पीड़ितो को मौत और आरोपियों को सुरक्षा देती : योगी सरकार बनी ढोंगी सरकार

योगी सरकार की मनमानी, जान नहीं जाएगी तो कार्यवाही नहीं होगी 

जब तक किसी की जान नहीं जाती, जब तक कोई रो रोकर दम नहीं तोड़ देता हमारे देश में उसकी आवाज़ को अनसुना कर दिया जाता है. अगर आपमें जान देने की हिम्मत नहीं है तो आप न्याय नहीं मांग सकते, क्युकी हमारे देश में गरीब और किसानो की जान की कीमत कुछ भी नहीं. आप एक ऐसे देश में जी रहे है जहां अगर आप अमीर या गुंडे नहीं है तो आपकी की कीमत कुछ नहीं. आप सिर्फ एक वोट की तरह जीते है और मर जाते है. और आज हमारे हिन्दुस्तान में यही हो रहा है.

UP सबसे ज्यादा लोकसभा सीटो वाला प्रदेश है, यहाँ की राम कहानी हम सदियों से सुनते आ रहे है. ये प्रदेश हर साल हर दशक केवल अपराधो की संख्या बढ़ाने में महारत हासिल कर रहा है. महिलाओ से दुष्कर्म, बलात्कार,छेड़खानी तो इतनी आम है की इस पर केवल राजनीति हो सकती है पर निवारण नहीं. योगी सरकार महिलाओ की रक्षक बनकर आई थी, मजनू पकड़ कारवाही करके थोड़े दिन का तमाशा किया लेकिन कोई भी सफलता हासिल नहीं हुई और आज भी हालात ज्यो के त्यों बने हुए है.

विधायक बना विधाता, योगी सरकार बनी तमाशबीन 

कुलदीप सेंगर और उनके भाई पर लगे आरोपों को साबित करते करते एक सामूहिक बलात्कार पीड़ित लड़की ने ना केवल अपना मान सम्मान खोया बल्कि अपने पिता को भी खो दिया. और वो भी सिर्फ इसलिए की वो एक कमज़ोर वर्ग की है, और आरोपी सरकार के ताकतवर विधायक. जब साल भर तक किसी ने युवती की मदद नहीं की तो उसे आत्मदाह के लिए मजबूर होना पड़ा. एक तरफ वो अपनी इज्ज़त गवा बैठी थी इधर उसके पिता झूठे आरोपों में जेल में थे, उन्हें भी कुलदीप सेंगर के भाई और समर्थको ने कानून का मजाक उड़ाते हुए उनकी पीट पीट कर हत्या कर दी.

जब दबाव बढ़ने लगा तब जाकर योगी सरकार ने कुलदीप सेंगर के खिलाफ पास्को एक्ट के साथ रिपोर्ट लिखी. पास्को एक्ट के तहत उस पर कार्यवाही होती है जब एक नाबालिग का बलात्कार और योन शोषण होता है. लेकिन सरकार मूक बनी बैठी है और उसकी गिरफ़्तारी नहीं हुई है, क्योंकि उन्होंने मामला CBI को सौप दिया है. हालांकि इलहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार से सीधा सवाल पूछा है की योगी सरकार विधायक की गिरफ्तारी करेगी या नहीं? उस पर पुलिस प्रशासन का कहना है की कुलदीप सेंगर आरोपी है दोषी नहीं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है.

इधर उमा भारती ने कहा है की कुलदीप सेंगर की जगह जेल में, अरे वाह बड़ी जल्दी आपको याद आ गया. उमा जी ये आपकी ही पार्टी के शूरवीर है जो ये कारनामा कर बैठे. बेटी बचाओ का नारा अब बीजेपी को बिल्कुल शोभा नहीं देता, क्युकी यहाँ रक्षक ही भक्षक बना हुआ है.

एक ओंर बेटी का बलात्कार फिर हत्या 

अभी उन्नाव गेंग रेप मामला सुलझा ही नहीं और असावा क्षेत्र में एक युवती की जली हुई लाश मिलने से हडकंप मचा हुआ है. आशंका है की उसका पहले बलात्कार हुआ और बाद में उसे जलाकर मार दिया गया. पुलिस ने पंचनामा करते हुए लाश को अपने कब्ज़े में ले लिया है और उस युवती की शिनाख्त करने की कोशिश में है.

पता नहीं कितनी बेटियों की इज्ज़त से खिलवाड़ होगा, कितनी बेटिया अपनी जान देगी? इन अपराधो का असली गुनहगार सिर्फ वो नहीं होता जो ऐसे घिनोने काम को अंजाम देता है बल्कि एक ऐसी लापरवाह सरकार और अपाहिज सिस्टम भी होता है. जाने कब तक ऐसे मुट्ठीभर नेताओ की कृत्यों की सजा एक आम आदमी भुगतेगा.

ऐसी सरकार और ऐसे अपराधियों ने भारत माँ के सीने पर खंजर घोपे है और जनता विकसित भारत के इंतज़ार में है.

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