1 अप्रैल से हुए ये 6 बड़े बदलावों – कैसे करेंगे आपको प्रभावित

नए वित्त वर्ष में होने वाले आयकर सम्बन्धी बदलाव

जैसा कि आप जानते ही हैं नया वित्त वर्ष शुरू हो गया है और इसी के साथ इस वित्तीय वर्ष के नए आयकर प्रावधान भी लागू हो गए हैं. 1 फ़रवरी को आम बजट में किये गए ये प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष में आपकी आय और करदेयता पर क्या प्रभाव डालेंगे, इसके लिए आपका इन प्रावधानों को जानना आवश्यक है. अपने पाठकों के लिए हम इन्हें अत्यंत सरल रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं.

स्टैण्डर्ड डिडक्शन (कटौती)

नए वित्त वर्ष में सभी वेतनभोगियों को सरकार ने 40 हजार रूपये तक के स्टैण्डर्ड डिडक्शन का लाभ दिया है. इसके अनुसार कुल वेतन से 40 हजार रूपये तक की सीमा के पश्चात की राशि पर ही आयकर देय होगा.

चिकित्सा खर्च में बढ़ोतरी

चिकित्सा पर बढ़ते खर्च को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसकी सीमा को भी बढ़ाया है. अभी 60 वर्ष से अधिक आयु पर 60 हजार और 80 वर्ष से अधिक आयु पर 80 हजार रूपए सालाना तक की कर छूट का प्रावधान था जो कि 1 अप्रैल से बढ़ाकर 1 लाख रूपये कर दिया गया है.

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आयकर पर सेस में बढ़ोतरी

नए वित्त वर्ष के लिए वित्तमंत्री द्वारा आयकर पर लगने वाले स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर (सेस) को बढ़ाया गया है. यह उपकर अब 3 प्रतिशत के स्थान पर 4 प्रतिशत हो गया है. 1 प्रतिशत की यह वृद्धि भी 1 अप्रैल से लागू हो गई है.

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स

इस वर्ष के लिए किए गए बदलावों में यह एक प्रमुख बदलाव है. इसके अंतर्गत शेयर बाजार और इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में किये गए निवेश पर साल भर में 1 लाख रुपये से ज्यादा का लाभ होने की स्थिति में आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) देना होगा. इस प्रावधान में 1 फ़रवरी 2018 के बाद किये गए निवेश को शामिल किया गया है. इससे पहले किये गए निवेश को इस कर से मुक्ति की पात्रता होगी.

वरिष्ठ नागरिकों की कर छूट में वृद्धि

नए वर्ष में वरिष्ठ नागरिकों को भी एक विशेष लाभ प्राप्त हुआ है. इसके अंतर्गत अब डाकघर और बैंक आदि से उन्हें ब्याज द्वारा मिलने वाली 50 हजार रूपये तक की वार्षिक आय करमुक्त होगी. पहले यह छूट एक वित्तीय वर्ष में ब्याज द्वारा होने वाली 10 हजार रुपये तक की आय पर ही थी.

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वरिष्ठ नागरिकों की कर छूट में वृद्धि

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना

नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में निवेश की सीमा 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है. सरकार इस योजना में जमा राशि पर 8 प्रतिशत का निश्चित ब्याज प्रदान करती है. इस योजना की समय सीमा बढ़ाकर 2020 तक कर दी गई है.

नए वित्तीय वर्ष में आयकर नियमों में यह सभी बदलाव होंगे. हमारी इस पेशकश का उद्देश्य इन सभी परिवर्तनों को आप तक सरल रूप में पहुँचाना है. अपने निवेश सलाहकार और कर सलाहकार से समुचित विचारविमर्श करके आप अपनी वित्तीय योजनाओं को सुगमतापूर्वक हासिल करें. यही हमारा प्रयास है.

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