विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार पर अरविंद केजरीवाल का चौंकाने वाला बयान, हर कोई सुनकर रह गया हैरान

पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम के आए चुनाव परिणामों में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. बीजेपी ने इन पांच राज्यों में कहीं भी सरकार बनाने जितना बहुमत हासिल नहीं किया है. साथ ही बीजेपी को राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपनी सत्ता से भी हाथ धोना पड़ गया है. हालांकि इस बीच मोदी सरकार पर भी विरोधियों ने निशाना साधना शुरू कर दिया है. मोदी सरकार पर एक के बाद एक विरोधी नेता तल्ख तेवर अपनाए हुए हैं. इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पीछे नहीं रहे हैं.

विधानसभा चुनाव परिणामों पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने एक लाइन का ट्वीट कर कहा कि मोदी राज की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि चुनाव नतीजे बता रहे हैं कि अच्छे दिन आएंगे ही नहीं. जुमलेबाजों की राष्ट्रीय विदाई तय है. इधर चुनाव नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने निवास पर पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई. इसमें सासद, विधायक, निगम पार्षद, जिलाध्यक्ष और प्रभारी आदि शामिल हुए. बैठक के बाद आप के छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के प्रभारी गोपाल राय ने कहा कि पांच राज्यों चुनाव परिणाम साबित कर रहे हैं कि देश में परिस्थितियां बदल रही हैं.

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बैठक में तय हुआ है कि आम आदमी पार्टी अपने अभियान को आगे बढ़ाएगी. परिणाम से साफ संकेत है कि जहां, जो बीजेपी को हरा पा रहा है, जनता उसके साथ खड़ी है. दिल्ली में इस चुनौती को आप स्वीकार करती है. लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सीटों पर बीजेपी को हराने का बैठक में लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए 14 दिसंबर से पूरे प्रदेश के अंदर डोर-टू-डोर जनसंपर्क शुरू किया जाएगा. पार्टी सभी मतदान केंद्रों पर अपने सेंटर बनाएगी. उसी आधार पर दिल्ली भर में टोलियां बनाई जाएंगी, जो जिलाध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों और वार्ड अध्यक्षें के नेतृत्व में जनसंपर्क करेंगी.

इस बीच जनता को यह बताया जाएगा कि ईवीएम की तिकड़म के बावजूद, जनता खड़ी हो जाए तो बीजेपी को हराया जा सकता है. आप के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर पार्टी का कहना है कि पार्टी ने विस्तार के लक्ष्य को लेकर तीनों राज्यों में चुनाव लड़ा था. इन राज्यों में जनता ने सिर्फ बीजेपी को हराने के लिए वोट किया, इसलिए जो मजबूत दिखा उसका जनता ने समर्थन किया.

वहीं बीजेपी को हराने के लिए विपक्ष भी जुट गया है. विपक्षी एकता की कोशिश में कई विपक्षी दलों की मीटिंग से पहले डीएमके नेताओं ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. मुलाकात केजरीवाल के घर पर ही हुई. सूत्रों के मुताबिक करीब 20 मिनट की मुलाकात में बातचीत का मुख्य फोकस पीएम नरेंद्र मोदी रहे. सूत्रों ने बताया कि इस दौरान इन नेताओं ने मोदी सरकार की कई नीतियों पर बात की और चर्चा की कि किस तरह वह जनहित में नहीं हैं. मोदी को किस तरह हराया जा सकता है, इस पर भी बातचीत हुई.

डीएमके नेता एमके स्टालिन के साथ सांसद कनिमोझी, पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा और टीआर बालू भी इस मुलाकात के दौरान थे. विपक्षी गठबंधन की कवायद के बीच इस मीटिंग में डीएमके नेता स्टालिन ने केजरीवाल के साथ विपक्ष के नेताओं की बैठक के बारे में चर्चा की. सूत्रों के मुताबिक स्टालिन ने क्षेत्रीय दलों की कांग्रेस के साथ तल्खी को मिटाने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि देश के हित में विपक्ष की एकता जरूरी है.

दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि देश का अगला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होगा या राहुल गांधी? कमेंट बॉक्स में देखेंगे कि किस के समर्थक ज्यादा है.

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