VIDEO: भारत की इस एक मिसाइल से पाकिस्तान तबाह हो सकता है?

VIDEO: भारत की इस एक मिसाइल से पाकिस्तान तबाह हो सकता है?
14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच सरहदों पर माहौल काफी तनावपूर्ण है. ऐसे में भारत ने आतंकियों से बदला लेने के लिए एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया. जिसके बाद से भारतीय सेना अलर्ट है. एयरस्ट्राइक के साथ-साथ थल सेना के जवानों ने भी आतंकियों के खात्मा के लिए अपनी कमर कस ली हैं. इंडियन आर्मी के पास जो तकनीक और हथियार है उनके आगे पाकिस्तान की सेना और आतंकी दोनों के नापाक इरादे फेल जो जाएंगे. ऐसे में यहां जानते हैं भारतीय आर्मी की ताकत के बारे में, जिसके आगे पाकिस्तान की सेना और आतंकी खड़े होने का दम खम भी नहीं रखते हैं. भारतीय आर्मी का सबसे अहम उद्देश्य बाहरी खतरों के खिलाफ भारत की एकता की रक्षा करना है. भारतीय थल सेना की हालत हथियारों के मामले में बहुत मजबूत है और भारत के पास कई ऐसे हथियार हैं, जो दुश्मन देश के कुछ ही देर में अपने घर में बैठे-बैठे ही छक्के छुड़ा सकती है. आइए जानते हैं भारतीय थल सेना के ऐसे ही कुछ मिसाइली हथियारों के बारे में जो देश को मजबूती देते हैं... भारत के पास टी90एस जैसे टैंक्स हैं, जो 125 एमएम गोले दागता है और इससे एंटी टैंक मिसाइल से भी फायर की जा सकती है. साथ ही इसमें 12.7 एमएम वाली मशीन गन भी लगी होती है, जो कि ऑटोमैटिक नहीं होती, इसे रिमोट से कंट्रोल किया जाता है. ब्रह्मोस मिसाइल कम दूरी की रैमजेट सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है. इसकी खासियत ये है कि इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है. इस मिसाइल मे भारत को मिसाइल तकनीक में काफी आगे लाकर खड़ा कर दिया है. दोस्तों, अगर आप आतंकवाद के खिलाफ हैं तो कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जय हिंद जरूर लिखें. नामिका यानी नाग जैसी टैक्नोलॉजी बहुत कम देशों के पास है. यह एक टैंक की तरह होता है, जिससे मिसाइल दागी जाती है. इसमें 8 मिसाइलों के बराबर क्षमता होती है. यह टारगेट सेट करने के बाद सटीक वार करती है और दुश्मन के ठिकानों को खत्म कर देती है. इसकी रेंज कम होती है, लेकिन यह दुश्मन के प्लान को पहले ही खत्म कर देती है. यह रात और पानी में टारगेट सेट करके वार कर सकता है. बीएमडी प्रोग्राम कम रेंज की मिसाइलों के लिए बहुत ही खतरनाक हथियार है. इससे पृथ्वी एयर डिफेंस और एडवांस्ड एयर डिफेंस के साथ ग्रीन पाइन रडार के साथ काम करता है. यह कई किलोमीटर तक दुश्मन की मिसाइलों को रोकने का काम करता है. यह 80 से 2000 किलोमीटर की रडार में दुश्मन की मिसाइलों को खत्म करता है. वहीं पिनाका रॉकेट लॉन्च करने के काम आता है. 40 किलोमीटर की रेंज तक गोले दागने वाला यह हथियार 12 रॉकेट दाग सकता है. हाल ही में इसमें और भी बदलाव किए गए हैं, जिससे यह 65 किलोमीटर तक भी वार कर सकता है. इसकी खास बात ये है कि यह अमेरिका के एम270 से बहुत सस्ता है और उससे ज्यादा प्रभावशाली है. बता दें कि भारतीय सेना हर साल करीब 5000 रॉकेट का निर्माण करती है और 15 बैटरियां ऑर्डर करती है.