैं. यानि की पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का ब्रेन सोते समय भी काम करता रहता है. इस खासियत के चलते औरतें छोटे बच्चों की बेहतर देखभाल कर पाती हैं. आपने देखा होगा कि आधी रात को भी शिशु की हल्की-सी आवाज से मां की नींद तुरंत खुल जाती है. सेंसेटिव स्किन महिलाओं की स्किन पुरुषों के मुकाबले ज्यादा पतली और सेंसेटिव होती है. उन्हें स्पर्श का अहसास भी अच्छी तरह होता है. इसीलिए वे बारीक चीजों को छूकर पहचान जाती है. टेस्टोस्टेरॉन हॉर्मोन के कारण मर्द मोटी स्किन वाले होते हैं. फैट महिलाएं कम फैट बर्न करती हैं, महिलाओं के शरीर में भीतरी अंग छोटे होते हैं. यही कारण है कि अगर महिला और पुरुष दोनों बैठे हों तो महिला का शरीर कम कैलोरी बर्न करेगा. मातृत्व की तैयारी के लिए उनके शरीर में फैट जमा करने की प्रवृत्ति भी होती है.   नीचे आप कमेंट कर बताएं कि ज्यादातार महिलाओं की आवाज मोटी होती है या पतली ?
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