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संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दे पर बयान देने पर भारत ने मलेशिया और तुर्की की बोलती बंद की

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे का राग अलापा। जिसपर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने उन्हें आड़े हाथ लिया। पाकिस्तान को तो छोड़िए, जब मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने इस मुद्दे पर बयान दिया तो रवीश कुमार ने उनको भी जमकर फटकार लगाई।

Friends, इस साल के August महीने में मोदी सरकार ने एक ऐसा बड़ा कदम उठाया जो ऐतिहासिक बन गया। यह एक ऐसा फैसला था, जिसे लगभग-लगभग असंभव माना जा रहा था। विवादित मुद्दा होने के चलते देश की राजनीति में अभी तक किसी भी पार्टी ने इसपर फैसला लेने की हिम्मत नहीं की। लेकिन 2019 में लोकसभा चुनाव जितकर दुबारा सत्ता में आई मोदी सरकार ने इस कठिन कदम को आखिर उठाया। दोस्तों, यहाँ हम बात कर रहें है कश्मीर से हटी धारा 370 की कहानी पर।

दरअसल, ये मुद्दा इतना complicated है कि आजतक इसपर चर्चाएँ चल रही है। कोई- न- कोई देश और उसका नेता इस topic के आते ही अपनी प्रतिकृया जाहीर कर देता है। हालांकि, कश्मीर से धारा 370 हटाने पर मोदी सरकार को देश भर से बहुतायत में समर्थन हासिल हुआ था। लेकिन कुछ ऐसे भी पार्टियां थी, जिन्होंने जमकर इसका विरोध किया था। इस बिल को लेकर सबसे ज्यादा समस्या तो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में चल रही है। जिसे कदम-कदम पर बस मौका चाहिए कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए।

अभी जल्द ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे का राग अलापा। जिसपर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने उन्हें आड़े हाथ लिया। पाकिस्तान को तो छोड़िए, जब मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने इस मुद्दे पर बयान दिया तो रवीश कुमार ने उनको भी जमकर फटकार लगाई। तो सबसे पहले जानते है कि आखिर महातिर मोहम्मद ने ऐसा क्या कह दिया था?

दरअसल, मलेशियाई प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में बयान दिया था कि जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बावजूद देश पर हमला किया गया है और कब्जा कर लिया गया हैभारत को चाहिए कि वह पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करे और इस समस्या का समाधान करे। ठीक इसी तरह कश्मीर मुद्दे पर तुर्की ने भी अपना विरोध जाहिर किया।

तुर्की के राष्ट्रपति ने बयान दिया कि जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बावजूद आठ लाख लोग कैद में हैं। इस बयान पर गंभीरता दिखाते हुए रवीश कुमार ने कहा कि कोई भी बयान देने से पहले जमीनी हकीकत को अच्छे से जान लेना बेहद ज़रूरी होता है। साथ ही उन्होंने कश्मीर मुद्दे को देश का आंतरिक मामला भी करार दिया। जहां तक मलेशियाई प्रधानमंत्री के बयान की बात है, उसपर रवीश कुमार बोले कि मलेशिया को भी बयानबाजी करने से पहले मित्रतापूर्ण रिश्तों को ध्यान में रखना चाहिए

तुर्की और मलेशिया के अलावा भारत ने यही बात अमेरिका को भी अच्छे से समझा दी थी। अगर आपको याद हो कि किस तरह अपनी अमेरिका यात्रा पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे पर Donald Trump से मध्यस्थता की मांग की थी। जिसपर Donald Trump ने भी हामी भर दी थी। Trump ने उस दौरान इमरान खान को एक झूठ ये भी बोला था कि “ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान कश्मीर मुद्दे पर खुद पीएम मोदी ने उनसे मध्यस्थता की पेशकश की थी”। जिसके बाद पूरे भारत में इस बयान का विरोध हुआ था। हालांकि, अपने गलत बयान के कारण खुद अमेरिका को बाद में झुकना पड़ा था। वैसे दोस्तों, भारत एक बार नहीं बल्कि कई बार इस बात को साफ कर चुका है कि कश्मीर मुद्दा देश का एक आंतरिक मामला है। फिर भी ये बात कुछ लोगों के पल्ले नहीं पड़ती दिखती। पाकिस्तान इस बात को कब समझेगा, इसकी कोई guarantee देना अभी सही नहीं होगा, पर भारत वक़्त- वक़्त पर बाकी मुल्कों के मुंह पर ताला लगाते आया है।

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