Home Fun अमेरिका ने कहा हम चीन से युद्ध के लिए तैयार GG

अमेरिका ने कहा हम चीन से युद्ध के लिए तैयार GG

by GwriterBSP

अफ़ग़ानिस्तान से जिस तरह अमेरिका पीछे हटा है यह स्थिति देखते हुए अपनी सुरक्षा के लिए जो देश अमेरिका को देखते थे आज वह भी अपना माथा पकड़ कर बैठे है। अमेरिका को पैसे देकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान का अब अमेरिका से विश्वास उठता जा रहा है ऐसे में अमेरिकी सेना ने जिन देशों की रक्षा का ज़िम्मा ले रखा है, वह भी इस समय अमेरिका पर भरोसा नहीं कर पा रहे है, और इसका सबसे बड़ा कारण खुद अमेरिका ही है जिसने अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सामने घुटने टेक दिए।


अमेरिका की इस शर्मनाक तरीके से बाहर निकालने पर अमेरिका की बेइज्जती करते हुए अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व उप राषट्रपति अमरुल्लाह सालहे ने ट्वीट किया कि ये जो आखिरी जनरल सोल्जर है मेजर जनरल क्रिस यह मत समझलेना की ये अपने बैग में अफ़ग़ानिस्तान को लेकर जा रहे है, अफ़ग़ानिस्ता जहां था वहीं है अफ़ग़ानिस्तान का सब कुछ वहीं है बस तालिबान है, और लोग उस से डरते है लेकिन तालिबान का भी अंत होगा। बस इस पुरी कहानी में एक चीज बदली है और वह है कि अब एक महाशक्ति देश,अमेरिका ने यह निश्चित कर लिया है कि वह एक महाशक्ति देश ना बन कर एक छोटी शक्ति बन कर भी खुश है। अपनी महाशक्ति का पूरी दुनिया में डंका पिटने वाला अमेरिका की अमरुल्लाह सालहे ने इतनी गंदी बेइज्जती करी।

अमेरिका ने दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले रखी है इन देशों के साथ अमेरिका ने रक्षा समझौते कर रखे है जिस के लिए ये देश अमेरिका को बिलियन डॉलर में पैसा देते है। लेकिन अफ़ग़ानिस्तान से जिस शर्मनाक तरीके से अमेरिका बाहर निकला है उसे देख जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देश भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता में नजर आ रहे है।
लेकिन अमेरिका जो दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अपने आप को कहता है, उसके लिए अब सबसे बड़ा खतरा है, चीन। चीन जो अब दूसरी बड़ी महाशक्ति रूप में उभरकर आ रहा है वह अमेरिका को हर जगह चुनौती दे रहा है।
चीन ताइवान को ले कर आक्रामक
चीन ने अमेरिका के सहयोगी जापान तक को न्यूक्लियर बम की धमकी तक दे दी थी। चीन ने कहा था कि जब चीन ताइवान पर कब्जा करेगा तब यदि जापान बीच में चाइना को रोकने आया तो चाइना जापान पर न्यूक्लियर बम से हमला करने में पीछे नहीं हटेगा।


और स्थिति यह है कि आने वाले 6 से 8 महीने या फिर 1 वर्ष में कभी भी चाइना ताइवान पर कब्ज़ा करने वाला है। हालात यह है कि बहुत सी रिपोर्ट आयी है कि चाइना के जंगी जहाज 24 घंटे ताइवान के पूर्व में खड़े रहते है और पेट्रोलिंग करते रहते है, जिसको लेकर ताइवान की सरकार चिंता में है। दरअसल बात यह भी है कि अब अमेरिका अपने आप को काफ़ी थका हरा महसूस करता है। वहां के लोग खुद यह कहते है की कब तक हमारी सेना दूसरे देशों में जाकर जंग लड़ेगी। बस अब हम और कहीं अपनी सेना को नहीं भेजना चाहते।

क्वाड संगठन और भारत के लिए खतरा
अमेरिका का इतनी शर्मनाक और हार कर अफ़ग़ानिस्तान से निकलने ने, खुद उसकी महाशक्ति की छवि को खराब कर कर दिया है और चाइना को महाशक्ति के रूप में मजबूती प्रदान कर दी है।

क्वाड संगठन जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया है, को एक तरह से हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में चाइना को टक्कर देने के लिए ही बनाया गया था। लेकिन जिस प्रकार अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका शर्मनाक तरीके से बाहर निकाल और अफ़ग़ानिस्तान को बीच में ही छोड़ कर चला गया उस से क्वाड संगठन में भी चिंता है। अमेरिका का कमजोर होना चीन को खुद-ब-खुद हिन्द प्रशांत क्षेत्र में मजबूती प्रदान करता है। ऐसे में भारत को अपने परम दुश्मन चाइना से निपटने के लिए खुद को ही मजबूत करना होगा। क्योंकि हिन्द-प्रशांत क्षेत्र को संभालना अकेले अमेरिका के बसकी भी नहीं है, और जापान खुद अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर है और बात रही ऑस्ट्रेलिया की उसकी सैना एक तो बहुत दूर है दूसरा उनकी क्षमता इतनी नहीं की वह चाइना को टक्कर दे पाए। ऐसे में चाइना को हिन्द महासागर क्षेत्र में केवल एक ही देश खदेड़ सकता है और वह है भारत।
अमेरिकी लोगो ने कहा ताइवान के लिए हम चीन से जंग को तैयार
अमेरिका का इस तरह हार कर अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकलने ने अमेरिका के महाशक्ति होने पर सवाल उठा दिए। लेकिन हाल ही में अमेरिका के लोग क्या चाहते है इस पर एक सर्वे हुआ। अमेरिका के वॉइस ऑफ अमेरिका न्यूज एजेंसी एक सर्वे किया जिसमें अमेरिकी नागरिकों से पूछा गया क्या वह अपने सैनिक भेंजगे यदि ताईवान पर चीन हमला कर दे, तो चौंकाने वाले आंकड़े आये तकरीबन 52% अमेरिकी लोगों ने कहा कि एक बार को हम युद्ध भी शुरू कर देंगे लेकिन ताइवान को डूबने नहीं देंगे। सर्वे में अमेरिकी लोगो ने यह भी कहा कि एक बार को हम अपने सैनिक भी भेज देंगे लेकिन चाइना को कभी भी ताइवान पर कब्ज़ा करने नहीं देंगे।

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