क्या चल रहा है ?
भारतीय सेना के जवान भी इन कुत्तों को सलाम करते हैं...जानिए क्यों | कैसे बनता है खून? शरीर में कमी होने से कैसे बढ़ाएं खून की मात्रा? | बाप रे!! मोदी-शाह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाएंगे? | ओवैसी के बारे में क्या सोचते हैं हैदराबादी मुसलमान? | कैसे बनाई जाती है पेंसिल? | फैक्ट्री में कैसे बनता है टोमैटो केचअप? | आलू चिप्स बनाना है आसान, ये रही पूरी प्रोसेस | नमक कैसे बनता है? समुद्र से लेकर आपके घर तक कैसे पहुंचता है? | अगर ये डॉक्युमेंट नहीं है तो NRC में आपकी नागरिकता जा सकती है | कैसी होती है डिटेंशन कैंप में जिन्दगी? | घुसपैठियों से ये भयानक काम करवाएगी मोदी सरकार? | क्या शरणार्थियों को रोजगार और घर दे पाएगी सरकार? | शरणार्थी और घुसपैठिया में क्या है अंतर? | नागरिकता कानून पर भारत उबल रहा है, कौन है इसके लिए जिम्मेदार? | जामिया में पुलिस ने क्यों की लाठीचार्ज? किस तरफ जा रहा है देश? | मोदी-शाह की जोड़ी फेल, राज्यों में लगातार मिल रही है हार | पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति कैसी है? | नागरिकता संशोधन कानून पर अमेरिका-पाकिस्तान ने भारत को चेताया | इसरो की कमाई कैसे होती है? कहां से आता है करोड़ों रुपया ? | विदेशों में भी मोदी मैजिक, मोदी के नाम से चुनाव जीत रहे हैं विदेशी नेता! |

अनिल अंबानी की बर्बादी में ये 5 कारण रहे अहम

इंसान कैसे आसमान की बुलंदियों को छूने के बाद अपने गलत फैसलों से जमीन पर आ गिरता है, इसका जीता जागता उदाहरण दुनिया को अनिल अंबानी के रूप में देखने को मिल सकता है. एक वक्त था जब अनिल अंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में शामिल होते थे लेकिन आज हालात ये हैं कि अनिल अंबानी पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं. हालांकि ऐसा क्या हुआ जो अनिल अंबानी बिल्कुल ही अर्श से फर्श पर आ गए? आइए जानते हैं उनकी बर्बादी के 5 बड़े कारण...

मुनाफे वाले सेक्टर्स से मिला घाटा
भाई मुकेश अंबानी से बंटवारे के वक्त अनिल अंबानी के पास मुनाफे वाले सेक्टर्स आए थे लेकिन अनिल अंबानी लंबे वक्त तक इन सेक्टर्स को मुनाफे में नहीं चला पाए और लगातार उनकी बर्बादी का दौर चलता रहा. साल 2005 में जब धीरूभाई अंबानी के 28,000 करोड़ रुपये के रिलायंस ग्रुप का बंटवारा हुआ था, तब मुनाफा कमाने वाला टेलिकॉम सेक्टर अनिल अंबानी को मिला था. साथ ही ये फैसला किया गया था कि अगले 10 सालों तक बड़े भाई मुकेश इस क्षेत्र में दखल नहीं देंगे. लेकन तब भी कंपनी को घाटा होता चला गया.

बाजार पूंजीकरण घटता गया
साल 2019 में जून के महीने तक रिलायंस समूह का बाजार पूंजीकरण 7,539 करोड़ रुपये था. अनिल अंबानी बाजार से पूंजी जुटाने में नाकाम साबित हुए. जिसके कारण वो अपनी कंपनियों का विस्तार नहीं कर पाए और लगातार घाटे में चलते गए.

CDMA टेक्नोलॉजी अपनाना बड़ी गलती
जानकारों का मानना है कि साल 2002 में रिलायंस इन्फोकॉम की शुरुआत हुई थी. तब अनिल अंबानी ने सीडीएमए टेक्नोलॉजी को चुना था. इस टेक्नोलॉजी की एक बड़ी समस्या थी कि यह केवल 2G और 3G को सपोर्ट करती है. लेकिन भारत में तब 4G की शुरुआत होने वाली थी. इसलिए निवेश के बाद भी वह तकनीक में पिछड़ गए. अन्य टेलिकॉम कंपनियों ने GSM टेक्नोलॉजी को चुना था.

कर्ज में इजाफा
इंफ्रास्ट्रक्चर और मनोरंजन के सेक्टर में भी उनको फायदा नहीं हुआ. साल 2014 में उनकी पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां बड़े कर्ज में डूब गईं. कर्ज का भुगतान करने के लिए उनके पास केवल कंपनियों को बेचने का ही विकल्प बचा था. उन्होंने कंपनियों को बेचने की शुरुआत की पर बात नहीं बनी. अनिल अंबानी ने एक साथ बड़ा विस्तार किया था. जिससे उन पर कर्ज का बोझ बढ़ता ही चला गया और उनकी मुख्य कंपनियां भी उसी दौर में घाटे में आ गईं, जिसकी वजह से वे मुसीबतों से घिर गए. 2005 में ऐडलैब्स और 2008 में उन्होंने 1.2 अरब डॉलर का करार ड्रीमवर्क्स के साथ किया था. पिछले कुछ सालों में अनिल अंबानी ने बिग सिनेमा, रिलायंस बिग ब्रॉडकास्टिंग और बिग मैजिक जैसी कंपनियों को कर्ज और घाटे के कारण बेचा है.

जियो ने दिया झटका
अनिल अंबानी की बर्बादी में उनके भाई मुकेश अंबानी की कंपनी जियो ने भी एक बड़ी अहम भूमिका निभाई. एक ओर अनिल अंबानी की कंपनियां घाटे में चल रही थी, वहीं दूसरी ओर उनके भाई मुकेश अंबानी ने टेलिकॉम क्षेत्र में प्रवेश किया. उन्होंने जियो कंपनी लॉन्च की, जिसकी वजह से दूसरी सभी टेलिकॉम कंपनियों को झटका लगा. टेलीकॉम क्षेत्र की दूसी बड़ी कंपनियों में वोडाफोन-आइडिया तो बंद होने के कगार पर आ चुकी है तो वहीं एयरटेल को भी इसकी वजह से काफी नुकसान हुआ. जियो के आते ही अनिल अंबानी की मुसीबतें भी और बढ़ गईं. जिससे उनकी आर कॉम भी घाटे में चली गई. अब अनिल अंबानी रिलायंस कम्युनिकेशंस के निदेशक पद से इस्तीफा भी दे चुके हैं.

अनिल अंबानी की आर कॉम दिवालिया हो चुकी है. उनकी दूसरी कई कंपनियां भी घाटे में चल रही हैं. अनिल अंबानी पर कर्ज इतना बढ़ चुका है कि उसे चुका पाना काफी मुश्किल है. ऐसे में आने वाले वक्त में क्या अनिल अंबानी की किस्मत पलटेगी या बाजार से उनका अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा...ये देखना दिलचस्प रहेगा.