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जेड प्लस, जेड, वाई और एक्स सुरक्षा क्या है?

हर इंसान की सुरक्षा काफी मायने रखती है. आम लोगों के अलावा हर देश में ऐसी कोई न कोई बड़ी शख्सियत भी होती है जिनको जान के नुकसान का खतरा रहता है. इन शख्सियतों में केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज, मशहूर नेता और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं. देश के बड़े पदों पर बैठे लोगों की सुरक्षा भी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है. हालांकि देश के जरिए पद में बड़े लोगों को सुरक्षा भी मुहैया करवाई जाती है. देश में दिग्गज नेताओं, बड़े अधिकारियों और खास शख्सियतों को सरकार की तरफ से अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है. कोई शख्स ज्यादा महत्वपूर्ण है और उसका पद काफी बड़ा है तो उसकी सुरक्षा उसी आधार पर तय की जाती है. वहीं किसी शख्स का पद थोड़ा हल्का है और जान का ज्यादा खतरा नहीं है तो उसे उस आधार पर सुरक्षा दी जाएगी. भारत में केंद्र सरकार इसका फैसला करती है कौनसे शख्स को किस कैटेगरी के हिसाब से सुरक्षा मिलनी है. लेकिन दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि देश में कितने प्रकार की सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है. नहीं जानते ना... तो आइए आज हम आपको बतातें हैं कि देश में कितने प्रकार की सुरक्षा बड़ी शख्सियतों को दी जाती है. लेकिन उससे पहले दोस्तों, अगर आपने हमारे चैनल को अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया है तो जल्दी से सब्सक्राइब जरूर कर लें.

दोस्तों, भारत में नेताओं या बड़ी शख्सियतों को मुख्य तौर पर चार प्रकार की सुरक्षा दी जाती है. इन चार प्रकार की सुरक्षा को जेड प्लस, जेड, वाई और एक्स श्रेणी में बांटा गया है. किसी नेता या अधिकारी को कौनसी सुरक्षा प्रदान करनी है, ये इसी श्रेणी के आधार पर तय किया जाता है. देश में VIP सुरक्षा का ध्यान रखकर ये सुरक्षा प्रदान की जाती है. किसी राजनीतिक व्यक्ति को या किसी खास व्यक्ति को यह सुरक्षा दी जाती है. किसी VIP पर खतरा ना हो इसके लिए यह सुरक्षा दी जाती है. इनमें से कुछ को Z Plus सुरक्षा मिलती है तो कुछ को Z श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है. वहीं कुछ लोगों को Y और X कैटेगरी की सुरक्षा मिलती है. इन सुरक्षा श्रेणी में विभाजन का मुख्य आधार सुरक्षा में लगने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या, सुरक्षा के मानक और गुणवत्ता है. 

दोस्तों, सुरक्षा के लिहाज से इन चार श्रेणियों Z Plus, Z, Y और X में जिन पुलिस और कमांडो को चुना जाता है वो भारत के मुख्य सेनाओं के जवान होते है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए ही इनकी नियुक्ति की जाती है. इन चारों श्रेणियों के जवान SPG यानी Special Protection Group, NSG यानी National Security Guard, ITBP  यानी Indo- Tibetan Border Police और CRPF यानी Central Reserve Police Force से चुना जाता है.  Z Plus, Z, Y और X कैटेगरी की सुरक्षा में SPG, NSG, ITBP और CRPF के जवना ही होते हैं. अब दोस्तों, आइए आपको बताते हैं कि इन श्रेणी में कितने-कितने जवान शामिल होते हैं लेकिन उससे पहले दोस्तों, अगर आप किसी स्पेशल टॉपिक पर कोई वीडियो देखना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में कमेंट कर उस टॉपिक का नाम जरूर बताएं.

Z Plus
जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देश की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है. यह वीवीआईपी श्रेणी की सुरक्षा मानी जाती है. सभी प्रकार की सुरक्षा मानकों में इसे सबसे मजबूत और सुरक्षित माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि जेड प्लस सुरक्षा के बीच परिंदा भी पर नहीं मार सकता. इस तरह की सुरक्षा अति महत्वपूर्ण और सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील व्यक्ति को प्रदान की जाती है. इस श्रेणी की सुरक्षा में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. इसमें एनएसजी और एसपीजी के कमांडो शामिल रहते हैं. इस सुरक्षा में पहले घेरे की जिम्मेदारी एनएसजी की होती है जबकि दूसरी परत एसपीजी कमांडो की होती है. इसके अलावा आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान भी जेड प्लस सुरक्षा श्रेणी में शामिल रहते हैं. Z Plus सुरक्षा प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री के अलावा बेहद खास और बड़ी शख्सियतों को मिलती है. इसमें इन्हें SPG कमांडो सुरक्षा कवच प्रदान करते है. जेड प्लस सुरक्षा में सुरक्षाकर्मी वीवीआईपी शख्स को अंग्रेजी अक्षर ‘Z’ के रणनीति के तहत सुरक्षा घेरे में रखे रहते हैं और किसी भी तरह की खतरे की स्थिति में हमला होने के साथ ही सुरक्षाकर्मी VIP को सुरक्षित स्थान तक पहुंचा देते हैं.

Z
जेड प्लस सिक्योरिटी के बाद जेड सिक्योरिटी की जगह आती है. इस सुरक्षा कैटेगरी को भी सुरक्षा के लिहाज से काफी मजबूत माना जाता है. वर्तमान में भारत के विभिन्न अति महत्वपूर्ण व्यक्ति को जेड सिक्योरिटी हासिल है. जेड श्रेणी की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मियों की संख्या 22 होती है. इस श्रेणी में आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान और अधिकारी सुरक्षा में लगाए जाते हैं. इस श्रेणी की सुरक्षा में एस्कॉर्ट्स और पायलट वाहन भी दिए जाते हैं. इसमें भी अंग्रेजी अक्षर ‘Z’ की रणनीति के तहत सुरक्षा दी जाती है. 22 सुरक्षाकर्मी सदस्यों में से 5 एनएसजी कमांडो होते हैं और बाकी दिल्ली पुलिस, ITBP, CRPF के चुनिंदा जवान होते हैं. इस सुरक्षा में भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा पाना लगभग असंभव है.

Y
सुरक्षा मानको में Y कैटेगरी की सुरक्षा को तीसरा स्थान हासिल है. वर्तमान में भारत के कई VVIP और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील व्यक्ति को यह सुरक्षा प्रदान की गई है. वाई सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. जिनमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफीसर्स यानी पीएसओ शामिल होते हैं.

X
एक्स सुरक्षा को सुरक्षा कैटेगरी में चौथा स्थान मिला है. वर्तमान में भारत के कई VVIP को यह सुरक्षा हासिल है. एक्स कैटगरी में 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिनमें एक पीएसओ शामिल होता है. साथ ही इसमें एक कमांडो भी शामिल हो सकता है.

दोस्तों, इन चार श्रेणियों में से सुरक्षा हासिल करने के लिए सरकार को पहले अर्जी देनी होती है. जिसके बाद सरकार खुफिया एजेंसी के जरिए होने वाले खतरे का अनुमान लगाती है और खतरे की सूचना सही होने पर सुरक्षा देती है. Home Secretary, Director General और Chief Secretary की कमेटी के जरिए यह तय किया जाता है कि किसी इंसान को कौनसी कैटेगरी की सुरक्षा दी जानी है.

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