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गिद्धों के विलुप्त होने का ये कारण सबसे बड़ा है...

गिद्ध, आप लोगों ने इस पक्षी का नाम कहीं न कहीं तो सुना ही होगा और शायद देखा भी हो. अगर आपने नहीं देखा तो अब शायद ही आप उसे देख पाए क्योंकि गिद्ध नाम के पक्षी दुनिया से विलुप्त होने की कगार पर हैं, खैर आपको बता दें कि हम उस पक्षी की बात कर रहे हैं जिसका वर्णन भारत के पौराणिक महाकाव्य रामायण में किया गया है. जहां रावण के चंगुल से सीता माता को बचाने के दौरान गिद्धों के राजा जटायु ने अपनी जान गंवा दी थी.

गिद्ध एक मुर्दाखोर पक्षी होते हैं जो बड़े पशुओं के शवों को खाते हैं और इसलिए पर्यावरण को साफ करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. हालांकि ये बात सही है कि गिद्धों को सड़ा हुआ मांस और मृत पशुओं को खाने के लिए जाना जाता है, लेकिन सभी गिद्ध केवल सड़ा हुआ मांस नहीं खाते हैं, पाम नट वल्चर नामक गिद्ध कई तरह के अखरोट, अंजीर, मछली और कभी-कभी पक्षियों को भी खाते हैं. कंकालों के मुकाबले इसे कीड़े और ताजा मांस पसंद है. इन्हें इनकी बुलंद उड़ान के कारण भी जाना जाता है, ये अपने भोजन के लिए काफी दूर तक उड़ान भर सकते हैं.

पिछले एक दशक में भारत, नेपाल, पाकिस्तान में इनकी संख्या में 95 प्रतिशत की कमी आई है. भारत में गिद्धों की 9 प्रजातियां पाई जाती है, जिनमें से 4 विलुप्त होने की सूची में है. गिद्धों के विलुप्त होने के कुछ महत्वपूर्ण कारण भी हैं...

1. गिद्धों के विलुप्त होने का मुख्य कारण है, डिक्लोफेनाक नामक दवा का पशुओं को दिया जाना. पशुओं को यह दवा उन्हें दर्द से बचाने के लिए दी जाती है. यह दवा पशुओं में मरने के बाद भी रहती है, डिक्लोफेनाक संदूषित मांस का सेवन करने से गिद्धों के गुर्दे काम करना बंद कर देते है और उनकी मौत हो जाती है.

2. कीटनाशक प्रदूषण भी गिद्धों की मौत का एक कारण है. क्लोरीन युक्त हाइड्रोकार्बन डीडीटी यानी डाइक्लोरो डाइफिनाइल ट्राईक्लोरोइथेन का प्रयोग कीटनाशक के तौर पर किया जाता है. यह कीटनाशक एस्ट्रोजन हार्मोन की गतिविधि को प्रभावित करता है. जिससे गिद्धों की मौत हो जाती है.

3. नियमों को ताक पर रखकर हो रहे शिकार, महामारी, प्राकृतिक आवासों का विनाश होना भी गिद्धों के विलुप्त होने का एक अहम कारण है.

गिद्धों को पर्यावरण का प्राकृतिक सफाईकर्मी माना जाता है तो इनके विलुप्त होने से आवारा कुत्तों और चूहों के जरिए रेबीज जैसी बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ जाएंगी. गिद्ध एक ऐसा पक्षी है जिसकी खानपान की आदतें पारिस्थिति की तंत्र या ईको सिस्टम के लिए बेहद जरूरी हैं. हालांकि गिद्ध को उसके काम का श्रेय शायद ही कभी दिया जाए. गिद्धों का इतनी तेजी से विलुप्त होना एक गंभीर चिंता का विषय है. हालांकि गिद्धों को बचाने के लिए लोगों में जागरूकता लानी होगी.

गिद्धों के विलुप्त होने में हमारी इच्छाओं का भी दोष है. हम चाहते हैं कि हमें तेज से तेज इंटरनेट और फोन में सिगनल मिलें. इसके लिए कंपनियां तेज इंटेंसिटी वाले टॉवर लगाती हैं, जिसकी रडार और वेव के कारण पक्षियों और गिद्ध उड़ान भरने में दिक्कत महसूस करते हैं और उनकी मौत हो जाती है. ऐसे में हमे उनका बचाव करना होगा. दोस्तों, कमेंट कर जरूर बताएं कि गिद्ध का रंग कैसा होता है.