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ज्यादातर सफल लोग डाउन टू अर्थ क्यों हैं?

इंसान का शांत दिमाग काफी फायदेमंद साबित होता है. इंसान का दिमाग जितना शांत रहेगा वो उतना ही ज्यादा सही विचार सोच पाएगा और तनाव से दूर रह सकेगा.

सफल हर कोई इंसान होना चाहता है लेकिन सफलता इतनी आसनी से मिलनी वाली चीज नहीं है. सफलता हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर तक लगाना पड़ जाता है. कई बार लोगों की पूरी उम्र सफलता हासिल करते हुए कट जाती है. और जब सफलता हासिल होती है तो उसका आनंद ही कुछ और होता है. हालांकि कई लोग ऐसे होते हैं जो सफलता हासिल होने पर सातवें आसमान पर पहुंच जाते हैं और अपनी सफलता का काफी हल्ला करते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो चुप-चाप अपने काम में लगे रहते हैं. ऐसे लोग खुद नहीं शोर करती बल्कि उनकी सफलता शोर मचाती है. ऐसे लोग सफलता हासिल होने के बाद भी जमीन से जुड़े रहते हैं.

भारत में भी कई ऐसी हस्तियां हुईं है जो अपनी जिंदगी में काफी सफल हुए हैं लेकिन फिर भी उनके पांव जमीन पर ही रहे. इनमें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलामरतन टाटा और मुकेश अंबानी सरीखे लोग शामिल हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि सफल होने के बाद भी ये लोग जमीन से कैसे जुड़े रहेआइए आज इसी के बारे में बात करते हैं....

हर सफलता प्राप्त शख्स को शुरुआती दौर में असफलता भी हाथ लगती है. एपीजे अब्दुल कलामरतन टाटा और मुकेश अंबानी जैसी हस्तियों ने अपनी जिंदगी में काफी संघर्ष किया है. उस संघर्ष के कारण ही इन लोगों की सफलता के किस्से आज सांतवे आसमान पर है. असल मायनों में इंसान की जिंदगी में संघर्ष की कहानियां जितनी ज्यादा होगी वो इंसान उतना ही शांत और जमीन से जुड़ा होगा. क्योंकि जिंदगी के शुरुआती दौर में ही वो इंसान असफलता हासिल कर चुका है और असफलता से सहनशीलता का गुण भी सिख चुका होता है.

दोस्तोंगरीबी इंसान को काफी कुछ सीख दे देती है. इंसान की परवरिश अगर गरीबी में हुई होती है तो उसके अंदर जिंदगी में कुछ कर गुजरने की ललक जाग उठती है. इसी ललक के कारण इंसान सिर्फ सफलता के बारे में सोचता है और उसी के मुताबिक कदम उठाता है. गरीबी के कारण भी कई लोग काफी डाउन टू अर्थ होते हैं और जब इंसान गरीबी से निकलकर सफलता हासिल करता है तो ये डाउन टू अर्थ का गुण भी उसमें बना रहता है.

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दोस्तोंइंसान का शांत दिमाग काफी फायदेमंद साबित होता है. इंसान का दिमाग जितना शांत रहेगा वो उतना ही ज्यादा सही विचार सोच पाएगा और तनाव से दूर रह सकेगा. तनाव से दूरी के कारण इंसान को सफलता भी हासिल हो जाती है. जिसके कारण भी इंसान सक्सेसफुल हो जाने के बाग जमीन से जुड़ा रहता है. इंसान में तनाव जितना कम होगा वो उतनी ही ज्यादा डाउन टू अर्थ होगा.

दोस्तोंइंसान की परवरिश भी काफी मायने रखती है. इंसान की परवरिश ही काफी हद तक उसका स्वभाव निर्धारित कर देती है. ओर इसी स्वभाव में ही जमीन से जुड़े रहने का गुण भी आ जाता है. रतन टाटामुकेश अंबानीएपीजे अब्दुल कमाल जैसी हस्तियों की परवरिश सही होने के कारण ही ये लोग काफी जमीन से जुड़े हुए लोगों में गिने जाते हैं.