इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी रहस्यमयी तरीके से करते हैं आत्महत्या

इंसानो के आत्महत्या करने की बातें तो काफी सुनी होगा. आत्महत्या करने का काम कायराना हरकत के समान लगता है. सभी धर्मों में इसे पाप माना जाता है. मनोविज्ञान कहता है कि जब कोई इंसान आत्महत्या करता है तो इसके पीछे का कारण ज्यादातर गहरा दबाव और तनाव होता है. लेकिन क्या कभी आपने जानवरों के आत्महत्या करने की बात सुनी है? हो सकता है कि यह बात आपको काफी अटपटी लगे लेकिन जानवर भी आत्महत्या करते हैं.

जी हां, बीते कुछ सालों में ऐसी घटनाएं देखने को मिली है जिससे यह साफ लगता है कि जानवर भी सामूहिक तरीके से आपसी सहमती से आत्महत्या करने के लिए तैयार हो जाते हैं और इसके बाद आत्महत्या जैसे काम को अंजाम देते हैं.

जनवरी 2005, कैलिफोर्निया
साल 2005 में कैलिफोर्निया में समुद्री किनारों पर बड़ी मात्रा में मरे हुए स्कड पाए गए. यह स्कड समुद्र में 2300 फीट नीचे पाए जाते हैं. यह ऐसी प्रजाति थी जिसके बारे में वैज्ञानिकों को भी ज्यादा जानकारी नहीं है. जिसके कारण इनकी भारी संख्या में मौत की वजह भी किसी रहस्य से कम नहीं थी क्योंकि पानी अगर प्रदूषित होता तो बाकि जलीय जानवरों पर भी इसका असर देखने को मिलता लेकिन ऐसा नहीं था.

2005, टर्की
साल 2005 में टर्किश चरवाहों को तब अजीबोगरीब हालात का सामना करना पड़ा जब उनकी 1500 से ज्यादा भेड़ों ने ऊंची पहाड़ी से छलांग लगा दी. इस हादसे में पहले एक भेड़ कूदी और फिर देखते ही देखते उसके पीछे बाकि की भेड़ें भी कूद गई. इनमें से 1100 भेड़ें नीचे कूदने वाली भेड़ों के उपर कूदने से बच गई. इस घटना से सभी लोग हैरान रह गए लेकिन इस सामूहिक छंलाग का राज आज तक किसी को समझ नहीं आया.

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2009, तस्मानिया
तस्मानिया में साल 2009 में सैंकड़ों की संख्या में पायलट व्हेल मरी हुई पाई गई. इसमें से करीब 200 की संख्या में पायलट व्हेल समुंद्र के किनारे बहकर आ गई. जिसके बाद इन पायलट व्हेलों को बचाने की कोशिश भी कई लेकिन सभी पायलट व्हेल को नहीं बचाया जा सका. व्हेलों की मरने की बातें कई बार सामने आती रही हैं लेकिन आज तक व्हेलों के इतनी बड़ी संख्या में मरने का रहस्य नहीं सुलझ पाया है.

जनवरी 2011, न्यूजीलैंड
साल 2011 में न्यूजीलैंड में हजारों की संख्या में स्नैपर मछलियां समुंद्री किनारों पर बहकर आई. आलम तो यह था की पानी पूरी तरह से इन मरी हुई मछलियों से ही ढ़क गया था. वहीं इन मरी हुई मछलियों के साथ सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इन सब मछलियों की आंखे गायब थी. जिसके पीछे की वजह कोई नहीं जान सका.

हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रदूषित वातावरण के कारण कई नई बीमारियों जन्म ले रही हैं, जिसके कारण यह जानवर ग्रस्त हो जाते हैं. वहीं इन जानवरों का प्रदूषित वातावरण में जीना मुश्किल हो जाता है जिसके कारण जानवर भी आत्महत्या जैसे प्रयास को अंजाम देते हैं. लेकिन पुख्ता तरीके से यह जानवरों की मौत का रहस्य अभी भी रहस्य ही बना हुआ है.

नीचे कमेंट कर आप बता सकते हैं कि इन जानवरों की मौत के पीछे आखिर क्या राज हो सकता है.

 

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