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BCA-MCA करने से क्या फायदा है?

दोस्तों सिर्फ डिग्री से ही नौकरी हासिल नहीं होगी. बल्कि डिग्री आपका मौका दिलाएगी और आपकी योग्यता आपको उन नौकरी के काबिल बनाएगी.

बदलते दौर में नौकरी और शिक्षा के पैमाने भी बदल गए है और आज हर कोई अपनी पढ़ाई और नौकरी या कारोबार के प्रति जागरूक हो गया है. लेकिन एक बात जो नहीं बदली है, वो है अपने विषय को चुनने की कशमकश. आज भी स्टूडेन्ट्स और उनके माता पिता अपने बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित रहते है. ऐसे में जब आपको अपना वर्क फील्ड चुनना हो तो ये काम थोड़ा कठिन हो जाता है. एज्यूकेशन हर इंसान के लिए मायने रखती है. इंसान का एज्यूकेटेड होना काफी जरूरी रहता है क्योंकि एज्यूकेशन की वजह से ही लोगों की जिंदगी के आगे के दरवाजे खुलते हैं. इंसान पढ़ा-लिखा होता है तो जिंदगी काट सकता है. वहीं अगर लोगों के पास किसी फील्ड से रिलेटेज डिग्री हो तो अच्छी नौकरी हासिल करने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है. अच्छी डिग्री होने से नौकरी के अवसर भी अच्छे मिलते हैं और नौकरी के कई विकल्प भी होते हैं. दोस्तों, डिग्री की बात की जाए तो इन दिनों BCA और MCA का चलन काफी ज्यादा है. स्टूडेंट्स इन कोर्सों की तरफ काफी आकर्षित हो रहे हैं. हालांकि उन्हें इन कोर्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और ना ही इस बारे में पता है कि इन कोर्सों को करने के बाद करियर के क्या ऑपशन होते हैं. ऐसे में दोस्तों आप निराश मत हो क्योंकि आज हम आपको BCA और MCA के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं. लेकिन दोस्तों, उससे पहले अगर आपने हमारे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो जल्द ही सब्सक्राइब कर लें ताकि आप हमारे ताजा वीडियो से अपडेट रह सकें. तो आइए शुरू करते हैं...

दोस्तों, आज बहुत से यंग लोगों को कम्प्यूटर का कीड़ा काट चुका है. उनके दिमाग में हर वक्त टेक्निकल चीजें चलती है. ऐसे में उनकी पूरा दिमाग ही
टेक्निकल और जुगाडू हो जाता है. ऐसे स्टूडेंट्स कम्प्यूटर की दुनिया में ही अपना करियर बनाने के बारे में सोचते हैं. तो दोस्तों, ऐसे लोगों के लिए बीसीए और एमसीए का कोर्स सबसे बेहतर इलाज है. जिन लोगों का कम्प्यूटर का कीड़ा काट चुका है, ऐसे लोगों को बीसीए और एमसीए की तरफ ही कदम बढ़ाना चाहिए. भारत में कई सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों और यूनिर्सिटीज में बीसीए और एमसीए के कोर्स करवाए जाते हैं. इस तरह के कोर्स करके आप एक अच्छी करियर के साथ-साथ काफी शोहरत भी हासिल कर सकते है. तो आइए पहले जानते हैं बीसीए के बारे में...

बीसीए का पूरा नाम बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन हैं. बीसीए कोर्स करने के बाद आपके करियर के लिए काफी सारे ऑप्शन मिल जाते हैं. बीसीए का कोर्स 12वीं के बाद किया जा सकता है. लेकिन बीसीए में एडमिशन लेने के लिए 12 क्लास में ही कुछ जरूरी सब्जेक्ट का होना काफी जरूरी है. बीसीए करने लिए 12वीं में फिजिक्स, कैमेस्ट्री और मैथ्स का होना काफी जरूरी है. इन सबजेक्ट के बिना टॉप लेवल के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में बीसीए में एडमिशन नहीं मिलता है. हालांकि कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटी ऐसी भी हैं जिनमें बीसीए में एडमिशन लेने के लिए 12वीं क्लास में इन सबजेक्ट की दरकार नहीं होती है. 12वीं क्लास में अगर आपने फिजिक्स, कैमेस्ट्री और मैथ्स में पढ़ाई नहीं की तो कुछ कॉलेजों में आपको बीसीए में एडमिशन मिल सकता है. यह कोर्स तीन साल का होता है और इसमें कुल 6 सेमेस्टर होते हैं. बीसीए में आपको कंप्यूटर से रिलेटेड सारे सबजेक्ट पढ़ने पड़ते हैं. इनमें बेसिक कंप्यूटर, एकाउंटिंग, डेटाबेस, प्रोग्रामिंग, नेटवर्किंग और वेब डेवलपमेंट जैसे सबजेक्ट शामिल हैं.

तो दोस्तों ये तो बात हो गई बीसीए की और बात करते हैं एमसीए की...लेकिन दोस्तों, अगर आप किसी स्पेशल कोर्स के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में कमेंट कर उस कोर्स के बारे में जरूर बताएं.

दोस्तों, एमसीए बीसीए का अलग स्टेप होता है. बिना बीसीए में ग्रेजुएशन किए एमसीए की पढ़ाई नहीं होती है. बीसीए जहां ग्रेजुएशन लेवल का कोर्स है तो वहीं एमसीए मास्टर लेवल का कोर्स है. एमसीए का मतलब मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन होता है. यह कोर्स ग्रेजुएशन के बाद होता है जो बीसीए के बाद किया जाता है. यह कोर्स तीन साल का होता है. एमसीए में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन 50 फीसदी अंको के साथ पास करना काफी जरूरी होता है. हालांकि दोस्तों, अगर आप बीसीए के बाद एमसीए में लेटरल एंट्री लेते हैं तो आप दो साल में ही इस कोर्स को पूरा कर सकते हैं. बीसएसी करने के बाद भी एमसीए में एडमिशन लिया जा सकता है.

दोस्तों, बीसीए और एमसीए टेक्निकल डिग्री कोर्स हैं. जिसमें स्टूडेंट्स को कम्प्यूटर से जुड़े फिल्ड के लिए तैयार किया जाता है. ये कोर्स करने के बाद आईटी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर खुल जाते हैं. इस कोर्स के बारे में स्टूडेंट्स को कई नई चीजें सीखने को मिलती है. इन कोर्स में सॉफ्टवेयर बनाने और वेबसाइट डिजाइन करने के बारे में भी सीखाया जाता है. इन कोर्स को करने के बाद आप सॉफ्टवेर इंजिनियर के तौर पर भी अपना करियर बना सकते हैं. दोस्तों, बीसीए या एमसीए करने के बाद आपको कंप्यूटर के क्षेत्र में काफी अच्छी-अच्छी जॉब मिल सकती है. भारत और विदेशों में भी आईटी कंपनियों में जॉब मिलने का अवसर बढ़ जाते हैं. वहीं एमसीए डिग्री पाने के बाद आप बहुत सी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में खुद को ढाल सकते हैं. बैंकिंग क्षेत्र, शेयर बाजार, ई कॉमर्स, नेटवर्किंग आदि क्षेत्रों में भी आपको जॉब के अच्छे मौके मिल सकते हैं.

लेकिन दोस्तों सिर्फ डिग्री से ही नौकरी हासिल नहीं होगी. बल्कि डिग्री आपका मौका दिलाएगी और आपकी योग्यता आपको उन नौकरी के काबिल बनाएगी. योग्य बनने के लिए आपको इन कोर्स में महारत हासिल करनी होगी और एक अच्छा प्रोग्रामर बनना होगा. इसके लिए आपको प्रोग्रामिंग लैग्वेज जैसे सी, सी++, जावा, .नेट, एएसपी, .नेट का अच्छा ज्ञान होना चाहिए. वेब डिजाइनिंग के लिए पीएचपी, एचटीएमएल, सीएसएस, जावा स्क्रिप्ट पर पकड़ होनी चाहिए. एसक्यूएल, लिनक्स में भी कुशलता हासिल होनी चाहिए.

दोस्तों, मेहनत से हासिल की गई ऊंची योग्यता कभी बेकार नहीं जाती. ऐसे में अगर आप बीसीए के बाद एमसीए यानी मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन करके अपनी योग्यता और बढा लेते हैं, तो जॉब मार्केट में आपकी वैल्यू बढ जाती है. इस बात का जरूर ध्यान रखें कि एमसीए किसी प्रतिष्ठित संस्थान से ही करें. ऐसा करने से आपको दूसरे के मुकाबले काफी अच्छे अवसर और अच्छा पैकेज मिलने की संभावना रहती है.