इतिहास के नये मोड़ पर खड़े हैं “भारत-रूस” संबंध !

इतिहास का एक बहुत पुराना मुहावरा है कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों के मामले में कुछ ऐसी ही स्थितियां बनती जा रही हैं। जबसे भारत के अमेरिका के साथ रिश्ते बेहतर हो रहे हैं, लगातार दोनो देश तमाम आर्थिक और राजनीतिक समझौते कर रहे हैं, उसी क्रम में भारत और रूस के रिश्तों में सिर्फ ठंडापन रहा है बल्कि इसकी एक नयी परिणति यह देखने को मिल रही है कि रूस और पाकिस्तान के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं।

अगर याद हो पिछले साल भारत और रूस के रिश्तों को लेकर तब एक किरकिरी हुई थी, जब भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस खबर का खंडन किया कि रूस, पाकिस्तान के साथ युद्धाभ्यास नहीं कर रहा। लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय के इस दावे के एक घंटे बाद ही रूस ने पुष्टि कर दी कि वह पाकिस्तान के साथ सैन्य युद्धाभ्यास कर रहा है। इससे अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में भारत की जबरदस्त किरकिरी हुई थी। लेकिन यह एक अकेला संकेत नहीं है कि भारत और रूस के रिश्तों मंे आये ठंडेपन का फायदा रणनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को हो रहा है। इसके और भी कई पहलू सामने रहे हैं। रूस और पाकिस्तान के सैन्य संबंध इस समय सिर्फ इतिहास में सबसे अच्छे हैं बल्कि रूस ने पाकिस्तान को पहली बार बड़े पैमाने पर आर्थिक और राजनयिक सहायता भी दी है। इससे साफ पता चल रहा है कि रूस और पाकिस्तान के रिश्ते भारत की कीमत पर गर्मजोशी से ओतप्रोत हो रहे हैं।

भारत के लिए यह चिंता का विषय होना ही चाहिए। क्योंकि इतिहास गवाह है कि राजनयिक संबंधों में सच्चे दोस्त की अहमियत आपकी निजी ताकत से भी ज्यादा होती है। आजादी के बाद हिंदुस्तान पर जबजब कोई संकट आया है, रूस हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर हमारे साथ खड़ा रहा है। इसलिए महज तात्कालिक कारोबारी समीकरणों और अमेरिका से बनते बेहतर रिश्तों की कीमत पर हमें रूस के साथ अपने मजबूत रिश्तों को दांव पर नहीं लगाना चाहिए।

हालांकि भारत और रूस दोनो सार्वजनिक तौरपर इस बात को नहीं स्वीकार कर रहे कि उनके रिश्तों में किसी किस्म का ठंडापन रहा है। लेकिन जिस तरह रूस, पाकिस्तान के साथ सैन्य समझौते कर रहा है, वह इसका सबूत है। क्योंकि भारत, रूस का रणनीतिक दोस्त है, ऐसे में जब रूस और पाकिस्तान के रिश्ते मजबूत होंगे तो स्वतः भारत और रूस कि रिश्ते कमजोर होंगे। इसलिए जितना जल्दी हो भारत सरकार को पहल करके पुराने रिश्तों को नये सिरे से मजबूती देने की कोशिश करनी चाहिए।

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