आधार से जुड़ा ये नियम तोड़ने पर लगेगा 1 करोड़ रुपए का जुर्माना! कंगाल हो सकते हैं आप

आधार कार्ड भारत में लगभग हर काम के लिए जरूरी हो चुका है. कुछ सरकारी काम आधार कार्ड के बिना तो करने संभव ही नहीं है. सरकार ने पीछे कई सारी चीजों से आधार को लिंक करने के लिए अनिवार्य कर दिया था. जिसके बाद लोगों ने अपना जरूरी दस्तावेजों के साथ भी आधार को लिंक करवा लिया था. हालांकि आधार कार्ड में लोगों की काफी जानकारियां दर्ज होती है. ऐसे में लोगों को डर रहता है कि कहीं उनकी निजी जानकारी लीक न हो जाए. इस डर के कारण कई लोगों ने अपने जरूरी कामों से अभी तक आधार को लिंक भी नहीं करवाया है. आधार कार्ड को लेकर कई लोग असमंजस में रहते हैं. लोग सोचते हैं कि इससे कहीं उनकी निजता का हनन तो नहीं होगा. लेकिन अभी जनता की फिर्क करते हुए सरकार के जरिए आधार से जुड़े नए नियमों का प्रावधान लाया गया है. जिसमें 1 करोड़ रुपए तक जुर्माने की बात कही गई है. ऐसे में आइए जान लेते हैं आधार कार्ड से जुड़े इन नए नियमों के बारे में…

देखें वीडियो:

सरकार ने आधार कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव किया है. सूत्रों के मुताबित अगर कोई कंपनी के जरिए नियमों के उल्लंघन का सिलसिला जारी रहता है तो एक करोड़ रुपये के अतिरिक्त उन पर हर दिन 10 लाख रुपए अतिरिक्त का जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है. आधार को लेकर निजता संबंधी चिंताओं की वजह से कानून में संशोधन की योजना बनाई गई है. सूत्रों ने बताया कि सरकार का इरादा इसके तहत भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई को अन्य नियामकों की तरह अधिक अधिकार देने का है. अभी आधार कानून के तहत यूआईडीएआई के पास किसी उल्लंघन करने वाली इकाई के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई का अधिकार नहीं है.

नरेंद्र मोदी ने 2000 रुपए के नोट पर लिया शानदार फैसला, देश की जनता को दी राहत!

प्रस्तावित बदलावों के तहत ऐसे बच्चे जिनके पास आधार है, उन्हें 18 साल की उम्र पूरी करने के छह महीने के भीतर इस 12 अंक की बायोमीट्रिक संख्या को रद्द कराने का विकल्प होगा. किसी बच्चे के आधार नामांकन के लिए माता-पिता या अभिभावक की मंजूरी जरूरी होगी. आधार नहीं होने पर किसी भी बच्चे को सब्सिडी, लाभ या अन्य सेवाओं से वंचित नहीं रखा जा सकेगा. प्रस्तावित संशोधनों में ‘वर्चुअल आईडी’ और आधार के इस्तेमाल के स्वैच्छिक और ऑफलाइन तरीके का भी प्रावधान होगा. लोकसभा में आधार कानून, भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम और धन शोधन रोधक कानून में संशोधन संबंधी विधेयक सूचीबद्ध है. सरकार को आधार कानून के तहत यूआईडीएआई कोष बनाने का भी प्रस्ताव है. इसके साथ ही यूआईडीएआई को आय पर कर छूट का भी प्रस्ताव है.

आधार कानून के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रस्ताव करते हुए प्रावधानों के मसौदे में कहा गया है कि इसमें एक नई धारा जोड़ी जाएगी. इसके तहत आधार पारिस्थितिकी तंत्र में कानून, नियम, नियमनों और निर्देशों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर जुर्माना लगाया जा सके. अधिकतम जुर्माना एक करोड़ रुपए तक होगा. आधार पारिस्थितिकी तंत्र में नामांकन एजेंसियां, पंजीयक, अनुरोध करने वाली इकाइयां, आफलाइन सत्यापन करने वाली एजेंसियां आदि आती हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि यदि कोई इकाई जुर्माने के बाद भी उल्लंघन का सिलसिला जारी रखती है तो उस पर प्रतिदिन 10 लाख रुपए का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है. अनधिकृत तरीके से केंद्रीय पहचान डाटा रिपॉजिटरी तक पहुंच और डाटा से छेड़छाड़ करने पर सजा की अवधि को मौजूदा के तीन साल से बढ़ाकर दस साल करने का भी प्रस्ताव है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं आपका आधार कार्ड बना हुआ है या नहीं?

(Visited 1384 times, 1 visits today)

आपके लिए :