आखिर लालू प्रसाद यादव के लाल तेज प्रताप अपनी जिंदगी में कहां गलत हो गए ?

व्यक्ति की जिंदगी में बुरा वक्त कभी भी आ सकता है. इस बात को समझना हो तो हम आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव का रुख कर सकते हैं. चारा घोटाले के चलते सजा काट रहे हैं लालू की जिंदगी से सुकून चला गया है. न तो सेहत उनका साथ दे रहा है और न ही बेटे उन्हें चैन से जीने दे रहे हैं. ताजा मामला तेज प्रताप का है. साल 2018 में 12 मई को ऐश्वर्या राय संग शादी के बंधन में बंधे तेज प्रताप ने पटना सिविल कोर्ट में तलाक की अर्जी दी है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप अक्सर ही लाइमलाइट में रहते हैं. हालांकि तेज प्रताप की जिंदगी में काफी उथल-पुथल मचा हुआ है. तेज प्रताप और ऐश्वर्या के बीच हुए विवाद में कई जीचें हैं जिनको लेकर तेजप्रताप अपनी जिंदगी में गलत साबित हुए हैं… आइए जानते हैं इनके बारे में…

बताया जा रहा है कि तेज प्रताप को ऐश्वर्या के साथ शादी करनी ही नहीं थी और वो इस शादी से खुश नहीं थे. मगर परिवार ने उनपर दबाव डाला और उन्होंने मजबूरी में ऐश्वर्या से शादी की. पटना के वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित इस हाई प्रोफाइल शादी की सबसे खास बात ये थी कि जहां एक तरफ इसमें शिरकत के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पत्नी डिंपल यादव के साथ पटना पहुंचे थे. तो वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी लालू और राबड़ी की बहू को आशीर्वाद देने समारोह में आये थे.

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हालांकि इस गंभीर मामले पर अगर उनके परिवार के करीबियों की मानें तो ऐश्वर्या राय के बहू बनकर घर आने के दस दिन बाद ही दंपत्ति में कलह शुरू हो गई थी. ध्यान रहे कि तेज प्रताप की बीवी ऐश्वर्या, सारण की परसा सीट से आरजेडी विधायक चंद्रिका राय की बेटी हैं. वहीं गलती यही नहीं कि उनका मामला तलाक तक ही सीमित रहा. बल्कि अपने भाई तेजस्वी से रिश्तों में बड़ी खटास की खबरों के बाद अब हिन्‍दू मैरेज एक्‍ट के तहत तलाक की अर्जी दायक करने वाले तेज प्रताप को देखकर ये कहना कहीं से भी गलत नहीं है कि उन्होंने न सिर्फ खुद को परेशानी में डाला है बल्कि पिता लालू प्रसाद यादव और पार्टी आरजेडी की मुसीबतें भी बढ़ाई हैं.

दरअसल, लालू यादव के बड़े बेटे तेज कभी भी राजनीतिक मटीरियल लगे ही नहीं. वो एक मनमौजी किस्म के, पूजा-पाठ करने वाले, कभी बांसुरी बजाकर कृष्ण तो कभी शिव का रूप धर कर जीवन जीने वाले मस्तमौला और फक्कड़ किस्म के इंसान लगे. उनका ज्यादा वक्त रासलीला का स्वांग रचने, मंदिर-मंदिर भटकने, किसी सार्वजनिक जगह पर जलेबी तलने, बीच सड़क पर खुले नल के नीचे बैठकर नहाने से लेकर फिल्मों में एक्टिंग करने तक ही सीमित रहा.

हालांकि तेज प्रताप के जरिए किए गए इस कृत्य को देखकर बस इतना ही कहा जा सकता है कि ये न सिर्फ उनका और पिता का नाम का नाम खराब करेगा. बल्कि इससे आम देशवासियों के सामने पार्टी की भी छवि धूमिल हुई है. अपनी मनमौजी जीवन शैली के लिए अक्सर ही लोगों के बीच चर्चा में रहने वाले तेज प्रताप को अब परिपक्व होने में एक लम्बा वक्त लगेगा.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि बिहार के मुख्यमंत्री का नाम क्या है?

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