VIDEO: महाशिवरात्रि में शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए न करें ये गलतियां, वरना नाराज हो सकते हैं भोलेनाथ!

VIDEO: महाशिवरात्रि में शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए न करें ये गलतियां, वरना नाराज हो सकते हैं भोलेनाथ!
हिंदुओं के त्योहार में महाशिवरात्रि का त्योहार काफी उमंग के साथ मनाया जाता है. साल में 12 शिवरात्रि होती हैं. इसमें से महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को सिर्फ शिवरात्रि कहा जाता है. लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है. कई लोग इसे बड़ी शिवरात्रि के नाम से भी जानते हैं. फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि सबसे बड़ी शिवरात्रि होती है. इसी वजह से इसे महाशिवरात्रि कहा गया है. महाशिवरात्रि का दिन शिव भक्तों के लिए बड़ा ही खास और महत्वपूर्ण होता है. इस दिन लोग भगवान शंकर के नाम व्रत रखते हैं. महिलाओं के लिए ये दिन काफी खास होता है. ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि का व्रत रखने से अविवाहित महिलाओं की शादी जल्दी होती है. वहीं, विवाहित महिलाएं अपने पति के सुखी जीवन के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखती हैं. इस दिन शिव भक्त भगवान शकंर या भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं. मंदिर जाकर दूध से अभिषेक करते हैं, पूरे दिन भूखे रहकर उपवास करते हैं. जिससे भगवान शिव की पूजा पूरे मन से की जा सके. विधि-विधान के साथ पूजा करने के साथ ही खानपान का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. व्रतधारियों को इन दिनों में कई चीजें होती है जिसका सेवन करना वर्जित माना जाता है. मान्यता है जो लोग व्रत में रहते है उन्हें शिवरात्रि के दिन चावल, दाल और गेहूं से बने खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए. वहीं अगर आप बिना कुछ खाएं दिनभर भूखे नहीं रह सकते है तो आप कुट्टू का आटा और सेंधा नमक, आलू, साबुदाना, आलू की सब्जी और साबुदाने से बने व्यंजन खा सकते है. वहीं इस दिन कुछ काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए. आइए जानते हैं उनके बारे में... दोस्तों, अगर आप शिव भक्त हैं तो कमेंट बॉक्स में कमेंट कर हर-हर महादेव जरूर लिखें. महाशिवरात्रि के दिन मंदिरों में सुबह से ही भीड़ रहती है. मंदिरों में शिवलिंग पर लोग दूध-जल आदि चढ़ाते हैं. हालांकि इस दौरान एक बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए. ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए कभी भी काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए. ऐसे में काले कपड़े के अलावा दूसरा कोई वस्त्र ही इस दिन धारण करें. वहीं जल चढ़ाते वक्त काफी सावधानियां भी बरतनी चाहिए. शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय ध्यान रखना चाहिए कि जिस जगह से चढ़ा जल बाहर आ रहा होता है उस जल को लांघना नहीं चाहिए. शिवलिंग पर जल के अलावा भी कई चीजें चढ़ाई जाती हैं. हालांकि शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय गलती से भी तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए. शास्त्रों में इसे वर्जित माना गया है. तुलसी के अलावा सिंदूर, तिल और हल्दी भी शिवलिंग की पूजा करते समय भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए. इसके लिए भी मनाही की जाती है. वहीं एक खास बात इस दिन काफी ध्यान में रखी जानी चाहिए कि इस दिन किसी भी व्यक्ति को गलत बात नहीं बोलना चाहिए और ना ही किसी के बारे में गलत सोचना चाहिए.