VIDEO: झटके में इतना अमीर हो गया सिंगापुर, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था...

VIDEO: झटके में इतना अमीर हो गया सिंगापुर, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था...
सिंगापुर एक ऐसा आईलैंड देश है जो क्षेत्रफल के मामले में दिल्ली से भी छोटा है. इस छोटे से देश ने पूरी दुनिया में बहुत छोटे वक़्त में विकास की बेमिसाल गाथा लिखी है. जब ये देश आजाद हुआ था तब इसके पास शायद ही ऐसी कोई चीज थी जिससे यह देश अपनी गरीबी से छुटकारा पा सके. सिंगापुर के पास न तो खेती योग्य जमीन थी और न ही खनिज संपदा. यहां कि अधिकतर जनसंख्या भी झुग्गियों में रहती थी. लेकिन आज ये एक ऐसा देश है जहां के लोगों की औसत सैलरी दुनिया में तीसरे नंबर की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मोबिलिटी, सेहत, सुरक्षा और उत्पादकता के मामले में सिंगापुर दुनिया में सबसे आगे है. वहीं बीते पांच सालों से दुनिया का सबसे महंगा शहर भी रहा है. यहां जानिए सिंगापुर ने इतनी कमाई कैसे की..... लोकेशन सिंगापुर की सूरत बदलने में इस देश की लोकेशन का भी एक बड़ा योगदान है. ये देश एशिया और यूरोप के बीच  स्थित है जहां से दुनिया का 40 फीसदी समुद्री व्यापार होकर गुजरता है. जिससे इस देश को भारी कमाई होती है. इसकी 190 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा पर कई गहरे पानी वाले बंदरगाह हैं. शिक्षा पर खर्च किया पैसा यही नहीं, ली कुआन यी की सरकार ने शुरुआत से ही सिंगापुर में रहने वाली मिश्रित आबादी को शिक्षित करने और मानव संसाधन पर पैसा खर्च किया. फिलहाल, सिंगापुर को दुनिया का आर्थिक अड्डा माना जाता है क्योंकि सिंगापुर के बैंक वैश्विक स्तर की सेवाएं देने में सक्षम हैं. पर्यटक साल 2017 की ग्लोबल फाइनेंस सेंटर इंडेक्स में सिंगापुर को लंदन और न्यूयॉर्क के बाद तीसरे सबसे प्रतिस्पर्धी आर्थिक केंद्र का दर्जा दिया गया. सिंगापुर सरकार के मुताबिक, साल 2017 में एक करोड़ 74 लाख अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों ने सिंगापुर का भ्रमण किया था जो कि सिंगापुर की कुल जनसंख्या की तीन गुना है. आम लोगों की आमदनी सिंगापुर में रहने वाले कई प्रवासी इस देश के महंगाई स्तर से खुद को इतना प्रभावित नहीं मानते हैं क्योंकि सिंगापुर में लोगों की आमदनी दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर है. सिंगापुर सरकार के मुताबिक, सिंगापुर में अपना घर खरीदने वाले 100 में से 90.7 है. सिंगापुर की सफलता की बात जब-जब की जाती है तो पूर्व प्रधानमंत्री ली कुआन यी की एक बात को याद किया जाता है. ली ने एक बार कहा था, "आखिर मुझे क्या मिला? एक सफल सिंगापुर. बदले में मैंने क्या दिया? मेरा जीवन.' इंटरनेशनल कंपनियां ली ने अरब देशों से घिरे इजराइल के मॉडल को माना. उनका कहना था कि इजराइल की तरह, हमें भी छलांग लगाकर अन्य देशों को पीछे छोड़ना है और इंटरनेशनल कंपनियों को आकर्षित करना है. वह चीन के साथ अच्छे संबंधों के महत्व को समझते थे. चीनी नेता देंग जियाओपिंग के साथ अपनी दोस्ती से उन्हें मदद मिली. भ्रष्टाचार का खात्मा देंग ने 1978 में सिंगापुर का दौरा किया और ली की आर्थिक नीतियों की प्रशंसा की, ली भी देंग के जरिए चीन में किए गए सुधारों से प्रभावित हुए थे. सिंगापुर में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ली ने नए उपाय किए और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कम लागत के आवास और इंडस्ट्रइयलाइजेशन के कार्यक्रम की शुरूआत की. दोस्तों, कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताएं कि भारत में सिंगापुर जैसा विकास किस शहर का हो सकता है?